UP News: पंचायत, चिट्ठी फिर रेप केस से एक्सीडेंट तक… कुलदीप सेंगर की बेटी ऐश्वर्या ने दिए इन सवालों के जवाब – INA


उन्नाव रेप केस में पीड़िता को बड़ी राहत मिल गई है. दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले, जिसमें कुलदीप सेंगर को राहत मिली थी उस पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है. इससे फिलहाल सेंगर के जेल से निकलने पर विराम लग गया है. उधर, पीड़िता का कहना है कि वो अपनी लड़ाई तब तक जारी रखेगी जब तक कुलदीप सेंगर को फांसी नहीं हो जाती. इस पूरे मामले पर कुलदीप सेंगर की बेटी ऐश्वर्या ने टीवी9 भारतवर्ष से बातचीत की. आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहा.
सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाई है, इस पर आपका क्या कहना है? इस सवाल पर ऐश्वर्या कहती हैं, देखिए, हम न्यायालय का सम्मान करते हैं. आगे भी करते रहेंगे. हमारी जो लड़ाई है वो हम न्यायालय से ही जीत के आएंगे क्योंकि हमारे सबूत इतने पुख्ता हैं. हमें अपने सबूतों पर पूरा विश्वास है. मैं ये जरूर कहना चाहूंगी कि हमारे साथ ऐसा नहीं है कि जब न्यायालय से फैसला हमारे विपक्ष में आए तो हम ना उसको स्वीकारें और न्यायालय पर इल्जाम लगाने लगे.
हमें लीगल ग्राउंड्स पर ही राहत मिली
उन्होंने कहा, जब नीचे की अदालत ने सजा सुनाई तो भी हमने उसको स्वीकार किया. जो हमें हाईकोर्ट से राहत मिली वो भी लीगल ग्राउंड्स पर ही मिली और हम आगे भी आशा करते हैं कि सुप्रीम कोर्ट हमारे सारे पॉइंट्स को अपने मद्देनजर रखेगा और हमें सुप्रीम कोर्ट से भी राहत जरूर मिलेगी.
पीड़िता आरोप लगा रही है कि उसके पिता को जेल में मरवा दिया कुलदीप सेंगर ने, उसकी चाची और मौसी को एक्सीडेंट में मरवा दिया, इस पर क्या कहना है? इसके जवाब में ऐश्वर्या कहती हैं, मैं बहुत खुश हूं कि आपने ये सवाल पूछा है क्योंकि ये जो चाची और मौसी को मरवा दिया वाली बात आती है, ये जो एक्सीडेंट वाली बात आती है ये सरासर झूठ है. मेरे पिता एक्सीडेंट केस में डिस्चार्ज हो चुके हैं.
वो महज एक नेचुरल एक्सीडेंट था
उन्होंने कहा, सिर्फ सीबीआई नहीं, आईआईटी दिल्ली और सीएफएसएल की टीम ने फॉरेंसिक एग्जामिनेशन की थी. उन्होंने पाया कि वो महज एक नेचुरल एक्सीडेंट था. तो ये कहना कि मेरे पिता ने एक्सीडेंट कराया था, ये बेहद गलत है. आज भी मैं देख रही हूं कि हर जगह चलाया जा रहा है कि उन्होंने एक्सीडेंट करा दिया, जबकि हम उस केस में बाइज्जत डिस्चार्ज हो चुके हैं. मतलब हम पर चार्जेस बनते ही नहीं हैं उस केस में.
ऐश्वर्या ने कहा, रही बात मेरे पिता पर जो दूसरा इल्जाम लग रहा है, मैं बताना चाहूंगी कि जो इस केस में चार्जशीट रजिस्टर हुई थी, पहले जब सीबीआई ने चार्जशीट रजिस्टर की तो उसमें मेरे पिता का कहीं नामोनिशान नहीं था. मतलब मेरे पिता पर 302 का कभी मुकदमा लिखा ही नहीं गया था. ये जब केस दिल्ली ट्रांसफर होकर आया तो यहां पर कोर्ट ने अपनी मर्जी से दो चार्जशीटें क्लब कीं. उसके बाद मेरे पिता पर यह मुकदमा चलाया गया.
कोई गैर इरादतन हत्या की साजिश करता है!
सेंगर की बेटी ने कहा, मेरे पिता पर 302 का मुकदमा कोई भी नहीं है. जो दूसरे केस में उनको सजा भी हुई है वो 120B, 304 पार्ट टू मतलब गैर इरादतन हत्या की साजिश करने के लिए हुई है. यह आपको सुनने में भी अजीब लगेगा कि कोई गैर इरादतन हत्या की साजिश करता है. इसमें अन्य भी कई तथ्य हैं जो वक्त आने पर मैं दिखाऊंगी भी और बताऊंगी भी. तो ये कहना कि हमने उनको कभी भी किसी भी प्रकार का नुकसान पहुंचाया है बहुत ही सरासर गलत है.
ऐश्वर्या ने कहा, मैं बहुत जिम्मेदारी से ये कहना चाहती हूं कि मेरे पिता ने कभी भी उनके परिवार को किसी भी प्रकार का कोई भी नुकसान नहीं पहुंचाया है. वो हर बार यही करते हैं. वो चिल्लाते हैं, अफवाहें उड़ाते हैं और संस्थाओं पर प्रेशर बनाते हैं. ये उनका पुराना काम रहा है लेकिन मैं आधार पर सबूतों के हिसाब से बोल रही हूं. मुझे पहले लगता था कि सच को शोर मचाने की जरूरत नहीं है लेकिन इस मुकदमे में जब मैंने देखा कि इस तरह की चीजें चल रही हैं तो मुझे लगा कि मेरा बोलना अब बहुत ही जरूरी हो गया है.
उन्नाव गैंगरेप केस एक अलग मुकदमा
पीड़िता कह रही है कि हमारे साथ गैंगरेप हुआ है, 30 हजारी कोर्ट ने माना भी है, इस पर आपका क्या कहना है? इसके जवाब में उन्होंने कहा, मैंने भी कई जगह चलते हुए देखा है ‘उन्नाव गैंगरेप केस’. मैं यह बताना चाहती हूं कि उन्नाव गैंगरेप केस एक अलग मुकदमा है. उसमें मेरे पिता का नाम नहीं है. यह घटना 11 जून की है. ये जो पीड़िता हैं वो बताती हैं कि 11 जून को शशि सिंह और उनकी बेटी निधि सिंह ने मुझे फोन करके बुलाया, जिसके बाद तीन लड़के हैं, नरेश तिवारी, बृजेश यादव और शुभम सिंह ने मेरे साथ गलत काम किया.
ऐश्वर्या ने बताया, शुभम सिंह शशि सिंह के बेटे हैं. ये बयान पीड़िता पुलिस को 21 तारीख को देती हैं. यही सेम बयान 22 तारीख को जुडिशियल मैजिस्ट्रेट के सामने देती हैं. अभी तक इस मुकदमे में ना 4 तारीख की घटना की कोई बात करती हैं ना ही कुलदीप सिंह सेंगर की कोई बात करती हैं. उसके बाद गांव में एक पंचायत बुलाई जाती है जहां पर इनके चाचा प्रेशर बनाते हैं.
शुभम सिंह इनका हम उम्र भी है और सेम जाति से दोनों आते हैं. पंचायत में मांग की गई कि शुभम की और पीड़िता की शादी करा दी जाए. इनके चाचा यह प्रस्ताव रखते हैं. शशि सिंह जो कि शुभम की मां है, वो साफ तौर पर मना कर देती हैं. कहती हैं कि मैं यह शादी नहीं कर पाऊंगी. उसके बाद पीड़िता शशि सिंह, उनकी बेटी के ऊपर, शुभम सिंह और बाकी दो अन्य लोगों के ऊपर मुकदमा लिखवा देती हैं.
मेरे पिता ने कोई पंचायत नहीं कराई थी
उन्होंने बताया, गांव की पंचायत में मेरे पिता भी एक हिस्सेदार थे. मेरे पिता ने कोई पंचायत नहीं कराई थी. उन्होंने इस चीज का साफ विरोध किया था कि जो भी मुकदमे आप लिखा रहे हैं, उसमें किसी की मां और किसी की बेटी को ना फसाया जाए. उन्होंने शशि सिंह और निधि सिंह के लिए आवाज उठाई. उसी के बाद पीड़ित परिवार हमसे रुष्ट हो गया. इनकी पुरानी रंजिश हमसे चल ही रही थी.
ऐश्वर्या ने कहा, एक जिम्मेदार नागरिक होने के कारण मेरे पिता ने ये बात रखी कि महिलाओं को रेप जैसे मुकदमे में गलत तरह से ना फंसाया जाए. इस केस में जब चार्जशीट आती है तो उसमें शशि सिंह और उनकी बेटी का नाम नहीं होता है. इसके बाद बदले की भावना से 17 अगस्त 2017 को पहली बार पीड़िता सीएम उत्तर प्रदेश को चिट्ठी लिखती हैं.
उन्होंने कहा, उस चिट्ठी में बहुत ही इंटरेस्टिंग बात ये है कि पहली बात तो इन्होंने इस चिट्ठी में समय लिखा है कि मेरे साथ कुलदीप सिंह सेंगर ने भी रेप किया था. वो भी 4 जून 2017 को. मैं आपको बता ही चुकी हूं कि 22 को ये अपने 164 का बयान देके आई हैं. तब तक इन्होंने मेरे पिता की कोई भी बात वहां तक नहीं की थी. इन्होंने मेरे पिता का नाम कहीं पे भी नहीं लिया था उसमें.
आप चली जाएंगी उसके साथ?
अब एक और हैरानी वाली बात ये है कि अगर 11 तारीख को कोई महिला आपको नौकरी का झांसा देकर फोन करके बुलाती है, 4 तारीख को आप कहते हो वही महिला नौकरी का झांसा देकर उसने फोन करके मुझको बुलाया और वो मुझे कुलदीप सिंह सेंगर के पास ले गई, तो क्या ये बात आपको लॉजिकली कहीं सही लग रही है? अगर कोई महिला आपको नौकरी का झांसा देकर 4 तारीख को लेकर गई है उसके बाद क्या वो 11 तारीख को सेम झांसा देकर बुलाएगी, आप चली जाएंगी उसके साथ?
शशि सिंह के बारे में बताना चाहूंगी कि हम पर जो मुकदमा बताया बनाया गया वो ये बनाया गया कि हमने क्रिमिनल कॉन्स्पिरेसी की है. मैंने और शशि सिंह ने और उन्होंने जिसका मकसद ये था कि वो नौकरी का झांसा देकर इनको मेरे (कुलदीप सेंगर) पास लेकर आएंगी और वहां इनके साथ ये गलत काम होगा. शशि सिंह को ट्रायल कोर्ट ने ही बरी कर दिया है. ये मानते हुए कि ना मेरी कोई फोन कन्वर्सेशन है उनके साथ, ना 4 तारीख की ना उसके पहले ना उसके बाद में. कोर्ट ने शशि सिंह को छोड़ दिया तो हमारे (सेंगर) पास लेकर कौन आया? तो इनकी कहानी तो पहले ही आधी झूठ हो चुकी है.
पंचायत, चिट्ठी फिर रेप केस से एक्सीडेंट तक… कुलदीप सेंगर की बेटी ऐश्वर्या ने दिए इन सवालों के जवाब
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