UP News: शंकराचार्य पर सियासी बवाल, अखिलेश- अहंकार में आदमी ऐसा ही बोलता है – INA

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते दिनों विधानसभा में अपनी बात रखी थी. इस दौरान उन्होंने कहा था कि हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं बन सकता. हर व्यक्ति हर पीठ के आचार्य के रूप में जाकर यहां-वहां वातावरण खराब नहीं कर सकता. अब सीएम योगी की इस टिप्पणी पर अखिलेश यादव ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि शंकराचार्य जी के बारे में घोर अपमानजनक अपशब्द बोलना पाप है.
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि पहन ले कोई जैसे भी चोलेपर उसकी वाणी पोल खोले. आगे लिखा कि शंकराचार्य जी के बारे में घोर अपमानजनक अपशब्द बोलना, शाब्दिक हिंसा है और पाप भी है. ऐसा कहने वाले के साथ-साथ उनको भी पाप पड़ेगा. उन्होंने चापलूसी में मेज थपथपाई हैं. जब बीजेपी के विधायक सदन के बाहर जाएंगे और जनता का सामना करेंगे तो जनता सड़क पर उनका सदन लगा देगी.
पहन ले कोई जैसे भी चोले
पर उसकी वाणी पोल खोलेपरम पूज्य शंकराचार्य जी के बारे में घोर अपमानजनक अपशब्द बोलना, शाब्दिक हिंसा है और पाप भी। ऐसा कहनेवाले के साथ-साथ उनको भी पाप पड़ेगा जिन्होंने चापलूसी में मेजें थपथपाई हैं। जब भाजपा के विधायक सदन के बाहर जाएंगे और जनता का सामना
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) February 14, 2026
धर्म-पद पर सवाल उठाने का नहीं अधिकार- अखिलेश
अखिलेश यादव ने महाकुंभ भगदड़ को लेकर भी सीएम योगी पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने लिखा कि जो महाकुंभ की मौतों पर सच्चे आंकड़े नहीं बताते हैं, कैश में मुआवजा देकर उसमें भी भ्रष्टाचार का रास्ता निकाल लेते हैं. जिन तक मुआवजा नहीं पहुंचा, उनका पैसा कहां गया, ये नहीं बताते हैं. अपने ऊपर लगे मुकदमे हटवाते हैं. वो किसी और के धर्म-पद पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं रखते हैं.
अहंकार में आदमी कुछ भी बोलता है- अखिलेश
अपने बयान में उन्होंने क़ानून का शासन बोल दिया, जैसे ही इस बात पर उनका ध्यान जाएगा वो विधि का शासन बोलने के लिए क्या दोबारा सदन बुलाएंगे या इसके लिए एक टांग पर खड़े होकर लड़खड़ाता प्रायश्चित करेंगे.
अखिलेश ने लिखा कि जब इंसान नहीं, अहंकार बोलता है तो यही होता है. अहंकार संस्कार को विकार में बदल देता है. वो व्यक्ति समाज में मान-सम्मान खो देता है, जिसके बारे में ये कहावत प्रचलित हो जाती है कि जब मुंह खोला, तब बुरा बोला!
शंकराचार्य पर विवादित बयान हमेशा के लिए दर्ज
अखिलेश ने लिखा कि हाता नहीं भाता का ये विस्तारित रूप है, यही सच्ची सच्चाई है. जिस समाज के ख़िलाफ़ रहकर उन्होंने हमेशा अपनी नफ़रत की राजनीति की है, उसे धर्म के मामले में भी अपमान-पराजित करने का ये उनका अहंकार है. इनका बस चले तो जो विवादित फ़िल्म आई है उसका नाम बदले बिना ही रिलीज़ भी कर दें और टैक्स फ्री भी कर दें.
आगे लिखा कि अगले चुनाव में वो समाज एक-एक वोट उनके ख़िलाफ़ डालकर अपने अपमान और उनके प्रदेश अध्यक्ष के नोटिस का सही जवाब देगा, उनकी सरकार हटाकर नयी सरकार बनाएगा फिर इत्मीनान-आराम से मिलजुलकर बेधड़क दाल-बाटी खाएगा.
शंकराचार्य जी पर दिया गया अभद्र बयान सदन में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है. उनके इस बयान को हम निंदनीय कहें तो निंदनीय शब्द को भी निंदनीय महसूस होगा.
शंकराचार्य पर सियासी बवाल, अखिलेश- अहंकार में आदमी ऐसा ही बोलता है
देश दुनियां की खबरें पाने के लिए ग्रुप से जुड़ें,
#INA #INA_NEWS #INANEWSAGENCY
Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,

