UP News: यमुना सिटी में लोगों के लिए बनेगा रिवर फ्रंट, 823 हेक्टेयर में ग्रीन बफर जोन… मिलेंगी ये सुविधाएं – INA


उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में स्थित यमुना सिटी के 7 सेक्टर्स के आसपास रिवर फ्रंट बनाने की योजना तैयार की जा रही है. इसे तेजी से विकसित किया जा रहा है. रिवर फ्रंट यमुना सिटी के सेक्टर्स और अन्य नदी के किनारे पर ही विकसित हो रहे हैं. यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र यमुना नदी के आसपास बसाने की तैयारी हो रही है.
रिवर फ्रंट के चलते नदी और सेक्टर्स के बीच एक लंबा-चौड़ा रास्ता तैयार किया जाएगा. इस जगह घास के टीले, शेड, फूलों की क्यारियां, रंग बिरंगे फव्वारे, जोगिंग और साइकिल ट्रैक, आकर्षक लैंडस्केपिंग, फूड क्यिोस्क, नदी देखने और बैठने के व्यू पॉइंट बनाए जाएंगे. नदी के किनारे बनने वाली ये सुविधाएं न सिर्फ तट की सेफ्टी बढ़ाएंगी, बल्कि पानी की क्वालिटी के सुधार में भी मदद करेंगी.
रियल-टाइम बाढ़ मॉनिटरिंग सिस्टम
क्षेत्र को बाढ़ से बचाने के लिए एक मजबूत तटबंध तैयार किया जाएगा. इसके साथ ही उन्नत जल निकासी प्रणाली (Advanced Drainage System) और रियल-टाइम बाढ़ मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे मानसून के दौरान किसी भी खतरे पर तुरंत एक्शन लिया जा सके. फेज-1 क्षेत्र में तालाबों और नहरों के किनारे 30 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी.
इस फेज में कुल 10 बड़ी झीलें और नहरें , लगभग 135 तालाब शामिल हैं, जो ग्राउंड वॉटर रिचार्ज में अहम भूमिका निभाते हैं. इनमें से 38 तालाबों का सुधार कार्य जारी है. मास्टर प्लान के मुताबिक इन नहरों और तालाबों को हरित संरक्षण क्षेत्र में रखा गया है और इनके आसपास खुले ग्रीन एरिया बनाए जाएंगे. नहरों के दोनों तरफ 30 मीटर और प्राकृतिक जलधाराओं के दोनों ओर 15 मीटर ग्रीन एरिया निर्धारित है.
फेज-1 में 15 प्रतिशत ग्रीन एरिया
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के ओएसडी शैलेंद्र भाटिया के मुताबिक नोएडा एयरपोर्ट और इंटरनेशनल फिल्म सिटी को ध्यान में रखते हुए फेज-1 में 15 प्रतिशत क्षेत्र ग्रीन एरिया रखा गया है, ताकि शहर को इंटरनेशनल लेवल पर विकसित किया जा सके और आने वाले लोगों को बेहतर अनुभव मिले. नए आगरा शहर में भी 823.7 हेक्टेयर में ग्रीन रिवर बफर जोन बनाया जाएगा. यहां रंग-बिरंगे फूलों, दुर्लभ पौधों और वॉटर बॉडी का विकास किया जाएगा.
पर्यटकों को मिलेंगी ये सुविधाएं
पर्यटकों के लिए बोटिंग, वॉकवे और फूड स्टॉल जैसी सुविधाएं होंगी. साथ ही वेलनैस टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए योग, आयुर्वेदिक मसाज जैसी एक्टिविटी भी होंगी. धनौरी वेटलैंड, जो करीब 100 एकड़ में फैला है. वह क्षेत्र के उत्तर-पूर्व हिस्से में स्थित है. इसमें लगभग 46.35 हेक्टेयर हिस्सा दलदली और जलभराव वाला है. यहां विदेशी जलीय जीव और सारस पाए जाते हैं, लेकिन अभी तक पर्यटकों के लिए कोई सुविधाएं नहीं हैं.
इसके संरक्षण के लिए 112.89 हेक्टेयर का प्रभाव क्षेत्र निर्धारित किया गया है, जिसके चारों ओर 100 मीटर की ग्रीन बेल्ट तैयार की जाएगी. इस क्षेत्र में हरे-भरे घास के टीले, वॉकवे और रंगीन फव्वारे लगाए जाएंगे, ताकि पर्यटक प्रकृति का आनंद ले सकें. इसके साथ ही पास में 10 हेक्टेयर में बन रहा पशु बचाव और पुनर्वास केंद्र (rehabilitation center) भी बन रहा है, जिसमें काले हिरण और अन्य वन्य जीवों का आश्रय मिलेगा.
यमुना सिटी में लोगों के लिए बनेगा रिवर फ्रंट, 823 हेक्टेयर में ग्रीन बफर जोन… मिलेंगी ये सुविधाएं
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