UP News: शंकराचार्य, UGC या कुछ और? बरेली के PCS अफसर अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे की Inside Story – INA


उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के सिटी मजिस्ट्रेट व PCS अफसर अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा प्रशासनिक हलके में चर्चा का विषय बन गया है. शंकाराचार्य के साथ सरकार का टकराव और यूजीसी को लेकर अलंकार अग्निहोत्री ने सोमवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को संबोधित करते हुए पांच पन्नों का इस्तीफा लिखा. इस इस्तीफे में उन्होंने अपना दर्द बयां किया. इसके साथ ही सिटी मजिस्ट्रेट ऑफिस में अपने नाम के आगे बोर्ड पर अंग्रेजी में ‘REGINE’ लिख दिया, जिसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. जैसे ही उनके इस्तीफे की खबर फैली, ब्राह्मण समाज के लोग उनके सरकारी आवाज पर जमा होने लगे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे.
बता दें कि अलंकार अग्निहोत्री उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक सेवा में एक जाना-पहचाना नाम हैं. वह 2019 बैच के PCS अधिकारी हैं और यूपी शासन के अधीन विविध जिलों में प्रशासनिक कार्यों में अनुभव रख चुके हैं. PCS (UPPSC द्वारा चुने गए अधिकारी) का काम जिले और तहसील स्तर पर कानून-व्यवस्था, विकास योजनाओं, राजस्व और नागरिक सेवा का प्रबंधन करना होता है. अलंकार अग्निहोत्री ने इसी अनुशासन में कदम रखते हुए सरकारी सेवा में अपनी पहचान बनाई.
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PCS परीक्षा में हासिल की थी 15वीं रैंक
कानपुर नगर के रहने वाले अलंकार अग्निहोत्री ने इंजीनियरिंग की डिग्री और LLB (कानून) की पढ़ाई भी पूरी की, जो उनके प्रशासनिक दृष्टिकोण को तकनीकी और विधिक समझ दोनों देती है. शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने लगभग 10 साल तक आईटी सेक्टर में नौकरी की. इस दौरान उन्हें लगा कि वह समाज-सेवा और प्रशासन में ज्यादा प्रभाव डाल सकते हैं, इसलिए उन्होंने यूपी सार्वजनिक सेवा आयोग द्वारा आयोजित PCS परीक्षा की तैयारी शुरू की. पहले ही प्रयास में उन्होंने परीक्षा को पास कर लिया और 15वीं रैंक हासिल की.
सरकारी सेवा में शामिल होने के बाद अलंकार अग्निहोत्री ने लखनऊ, उन्नाव, बलरामपुर और एटा जैसे जिलों में SDM/अन्य प्रशासनिक पदों पर काम किया. वहां उन्होंने कानून-व्यवस्था के साथ विकास परियोजनाओं, राशन प्रणाली, पब्लिक सर्विस वितरण, और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन जैसें जिम्मेदारियों का निर्वाह किया. बाद में बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई.
इस्तीफे में इन 2 बातों को जिक्र किया
आज PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने अचानक इस्तीफा दे दिया. उन्होंने अपनी चिट्ठी और सार्वजनिक बयान में दो बड़े मुद्दों को अपने फैसले की वजह बताया. पहला- यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ विरोध और दूसरा- प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ कथित दुर्व्यवहार. उनके अनुसार, इन घटनाओं ने समाज में तनाव, असंतोष और अलग-थलग होने की भावना पैदा की, जो उन्होंने स्वीकार नहीं किया.
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अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा सिर्फ प्रशासनिक पद से त्यागपत्र नहीं था, बल्कि उन्होंने इसे सामाजिक और वैचारिक बयान भी बताया, जिसमें उन्होंने सरकार की नीतियों पर तीखी आलोचना की और कुछ मामलों में संकेत दिया कि सामान्य वर्ग व विशेष रूप से ब्राह्मण समाज को असहाय महसूस हो रहा है.
ब्राह्मण समाज ने कहा- हम सिटी मजिस्ट्रेट के साथ
फिलहाल उनके सरकारी आवास के सामने सैकड़ों की संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग नारेबाजी कर रहे हैं और उनसे इस्तीफा वापस लेने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अलंकार अग्निहोत्री इस्तीफा वापस नहीं ले रहे हैं. सिटी मजिस्ट्रेट आवास पर जुटे ब्राह्मण समाज के लोगों का कहना है कि इस सरकार की नीतियां बिलकुल ही गलत हैं. ब्राह्मणों के साथ अत्याचार हो रहा है. यूजीसी को वापस लेना चाहिए. हम सिटी मजिस्ट्रेट के साथ हैं.
अभी 17 साल बची नौकरी
बता दें कि अलंकार अग्निहोत्री काफी मिलनसार अधिकारी हैं. जिले के अच्छे प्रशासनिक अधिकारियों में इनकी गिनती होती है. अपने वरिष्ठ या जूनियर अधिकारियों के साथ इनका मनमुटाव भी नहीं रहा. ऐसे में किसी को भी इनका इस्तीफा हजम नहीं हो रहा है. अभी अलंकार अग्निहोत्री की 17 साल की सर्विस बची है.
शंकराचार्य, UGC या कुछ और? बरेली के PCS अफसर अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे की Inside Story
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