UP News: दामाद ने थामा अखिलेश का हाथ, ससुर की आंखों में छलका बेटी का दर्द…सियासत ने बिगाड़ दिए मसूद परिवार के रिश्ते – INA

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के मसूद परिवार में इन दिनों राजनीतिक और पारिवारिक विवाद देखने को मिल रहा है. इस विवाद की शुरुआत कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के दामाद शायान मसूद के समाजवादी पार्टी में शामिल होने के बाद हुई है और अब यह सिर्फ राजनीतिक विवाद तक सीमित नहीं रहा है बल्कि विवाद बेटी, दामाद और परिवार के पुराने रिश्तों तक पहुंच गया है.

दरअसल, सपा में शामिल होने के बाद शायान ने अपने ससुर इमरान मसूद की राजनीतिक लाइन पर सवाल उठाए. इसके कुछ ही समय बाद इमरान मसूद के भतीजे हमजा मसूद ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर शायान और उनके पिता शादान मसूद पर गंभीर आरोप लगाए. हमजा ने अपनी बहन के साथ मारपीट, गाली-गलौज और उसे बच्चे के साथ घर से निकालने के आरोप लगाए. हमजा का दावा था कि परिवार ने रिश्तेदारी और सम्मान की वजह से करीब पांच साल तक कई बातें सहन कीं, लेकिन अब चुप रहना मुश्किल हो गया है.

शायान मसूद ने वीडियो जारी कर रखा पक्ष

हमजा के आरोपों के बाद शायान मसूद ने भी वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा. उन्होंने आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि अगर राजनीतिक लड़ाई लड़नी है तो मैदान में आकर लड़ें, परिवार की निजी बातें सार्वजनिक नहीं करनी चाहिए.

शायान ने यह भी कहा कि उनके पास भी बहुत कुछ कहने को है, लेकिन वह परिवार की निजी बातों को सार्वजनिक नहीं करना चाहते. उन्होंने संकेत दिया कि घर के भीतर बैठकर बातचीत की जाए तो वह हर आरोप का जवाब देने के लिए तैयार हैं. हमजा के आरोपों के बाद शायान ने भी अपना पक्ष सामने रखा, लेकिन पारिवारिक विवाद को सार्वजनिक करने से परहेज की बात कही.

बेटी का जिक्र कर भावुक हुए इमरान मसूद

अब इस पूरे विवाद में सबसे भावुक पल इमरान मसूद के बयान से जुड़ा है. बेटी के मामले में अब तक चुप इमरान मसूद एक मीडिया इंटरव्यू में अपनी बेटी का जिक्र करते भावुक नजर आए. उन्होंने कहा कि जिसके परिवार में उसकी बेटी सामने बैठी हो, उसके दर्द और तकलीफ का अंदाजा वही लगा सकता है.

इमरान ने साफ कहा कि सपा में जाना कोई गुनाह नहीं है, लेकिन अगर कोई गुनाह है तो उनकी बच्ची को छोड़ देना है. इमरान का यह बयान उस वक्त आया है जब उनके दामाद शायान सपा का दामन थाम चुके हैं और राजनीतिक तौर पर उनसे अलग राह पर खड़े हैं. ऐसे में इमरान के बयान में राजनीतिक विरोध से ज्यादा एक पिता का अपनी बेटी को लेकर दर्द दिखाई दिया.

ससुर-दामाद के रिश्ते के बीच सियासत

मसूद परिवार की इस कहानी को और उलझाने वाली बात इसके पारिवारिक रिश्ते हैं. शायान मसूद इमरान मसूद की बेटी के पति यानी उनके दामाद हैं. वहीं हमजा मसूद इमरान के भतीजे हैं और शायान के खिलाफ सार्वजनिक रूप से आरोप लगाने वाले परिवार के पहले सदस्य हैं. यानी मामला किसी बाहरी राजनीतिक विरोधी का नहीं, बल्कि ऐसे रिश्तों का है जहां ससुर-दामाद के रिश्ते के बीच सियासत आ खड़ी हुई है और परिवार के दूसरे सदस्य भी आमने-सामने हैं. मसूद परिवार में इस समय राजनीतिक टकराव कम पारिवारिक टकराव ज्यादा है.

सियासत से ज्यादा जरूरी परिवार की सलामती

मौजूदा विवाद के बीच इमरान मसूद ने 2022 के दौर का भी जिक्र किया. उन्होंने संकेत दिया कि उस समय परिवार की ओर से उन पर दबाव बनाया गया था और परिवार तथा बच्चों को बचाने के लिए उन्हें राजनीतिक फैसले लेने पड़े. उनका कहना था कि उस वक्त परिवार की सलामती और बच्चों को बचाना उनके लिए सियासत से ज्यादा जरूरी था.

दूसरी ओर हमजा मसूद ने भी दावा किया कि उन्हें इमरान मसूद के घर से निकलवा दिया गया था और करीब तीन साल तक उन्हें इमरान से अलग रखा गया. इन दावों से साफ है कि परिवार के भीतर की खटास केवल मौजूदा सियासी घटनाक्रम से पैदा हुई बात नहीं है.

कांग्रेस छोड़कर सपा में हुए शामिल

20 अगस्त को शायान मसूद ने कांग्रेस छोड़कर समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली थी. अखिलेश यादव ने उन्हें पार्टी में शामिल कराया. इसके बाद शायान ने कहा कि वह इमरान मसूद की राजनीतिक विचारधारा से सहमत नहीं हैं और बीजेपी को हराने के लिए अखिलेश यादव के साथ खड़ा होना जरूरी है. इसके बाद शुरू हुआ राजनीतिक मतभेद धीरे-धीरे पारिवारिक विवाद में बदलता चला गया. हमजा के आरोप, शायान का जवाब और अब बेटी को लेकर इमरान मसूद की भावुकता ने इस पूरे मामले को एक अलग ही रंग दे दिया है.

एक तरफ अखिलेश यादव के साथ खड़ा दामाद शायान, दूसरी तरफ बेटी के दर्द में भावुक पिता इमरान और बीच में परिवार के भीतर से उठते आरोप, मसूद परिवार की यह कहानी अब सिर्फ सियासत की नहीं, बल्कि रिश्तों के टूटने और पुराने दर्द के सामने आने की कहानी बनती जा रही है.

मसूद परिवार की राजनीतिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि

इस पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए मसूद परिवार की राजनीतिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि को जानना भी जरूरी है. राशिद मसूद और रशीद मसूद दोनों सगे भाई थे. राशिद मसूद बड़े भाई थे, जबकि रशीद मसूद उनसे छोटे थे. रशीद मसूद नौ बार लोकसभा सांसद रहे और केंद्र सरकार में मंत्री भी रहे. मसूद परिवार के करीबी बताते हैं कि राशिद मसूद ने अपने छोटे भाई रशीद मसूद को राजनीतिक रूप से आगे बढ़ाने में भी काफी मदद की थी.

राशिद मसूद के पांच बेटे हैं. इनमें एक डॉक्टर हैं, दो अपना कारोबार करते हैं, जबकि दो जुड़वा बेटे इमरान मसूद और नोमान मसूद हैं. नोमान मसूद के बेटे हमजा मसूद हैं. दूसरी तरफ रशीद मसूद के एक बेटे शादान मसूद और एक बेटी शाजिया मसूद हैं. शादान मसूद के बेटे शायान मसूद हैं.

इमरान मसूद की पांच बेटियां हैं, जिनमें दो की शादी हो चुकी है. इनमें से एक बेटी की शादी करीब पांच साल पहले शायान मसूद के साथ हुई थी. ऐसे में शायान मसूद इस परिवार में सिर्फ इमरान मसूद के दामाद ही नहीं, बल्कि पारिवारिक रिश्ते से भी जुड़े हुए हैं. इसी पारिवारिक विवाद पर गुरुवार को एक मीडिया इंटरव्यू के दौरान इमरान मसूद भावुक हो गए. बेटी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जिस पिता की बेटी का घर बर्बाद हो जाए, उसकी स्थिति क्या होती है, यह वही समझ सकता है. सियासी तौर पर अलग रास्ते चुनने वाले दामाद और ससुर के बीच शुरू हुआ विवाद अब परिवार के निजी रिश्तों तक पहुंच चुका है.

मसूद परिवार में पहले क्यों हुए थे राजनीतिक टकराव?

मसूद परिवार में राजनीतिक टकराव का इतिहास कोई नया नहीं है बल्कि पुराना है. शादान मसूद ने इमरान मसूद के खिलाफ सपा के टिकट पर साल 2014 का चुनाव लड़ा था, तब दोनों परिवारों के बीच लंबे समय तक अनबन रही और बोलचाल तक बंद होने की बात सामने आई थी. हालांकि समय के साथ दोनों परिवार फिर एक हुए. रिश्ते सुधरे तो इमरान मसूद ने अपनी बेटी का रिश्ता शादान मसूद के बेटे शायान मसूद से तय किया और करीब पांच साल पहले दोनों की शादी हुई, लेकिन अब शायान के सपा में जाने और इमरान पर राजनीतिक हमला करने के बाद विवाद फिर गहरा गया है.

रिपोर्ट: विकास कपिल

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