UP News: ‘कीमत बताइए पैसा मैं दूंगी, मेरी बहन मुझे वापस दीजिए…’ मुआवजा देने आए मंत्री-डीएम से बोली लड़की, जौनपुर में सीवर लाइन में युवती की हो गई थी मौत – INA


उत्तर प्रदेश के जौनपुर में सोमवार को सीवर लाइन के खुले नाले में एक युवती गिर गई थी. उसे बचाने के लिए आए दो लोग करंट की चपेट में आ गए, जिसके बाद तीनों की मौत हो गई थी. इसके बाद शुक्रवार को खेल मंत्री के साथ जिला प्रशासन एक मृतक के घर मुआवजे की राशि देने के लिए परिजनों से मिलकर उन्हें चेक देने और उनकी बैंक डिटेल्स लेने पहुंचे, लेकिन परिजनों ने मुआवजे की राशि लेने से इनकार कर दिया और कार्रवाई की मांग की.
दरअसल, शुक्रवार को जौनपुर सदर से स्थानीय विधायक और खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव के साथ जौनपुर के जिलाधिकारी डॉ चंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ कौस्तुभ समेत कई अन्य अधिकारी तीनों मृतकों के परिजनों से मिलने पहुंचे. करंट लगने से मौत होने पर विभाग ने अनुमन्य सहायता राशि के लिए उन्हें सांत्वना के साथ ही पांच लाख रुपए चेक सौंपा. मृतक ई रिक्शा चालक शिवा गौतम और प्रयागराज निवासी मृतक समीर के परिजनों के साथ मंत्री और जिलाधिकारी ने चेक देते हुए फोटो भी खिंचवाई. उनके बैंक डिटेल्स भी लिए. प्रशासन की ओर से परिजनों को आवास, पेंशन समेत अन्य योजनाओं से लाभान्वित करने का आश्वासन दिया गया.
मुआवजा लेने से किया इनकार
लेकिन जब मियांपुर निवासी तीसरी मृतक प्राची मिश्रा के घर खेल मंत्री और जिलाधिकारी पहुंचे तो प्राची के परिजनों ने मुआवजा लेने से इनकार कर दिया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. करीब डेढ़ घंटे तक कोशिश की गई, लेकिन परिजन नहीं माने. मृतक प्राची की बड़ी बहन साक्षी मिश्रा ने कहा कि प्रशासन कार्रवाई और न्याय दिलाने के बजाय मुआवजे की बात कर रहा है. क्या किसी की जिंदगी की कीमत मुआवजे से अदा की जा सकती है.
साक्षी मिश्रा ने कहा कि 5 लाख, 7 लाख या 20 लाख रुपए से किसी इंसान की जिंदगी लौटाई जा सकती है. आप लोग मुआवजे की बात कर रहे हैं. अगर पैसे से किसी की जिंदगी वापस मिल जाती हो तो आप लोग कीमत बताइए. मैं किसी भी तरह इंतजाम करके दूंगी, मेरी बहन को वापस लाइए. मृतक की बहन के इस सवाल पर सबकी बोलती बंद हो गई है. ऐसे में मंत्री और अधिकारियों को वापस लौटना पड़ा.
प्रशासन के दावे की खुली पोल
साक्षी मिश्रा ने TV9 से बात करते हुए बताया कि खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव के साथ प्रशासन के लोग उनके घर आए थे, लेकिन उनके परिवार के लोगों ने मुआवजा नहीं लिया और न ही मुआवजा लेने के लिए बैंक डिटेल्स दी. जिला प्रशासन की ओर से गुरुवार की देर शाम प्रेस नोट जारी कर यह बताया गया कि तीनों मृतकों को सहायता राशि देने के लिए उनके परिजनों से मिलकर बैंक डिटेल्स ले ली गईं. जल्द ही उनके खाते में भेज दी जाएगी, लेकिन साक्षी मिश्रा ने इस दावे को गलत बताते हुए कहा कि किसी की जिंदगी की कीमत पैसे से नहीं चुकाई जा सकती. प्रशासन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे.
मृतक प्राची मिश्रा की मौसी ने भी इस घोर लापरवाही से हुईं तीन लोगों की मौत पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि एक बेटी को सरकार नौकरी दे. ताकि ये परिवार की देखभाल कर सकें. मुआवजे से किसी की कमी पूरी नहीं की जा सकती. अब इस परिवार का सहारा ये दो बेटियां ही हैं. ये घटना सोमवार की है, जब शाम 5 बजे के करीब मियांपुर निवासी 22 साल की प्राची मिश्रा ब्यूटी पार्लर से घर लौट रही थी. दो घंटे की तेज बारिश के बाद शहर में जलजमाव हो गया था. ऐसे में मछलीशहर पड़ाव पर पहुंचकर वह एक ई रिक्शा से घर जाने के लिए जैसे रिक्शे के पास पहुंची. पानी से लबालब सड़क पर बने गड्ढे में पैर फिसलने से वह सीवर लाइन के खुले नाले में जा गिरी. उसे बचाने ननिहाल में आया हुआ प्रयागराज निवासी समीर जैसे गया वह भी नाले में ही गिरा रह गया.
करंट लगने से मौत की पुष्टि
इसके बाद ई रिक्शा चालक शिवा गौतम की प्राची और समीर को नाले से निकालने के चक्कर में बगल में लगे बिजली के खंभे में आ रहे करेंट की चपेट में आ गया. इससे उसकी तुरंत मौत हो गई. पानी में करेंट आने से प्राची और समीर की भी जान चली गई. देखते ही देखते दोनों सीवर लाइन से होते हुए डेढ़ किलोमीटर दूर नाले में चले गए. स्थानीय पुलिस, पीएसी और एसडीआरएफ की टीमों ने 28 घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद प्राची और समीर का शव नाले से बरामद किया था. तीनों शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया. हादसे की जांच के लिए त्रिस्तरीय कमेटी बनाई गई. हालांकि, जांच में करंट लगने से मौत की पुष्टि हुई.
त्रिस्तरीय जांच में नगर पालिका के अवर अभियंता और बिजली विभाग के अवर अभियंता को दोषी पाते हुए उनके सस्पेंशन की संस्तुति की गई. शुक्रवार को लापरवाही बरतने के आरोप में नगर पालिका के अधिकारियों ने सफाई नायक को भी सस्पेंड कर दिया. हालांकि, सीवर लाइन का आधा अधूरा काम करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. जौनपुर में विभागीय लापरवाही का शिकार होने के बाद तीन लोगों ने अपनी जान गंवा दी.
परिजनों ने कार्रवाई की मांग की
28 घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद मंगलवार को शव मिलने पर विपक्षी दलों के नेता पीड़ित परिजनों से मिलने पहुंचे. सोशल मीडिया पर लोगों ने स्थानीय विधायक और खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव को ट्रोल किया. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने परिजनों से मिलकर सरकार, मंत्री और स्थानीय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया. तब मंत्री जी अपने क्षेत्र में हुई तीन मौतों पर पीड़ित परिजनों से मिलने रात में पहुंचे. शुक्रवार को जब तीनों मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिया गया तो प्राची के परिजनों ने कार्रवाई की मांग की.
‘कीमत बताइए पैसा मैं दूंगी, मेरी बहन मुझे वापस दीजिए…’ मुआवजा देने आए मंत्री-डीएम से बोली लड़की, जौनपुर में सीवर लाइन में युवती की हो गई थी मौत
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