UP News: गाजियाबाद में पहला एनकाउंटर करने वाली महिला अफसर, दूसरी बार ली रिश्वत तो हो गई गिरफ्तारी… कौन है दरोगा भुवनेश्वरी सिंह? – INA


गाजियाबाद में एंटी करप्शन की टीम ने एक महिला दरोगा को 45000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. महिला दरोगा 23 सितंबर 2025 को गाजियाबाद में एक एनकाउंटर में बदमाशों को घायल करने के बाद चर्चा में आई थी. एंटी करप्शन टीम ने जांच के दौरान महिला दरोगा से रिश्वत की रकम भी बरामद की है. महिला दरोगा का नाम भुवनेश्वरी सिंह है. ऐसे में महिला दरोगा की चर्चा प्रदेश में हो रही है. आइए जानते हैं इनके बारे में.
जब दरोगा भुवनेश्वरी को एंटी करप्शन की टीम ने हिरासत में लिया तो उन्होंने अपना चेहरा अपने दुपट्टे से छिपा लिया. मिली जानकारी के मुताबिक महिला दरोगा भुवनेश्वरी ने दहेज से जुड़े एक मामले में उसके पक्ष में कार्रवाई के नाम पर 45000 रुपए की रिश्वत की मांग की थी. तभी एंटी करप्शन टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया पूरा मामला साहिबाबाद थाने की रिपोर्टिंग चौकी का है. भुवनेश्वरी सिंह पहले भी रिश्वत लेते पकड़ी जा चुकी हैं.
क्या था मामला? जिसमें दरोगा ने ली थी रिश्वत?
जिस मामले में उन्होंने रिश्वत ली थी. वह पूरा मामला दहेज केस से जुड़ा हुआ है. मामला वृंदावन निवासी रामपाल सैनी का है. रामपाल ने बताया कि मैं बहुत दूर से आया हूं और मेहनत मजदूरी करता हूं. इसलिए पुलिस मुझे परेशान ना करें एंटी करप्शन टीम का सहारा लिया. अगर कानून के अनुसार कार्रवाई करनी थी तो ईमानदारी के साथ करनी चाहिए थी. रामपाल ने कहा कि मुझे अपने बेटे के एक दोस्त ने एंटी करप्शन विभाग की जानकारी दी थी. इसके बाद वह खुद चलकर पहले मेरठ में एंटी करप्शन में शिकायत देकर आए थे कि महिला दरोगा मुझे बार-बार थाने बुलाती थी हैं और आज मैंने उन्हें अपना नाम हटवाने के लिए 45000 रुपए दिए थे.
संबंधित मामले पर जानकारी देते हुए रामपाल ने बताया कि मेरे बेटे की शादी 2024 में हुई थी और उनकी बहू मायके चली गई थी, जिसके लिए पारिवारिक पंचायत भी हुई थी, लेकिन उसके बाद भी बहू और उसके परिवार वालों ने उन पर दहेज का मामला दर्ज करा दिया था. इस मामले में महिला दरोगा ने उन्हें थाने बुलाकर धमकाया और कहा कि कि बेटे का नाम दर्ज है और तुम्हारे पूरे परिवार के नाम भी दर्ज हैं.
कैसे पकड़ी गई दरोगा?
रामपाल ने बताया कि महिला दरोगा ने कहा कि अगर 100000 दे दोगे तो तुम्हारा नाम FIR से हटा दिया जाएगा. ऐसे में मैंने उनसे कहा कि मैं एक मजदूर आदमी हूं इतना पैसा कहां से लाऊंगा. मैंने गिड़गिड़ाते हुए पैसे कम करने की बात कही और फिर 45000 रुपए देने पर बात तय हुई. पैसे देने में देरी हुई, तो एक दिन दरोगा का फोन आया और उन्होंने कहा तेरा ड्रामा बहुत हो गया तू जल्दी रुपए आकार देता है या नहीं. अगर पैसे नहीं देगा तो तेरे पूरे परिवार का नाम केस में शामिल कर दूंगी. आज मैं उन्हें देने के लिए 45000 रुपए लेकर उनके पास पहुंचा था. उन्होंने पैसे लेकर टेबल की दराज में रखा लिए और तभी एंटी करप्शन टीम ने मौके पर पहुंचकर महिला दरोगा को रंगे हाथों पकड़ लिया.
कब हुई थी यूपी पुलिस में शामिल?
भुवनेश्वरी 2002 बैच की महिला दरोगा है और मूल रूप से अलीगढ़ की रहने वाली हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भुवनेश्वरी शुरू से ही पढ़ाई और खेलकूद में अव्वल थी. स्कूल में उनका व्यवहार काफी शर्मीला था. भुवनेश्वरी ने 2002 में खाकी पहनने के बाद नवरात्रि के पहले दिन 2025 में महिला थाने की टीम के साथ लोगों के साथ छिनैती करने वाले आरोपियों को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया था. दरोगा का घायल आरोपियों को कंधे पर लादकर ले जाने का वीडियो भी सामने आया था.
तत्कालीन पुलिस कमिश्नर जे रविंद्र गौर ने इस एनकाउंटर में शामिल महिला थाना प्रभारी रितु त्यागी दरोगा विनीता यादव, दरोगा भुवनेश्वर सिंह हेड कांस्टेबल ममता सिंह और हेड कांस्टेबल नीतू सिंह को सम्मानित भी किया था.
रिश्वत लेते पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तार
इससे पहले भी भुवनेश्वरी सिंह रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ी गई हैं. जब वह 2022 में कानपुर में एडीसीपी पूर्वी के ऑफिस में कार्यरत थी तो होमगार्ड के साथ मिलकर पनकी इलाके में चल रहे सेक्स रैकेट पर छापा मारा था और वहां से दो व्यापारियों को दो महिलाओं के साथ मौके से पकड़ा था. हिरासत में सबको लेने के बाद होमगार्ड के साथ मिलकर चारों को बंधक बना लिया था और उनसे मामला रफत दफा करने के लिए 15 लाख रुपए की मांग की थी. एडीसीपी राहुल मिठास और एसीपी कोतवाली अशोक सिंह ने सिविल ड्रेस में जाकर एक रेस्टोरेंट से उन्हें 50000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था.
गाजियाबाद में पहला एनकाउंटर करने वाली महिला अफसर, दूसरी बार ली रिश्वत तो हो गई गिरफ्तारी… कौन है दरोगा भुवनेश्वरी सिंह?
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