UP News: किस राज्य के किसानों की कमाई देश में सबसे कम? पिछले 5 राज्यों में यूपी का नाम – INA

UP News: किस राज्य के किसानों की कमाई देश में सबसे कम? पिछले 5 राज्यों में यूपी का नाम – INA

देशभर में किसानों की आय को लेकर जो आंकड़े सामने आए हैं वह बेहद चौंकाने वाले हैं और इन आंकड़ों से अन्नदाता की स्थित पर सवाल खड़े हो रहे हैं. अलग-अलग राज्यों में किसानों की आय और उन पर कर्ज के आंकड़े हर किसी को हैरान कर रहे हैं. किसान एक तरफ बढ़ते कर्ज के बोझ से जूझ रहा है, तो दूसरी तरफ उसकी आमदनी देश के निचले पायदान पर अटकी हुई है. इन आंकड़ों के मुताबिक, सबसे दयनीय स्थिति झारखंड के किसानों की है. इस राज्य में किसानों की मासिक आय पांच हजार रुपए से भी कम है.

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मासिक आय के मामले में मध्य प्रदेश देश में 23वें स्थान पर है. जबकि इस लिस्ट में यूपी की भी स्थिति सही नहीं है. एमपी में किसान की औसत मासिक आय सिर्फ 8,339 रुपए है, जो कई राज्यों से काफी कम है. 21 पड़ोसी राज्यों की स्थिति एमपी के किसानों से बेहतर है. प्रदेश के किसानों के 92.49 लाख खातों पर 1.69 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कृषि ऋण बकाया है.

इतना ही नहीं, बीते पांच सालों में कृषि और इससे जुड़ी गतिविधियों के लिए कर्ज वितरण में तेज बढ़ोतरी भी हुई है, लेकिन किसानों की आय उस रफ्तार से नहीं बढ़ रही है. ऐसे में ये आंकड़े किसान ही नहीं देश के लोगों के लिए चिंता का सबस बन गए हैं. इस असंतुलन का सीधा असर कर्ज चुकाने की क्षमता पर भी पड़ रहा है. किसानों पर कर्ज और लोन का दबाव बढ़ता जा रहा है. आमदनी कम होने से रिकवरी का बोझ खेती के खर्च और घरेलू जरूरतों दोनों को प्रभावित कर रहा है.

पांच साल में खेती का कर्ज 66% बढ़ा गया है. एमपी में कृषि और इससे जुड़ी गतिविधियों के लिए बैंकों से लिया गया कर्ज लगातार किसानों पर बोझ बनता जा रहा है. स्थिति यह है कि किसान की आय दोगुनी या बढ़ने की बजाए कर्ज का बोझ बढ़ रहा है. वर्ष 2020-21 में जहां किसानों को 80, 110 करोड़ रुपये का लोन दिया गया था. वहीं अब ये लगातार बढ़ता जा रहा है.

किसानों को दिया जाने वाला लोन 2021-22 में बढ़कर 88,292 करोड़ रुपए हो गया. 2022-23 में यह आंकड़ा पहली बार एक लाख करोड़ के पार 1,00,076 करोड़ रुपए पहुंचा. इसके बाद 2023-24 में कृषि ऋण 1,16,397 करोड़ रुपए और 2024-25 में 1,33,121 करोड़ रुपए तक पहुंच गया. यानी पांच साल में खेती के लिए लिया गया कर्ज करीब 66 प्रतिशत बढ़ा, लेकिन इसी अवधि में किसानों की आय में वैसी बढ़ोतरी नहीं दिखी. यही वजह है कि किसानों की आय ना बढ़ने और कर्ज बढ़ने से किसानों की आमदनी प्रभावित हुई है. किसानों की कई राज्यों में मासिक आय पांच हजार रुपए से भी कम है.

कई राज्यों में किसानों की आय मप्र से दोगुनी

एमपी की तुलना अन्य राज्यों से की जाए तो देश के कई राज्य ऐसे हैं, जहां किसानों की मासिक कमाई एमपी के किसानों से दोगुनी तक है. मेघालय में किसान की औसत मासिक आय 29,348 रु. है. पड़ोसी राज्यों की बात करें तो गुजरात में किसान की मासिक आय 12,631 राजस्थान में 12,520 रु., महाराष्ट्र में रु, 11,492 रुपये और छत्तीसगढ़ में 9,677 रु. है. पड़ोसी राज्यों में सिर्फ उत्तर प्रदेश ऐसा है, जहां किसानों की औसत मासिक आय मध्य प्रदेश से कम, 8061 रुपये है. देश में किसानों की सबसे कम मासिक आय झारखंड में दर्ज की गई है, जहां यह 4,895 रु. प्रति माह है.

किस राज्य के किसानों की कमाई देश में सबसे कम? पिछले 5 राज्यों में यूपी का नाम




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