UP News: UP: सिटी में अब मकान के साथ बना सकेंगे दुकान, बारात घर में पार्किंग… भवन निर्माण को लेकर क्या है नई गाइडलाइन? – INA

UP News: UP: सिटी में अब मकान के साथ बना सकेंगे दुकान, बारात घर में पार्किंग… भवन निर्माण को लेकर क्या है नई गाइडलाइन? – INA

आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने शहरी क्षेत्रों में भवन निर्माण से जुड़े नियमों में कई अहम बदलाव किए हैं. अब चौड़ी सड़कों पर बने आवासीय भवनों के साथ दुकानें बनाने की इजाजत दी जाएगी.इस प्रस्ताव को जुलाई में हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी मिली थी. नए आदेश के चलते 100 वर्ग मीटर तक के आवासीय और 30 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक भूखंडों पर निर्माण कराने के लिए नक्शा पास कराना जरूरी नहीं होगा. इसके अलावा 15 मीटर से ऊंचे भवनों में बने बेसमेंट की कंपाउंडिंग की सुविधा भी खत्म कर दी गई है.

10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में 24 मीटर चौड़ी सड़क पर और इससे कम आबादी वाले शहरों में 18 मीटर चौड़ी सड़क पर ही आवासीय भवनों के साथ व्यावसायिक निर्माण की मंजूरी होगी. अप्रूव ले-आउट में 500 वर्ग मीटर के आवासीय और 200 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक भूखंडों के लिए ऑनलाइन जमा नक्शे को ट्रस्ट-बेस्ड स्वीकृति मानी जाएगी.

पोर्च और पोर्टिको पहले से बड़े बनाए जा सकेंगे

इसके साथ ही विभाग ने भी साफ किया है कि बदली व्यवस्था के मुताबिक ऐसे भूखंड, जो अथॉराइज्ड या विकसित लेआउट के बाहर आते हैं और जहां बेस फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) सिर्फ विकास क्षेत्र को पुनर्गठित करने की वजह से बढ़ा है, उन्हें डिफ्रेंशियल एफएआर बेनिफिट चार्ज नहीं देना होगा. अनिर्मित क्षेत्रों में बिना सर्विस स्टेशन वाले पेट्रोल पंप अब 18 मीटर चौड़ी सड़क पर लगाए जा सकेंगे, जबकि पहले 24 मीटर चौड़ाई की बाध्यता थी. अब भवनों में पोर्च और पोर्टिको पहले से बड़े बनाए जा सकेंगे. पहले इनका साइज 6×3 मीटर तक सीमित था, जिसे बढ़ाकर 8×4 मीटर कर दिया गया है.

बारात घरों में पार्किंग व्यवस्था करनी जरूरी

नई व्यवस्था के तहत 25,000 लोगों पर एक बारात घर बनाया जाएगा. पहले बारात घर सिर्फ 750 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनाया जा सकता था. अब 750 वर्ग मीटर का पक्का निर्माण होगा और इसके अलावा 1000 से 3000 वर्ग मीटर तक का खुला क्षेत्र रखना जरूरी होगा, जिसका इस्तेमाल पार्किंग और लॉन के लिए रखना होगा. हालांकि, होटलों में पार्किंग की अनिवार्यता को कम किया गया है.

जहां पहले 100 वर्ग मीटर फ्लोर एरिया पर 1.5 पार्किंग की जरूरत थी. उसे अब घटाकर 1.25 कर दिया गया है. अगर पहुंच मार्ग 4 मीटर से कम चौड़ा है, तो भी भूखंड की सड़क सेंटर लाइन से दो मीटर दूरी होने पर नक्शा पास हो जाएगा. निर्मित क्षेत्रों में 100 वर्ग मीटर तक के आवासीय और 30 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक भूखंडों के लिए भी नक्शा पास कराना जरूरी होगा. भूखण्डों के बंटवारे के लिए सड़क की न्यूनतम चौड़ाई 9 मीटर तय की गई है.

UP: सिटी में अब मकान के साथ बना सकेंगे दुकान, बारात घर में पार्किंग… भवन निर्माण को लेकर क्या है नई गाइडलाइन?




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