यूपी – यह है हाथरस शहर: बारिश से सड़कें बनी तालाब, जलभराव में तैरते दिखे जलनिकासी के दावे, दिक्कतें झेल रहे राहगीर – INA

हाथरस शहर व क्षेत्र में 20 जुलाई की सुबह हुई बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की फिर पोल खोल दी। हल्की से मध्यम बारिश के बाद ही कई मोहल्लों, कॉलोनियों और मुख्य बाजारों में पानी भर गया। निचले इलाकों में सड़कें तालाब की मानिंद नजर आईं और लोगों को घरों से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा।

संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या का जायजा लिया। समस्या केवल चार या छह इलाकों तक सीमित नहीं थी, बल्कि ज्यादातर इलाकों में यही हाल था। स्टेट बैंक कॉलोनी, श्रीनगर, पंजाबी मार्केट, डाकखाना वाली गली समेत शहर के कई हिस्सों में हल्की बारिश के बाद ही पानी भर जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि नालों की नियमित सफाई, जलनिकासी नेटवर्क के विस्तार और जर्जर सड़कों के पुनर्निर्माण के बिना इस समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है।


हमारे मोहल्ले की हालत काफी खराब है। यहां की सबसे बड़ी समस्या ही जलभराव है। जलभराव के बाद कीचड़ व गदंगी यहां हमेशा बनी रहती है। अक्सर इस समस्या को यहां के लोग उठाते है, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिलता।-तेजवीर सिंह निवासी नगला तंदुला


हम मोहनगंज में काफी समय से रह रहे हैं, यह शहर का सबसे अहम रास्ता है, लेकिन यहां की जलभराव की समस्या के निस्तारण के लिए कभी कोई कदम नहीं उठाया गया। बारिश के समय यहां पैदल राहगीरों का आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है।-महेश कुमार निवासी मोहनगंज


नगला तंदुला में तीन-चार दिन तक नहीं निकलता पानी


टीम सबसे पहले दोपहर एक बजे मोहल्ला नगला तंदुला पहुंची। यहां हल्की बारिश के बाद ही सड़कों और निचले इलाकों में पानी भर गया था। स्थानीय निवासी दुर्गेश कुमार ने बताया कि जलभराव का पानी निकलने में तीन से चार दिन तक लग जाते हैं। कई मकानों के आसपास पानी जमा रहने से गंदगी और मच्छरों की समस्या भी बढ़ जाती है। अधिक बारिश होने से पानी अक्सर घरों में भी भर जाता है।


Credit By Amar Ujala

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