Political – बिहार में किंगमेकर बनने की तैयारी में दर्जन भर छोटी पार्टियां, क्या बिगाड़ेगी NDA और INDIA गठबंधन का खेल?- #INA

बिहार में किंगमेकर बनने की तैयारी में दर्जन भर छोटी पार्टियां, क्या बिगाड़ेगी NDA और INDIA गठबंधन का खेल?

बिहार चुनाव में छोटी पार्टियां.

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य की सियासत पूरी तरह से गरमा गई है. राज्य में मुख्य मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और इंडिया ब्लॉक (महागठबंधन) के बीच माना जा रहा है. एनडीए में नीतीश कुमार की पार्टी जदयू और भाजपा मुख्य पार्टी हैं, तो महागठबंधन में कांग्रेस और राजद के अतिरिक्त अन्य कई पार्टियां हैं. फिलहाल नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य में एनडीए की सरकार चल रही है और नीतीश कुमार लगातार फ्रीबीज का ऐलान कर रहे हैं. एनडीए का दावा है कि फिर से राज्य में नीतीश कुमार की सरकार बनेगी. वहीं, तेजस्वी यादव नीतीश कुमार के स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं.

दोनों गठबंधन राज्य की सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है और सत्ता में आने का दावा कर रही है, लेकिन इन दोनों गठबंधन के अतिरिक्त राज्य में दर्जन भर ऐसी पार्टियां हैं, जो किंगमेकर करने की फिराक में हैं और कई छोटी पार्टियों ने सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान भी कर दिया है.

हालांकि इन दलों को बहुमत मिलने की संभावना कम है, लेकिन AIMIM, AAP, जन सुराज, द प्लुरल पार्टी, हिंद सेना, इंडियन इंकलाब पार्टी, आजाद समाज पार्टी जैसे दलों को यदि 5-10 प्रतिशत वोट भी मिल जाते हैं तो वो एनडीए और महागठबंधन दोनों के समीकरण बिगड़ सकते हैं.

बिहार में साल 2020 के विधानसभा चुनावों में 40 से अधिक सीटें ऐसी थीं जिस पर जीत एवं हार का अंतर 3500 से मतों से कम था. इनमें 11 सीटें ऐसी थीं जहां हार और जीत का अंतर 1000 वोटों से भी कम था. आरजेडी के शक्ति सिंह यादव को सिर्फ 12 वोटों से पराजय का सामना करना पड़ा था. वहीं, रामगढ़ सीट 189 वोटों के अंतर रिजल्ट आए थे. ऐसे में 2025 के विधानसभा चुनावों में छोटे दलों की भूमिका निर्णायक हो सकती है.

मुश्किल पैदा कर सकते हैं प्रशांत किशोर

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत से उतरे हैं. जन सुराज पार्टी ने राज्य की सभी 243 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया है और किसी भी गठबंधन का हिस्सा नहीं बनने की बात कही है. वह अपनी सभाओं में नीतीश, भाजपा के साथ-साथ तेजस्वी यादव और लालू यादव की सरकार की भी लगातार आलोचना कर रहे हैं.

Bihar Small Party

पिछले उपचुनावों में भले ही उनकी पार्टी को कोई सीट नहीं मिली हो, लेकिन कई सीटों पर उनके उम्मीदवारों ने 10 फीसदी तक मत मिले थे. प्रशांत किशोर लगातार जिलों का दौरा कर रहे हैं और जनता से काम के आधार पर वोट देने की अपील कर रहे हैं, वे लगातार कहते आ रहे हैं कि “अगर चिराग पासवान 5 फीसदी वोट पर 5 सांसद निर्वाचित करवा सकते हैं तो हमारे 10 फीसदी वोट की ताकत को भी कम मत आंकिए.”

AAP भी उतारेगी उम्मीदवार, INDIA ब्लॉक को झटका

आम आदमी पार्टी (AAP) कभी इंडिया ब्लॉक का हिस्सा थी, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बिहार चुनाव में सभी सीटों पर लड़ने का ऐलान कर दिया है, हालांकि आप का बिहार में बहुत ज्यादा जनाधार नहीं हैं, लेकिन आरजेडी और कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगा सकती है. इससे महागठबंधन की चिंता बढ़ सकती है. खासकर शहरी क्षेत्रों, मुसलमान या युवा वोटर को वह अपने पक्ष में कर सकती है.

AIMIM फिर से चुनावी मैदान में

असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने साल 2020 के विधानसभा चुनाव में सीमांचल इलाके में सीटें जीती थीं, हालांकि उसके चार विधायक आरजेडी में शामिल हो गए थे. इस बार AIMIM महागठबंधन में शामिल होने की अपील की है, हालांकि अब तक गठबंधन की ओर से कोई ठोस उत्तर नहीं मिला है. AIMIM 20-25 विधानसभा सीटों की मांग कर रही है, वैसे महागठबंधन में पहले से ही 7 दल शामिल हैं. ऐसे में ऐसा नहीं लग रहा है कि AIMIM का महागठबंधन से तालमेल बैठ पाए.

द प्लुरल पार्टी, इंकलाब पार्टी और हिंद सेना भी मैदान में

द प्लुरल पार्टी की नेता पुष्पम प्रिया चौधरी भी इस बार पूरे जोश में हैं. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. वे खुद दरभंगा से चुनाव लड़ेंगी. उन्होंने ऐलान किया कि जब तक कोई दल किसी महिला को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं बनाता, वे मास्क नहीं उतारेंगी. उनकी पार्टी ने 2020 में भी चुनाव लड़ा था, और अब एक बार फिर वो खुद को राज्य की एक सशक्त विकल्प के रूप में प्रस्तुत कर रही हैं,

इंडियन इंकलाब पार्टी के अध्यक्ष ई आईपी गुप्ता ने सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. उनकी पार्टी विशेष रूप से वैश्य समुदाय पर फोकस कर रही है. पूर्व आईपीएस अधिकारी शिवदीप लांडे की पार्टी हिंद सेना सभी 243 सीटों चुनाव लड़ने की बात कही.

झामुमो, बीएसपी और आजाद समाज पार्टी भी उतारेंगे उम्मीदवार

झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने बिहार की 12 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है. झामुमो झारखंड में आरजेडी के साथ सरकार में है, लेकिन बिहार में उसे नजरअंदाज किए जाने से वह नाराज है. इसी कारण वह स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी.

उत्तर प्रदेश की भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद की पार्टी आजाद समाज पार्टी ने भी 100 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया है. पार्टी खासकर दलित वोट बैंक पर फोकस कर रही है और इन वर्गों के वोटों में सेंध लगाकर चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकती है.

बहुजन समाज पार्टी (BSP) भी कुछ सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है. हालांकि इसका जनाधार सीमित है, लेकिन दलित वोटों के बंटवारे से वह खासकर महागठबंधन को नुकसान पहुंचा सकती है.

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