Tach – Temple डिवाइस क्या है Deepinder Goyal की नई हेल्थ टेक पहल के फायदे.

ज़ोमैटो के फाउंडर और सीईओ दीपिंदर गोयल हाल ही में एक अलग ही वजह से चर्चा में आ गए. वजह सिर्फ उनकी बिज़नेस सोच या स्टार्टअप जर्नी नहीं थी, बल्कि उनके चेहरे पर लगा एक छोटा-सा अजीब डिवाइस था. यह वाकया तब सामने आया जब दीपिंदर गोयल मशहूर पॉडकास्टर राज शमानी के शो ‘Figuring Out’ में नजर आए. शो 3 जनवरी 2026 को रिलीज़ हुआ और देखते ही देखते वायरल हो गया.
वीडियो में कई लोगों की नजर दीपिंदर गोयल की आंख के पास लगे एक सिल्वर रंग के डिवाइस पर गई. सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए, यह क्या है, क्यों लगाया है और क्या करता है? थोड़ी ही देर में साफ हो गया कि यह कोई फैशन एक्सेसरी नहीं, बल्कि एक खास हेल्थ-टेक डिवाइस है जिसका नाम Temple है.
Temple क्या है?
टेंपल एक हल्का-फुल्का, रोज़ पहनने वाला एक्सपेरिमेंटल डिवाइस है, जिसे दीपिंदर गोयल की ही एक नई पहल के तहत तैयार किया जा रहा है. इसका मकसद इंसान के दिमाग में होने वाले ब्लड फ्लो को रियल-टाइम में मापना है. आसान शब्दों में कहें तो यह डिवाइस यह समझने की कोशिश करता है कि दिमाग तक खून का फ्लो कितना सही तरीके से हो रहा है.
दीपिंदर गोयल के मुताबिक, दिमाग का ब्लड फ्लो हमारी याददाश्त, फोकस, मानसिक थकान, स्ट्रेस और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया से जुड़ा होता है. Temple इसी डेटा को लगातार ट्रैक करता है ताकि समय रहते संकेत मिल सकें.
किसके लिए हो सकता है फायदेमंद?
यह डिवाइस खास तौर पर स्टूडेंट्स, प्रोफेशनल्स, बुज़ुर्गों और हाई-परफॉर्मेंस पर काम करने वालों के लिए मददगार हो सकता है. इससे फोकस लेवल, मानसिक थकावट, तनाव और दिमागी सेहत से जुड़े पैटर्न समझने में मदद मिल सकती है.
टेंपल का आइडिया दीपिंदर गोयल की एक थ्योरी से भी जुड़ा है, जिसे वह ‘Gravity Ageing Hypothesis’ कहते हैं. उनका मानना है कि लंबे समय तक सीधे खड़े रहने और ग्रैविटी के असर से दिमाग में ब्लड फ्लो धीरे-धीरे कम हो सकता है, जिससे एजिंग तेज होती है. टेंपल इसी सोच को डेटा के ज़रिए परखने की कोशिश है.
दीपिंदर गोयल खुद इस डिवाइस को एक साल से ज़्यादा समय से इस्तेमाल कर रहे हैं. उनका कहना है कि आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में हेल्दी रहना आसान नहीं है, और Temple जैसी टेक्नोलॉजी भविष्य में प्रिवेंटिव हेल्थ के लिए बड़ा रोल निभा सकती है.
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