जब मनचाही कहानियां नहीं मिलीं, तो मैंने खुद लिखना शुरू किया: अदिवि शेष

मुंबई, 25 जुलाई (.)। साउथ फिल्म इंडस्ट्री के अभिनेता और लेखक अदिवि शेष ने बताया कि उन्होंने अपनी फिल्मों की कहानियां खुद क्यों लिखनी शुरू की। अदिवि ने बताया कि एक समय ऐसा था जब उनके पास जो स्क्रिप्ट आती थीं उनमें वो अपील नहीं थी जो वो चाहते थे। कहानी नहीं थी जो वो पर्दे पर देखना या दिखाने की ख्वाहिश रखते थे। लिहाजा, उन्होंने खुद लिखने की ठानी।

अदिवि, करमा, क्षणम, गुड्डाचारी, मेजर और गुड्डाचारी 2 के साथ ही डकैत: अ लव स्टोरी जैसी फिल्मों में अभिनय के साथ ही लेखन की जिम्मेदारी भी उठा चुके हैं।

उन्होंने बताया, “मैं उन कहानियों को जीना और दर्शकों के सामने पेश करना चाहता था जो मुझे उत्साहित और भावुक करने के साथ ही चुनौती भी दे। लेकिन, ऐसे स्क्रिप्ट्स मुझे नहीं मिल रहे थे। इसलिए मैंने खुद कहानियां लिखने का फैसला किया।”

अदिवि के लिए लेखन एक व्यक्तिगत प्रक्रिया है। वे कहते हैं, “लेखन मुझे उन किरदारों और कहानियों को गढ़ने की आजादी देता है, जिनसे मैं बतौर कलाकार और इंसान जुड़ाव महसूस करता हूं। मैं ऐसी कहानियां लिखता हूं, जो दर्शकों को बांधे और भावनात्मक सच्चाई को बनाए रखें।”

उनका मानना है कि अगर कोई कहानी उन्हें छूती है, तो वह दर्शकों को भी जरूर प्रभावित करेगी।

करमा से शुरू हुआ यह सफर क्षणम, गुड्डाचारी, और मेजर तक पहुंचा। अदिवि कहते हैं, “हर फिल्म एक जोखिम थी, लेकिन ये ऐसी कहानियां थीं, जिन्हें मैं बताना चाहता था।”

अब गुड्डाचारी 2 और डकैत: अ लव स्टोरी के साथ वह इस सफर को आगे बढ़ा रहे हैं। वह कहते हैं, “मैं खुशकिस्मत हूं कि मेरी कहानियां अब मेरी पहचान का हिस्सा बन गई हैं। मैं ऐसी कहानियां बनाना जारी रखना चाहता हूं, जो दर्शकों को मनोरंजन दे, चुनौती दे और प्रभाव छोड़ सके।”

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एमटी/केआर

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