Entertainment: घर वालों से झूठ बोलकर कहां जाते थे करण जौहर? कभी 150 किलो तक था वजन – #iNA

कभी बतौर एक्टर इंडट्री में अपनी शुरुआत करने वाले मशहूर फिल्ममेकर करण जौहर बाद में डायरेक्टर बन गए थे और फिर उन्होंने बतौर प्रोड्यूसर भी काफी नाम कमाया. आज करण इंडस्ट्री के सबसे मशहूर फिल्ममेकर्स में से एक हैं. लेकिन, उनका निजी जीवन काफी उतार चढ़ाव भरा है. उन्हें फिल्मों में स्टार किड्स को मौका देने के लिए ट्रोल किया जाता है तो वहीं बचपन में भी उनका जमकर मजाक उड़ाया जाता था.

करण जौहर ने मुंबई के ग्रीनलॉन हाई स्कूल से पढ़ाई की. वहीं उनकी आगे की पढ़ाई एचआर कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स से हुई. बचपन में करण की आवाज काफी पतली हुआ करती थी. वो लड़कियों की तरह डांस करते थे. स्कूल में बच्चे उन्हें चिढ़ाते थे और उन्हें जमकर बुली करते थे. ऐसे में खुद पर काम करने के लिए करण घर वालों से झूठ बोलकर ग्रूमिंग क्लास जाया करते थे. वहीं उन्होंने अपनी फिजिक पर भी काम किया था. कभी करण का वजन 150 किलो तक हुआ करता था.

घर वालों से झूठे बोलते थे करण

बचपन में करण काफी मोटे हुआ करते थे. लेकिन, इससे उलट उनकी आवाज काफी पतली थी. लोगों और स्कूल में बच्चों की बातों से इस कदर आहत हुए थे कि उन्होंने खुद को बदलने का फैसला लिया. करण अपनी वॉक, आवाज और बोलने के अंदाज को सुधारने के लिए ग्रूमिंग क्लास जाते थे और घर वालों को बोलते थे कि वो कंप्यूटर क्लास जा रहे हैं. ग्रूमिंग क्लास से करण को काफी मदद मिली थी.

एक्टिंग से शुरू हुआ सफर, डायरेक्शन में मिली सक्सेस

करण ने दूरदर्शन के शो ‘इंद्रधनुष’ से अपना एक्टिंग करियर शुरू किया था. लेकिन जल्द ही उन्हें समझ आ गया कि एक्टिंग उनके बस की बात नहीं है. फिर उन्होंने ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ फिल्म के लिए बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम किया. इसके बाद 1998 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ का डायरेक्शन किया. फिर ‘कभी खुशी कभी गम’ जैसी एक और ब्लॉकबस्टर दे डाली. इनके अलावा करण ‘कभी अलविदा ना कहना’, ‘माय नेम इज खान’, ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ ‘बॉम्बे टॉकीज’, ‘लस्ट स्टोरीज’ और ‘ए दिल है मुश्किल’ का भी डायरेक्शन कर चुके हैं.

घर वालों से झूठ बोलकर कहां जाते थे करण जौहर? कभी 150 किलो तक था वजन

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