Entertainment: माधुरी दीक्षित पर क्यों फिदा हुए थे एमएफ हुसैन कि बना डाली फिल्म, कहानी गज गामिनी की – #iNA

हिंदी फिल्मों की ग्लैमरस अभिनेत्री माधुरी दीक्षित और मशहूर पेंटर मकबूल फिदा हुसैन की ये कहानी बहुत से लोगों के दिल धड़का देगी. माधुरी फिल्मी पर्दे की धक् धक् गर्ल तो मकबूल फिदा हुसैन एक विवादास्पद पेंटर. हिंदू देवी-देवताओं की पेंटिंग बनाने को लेकर उन पर निशाने भी साधे जा चुके हैं. लेकिन उनका सिनेमा प्रेम भी उतना ही विख्यात है. हम आपके हैं कौन और बेटा जैसी फिल्में देखने के बाद एक अवॉर्ड समारोह में माधुरी दीक्षित के दीवाने हो गए थे. बाद में जब ये दो दिग्गज हस्ती एक मिशन में जुटे तो पर्दे पर गज गामिनी जैसी फिल्म का सृजन हुआ.

जी हां, इसे हम फिल्म सृजन ही कहना चाहेंगे. क्योंकि गज गामिनी महज एक फिल्म नहीं थी बल्कि एक पेंटर के नजरिए से सिल्वर स्क्रीन को एक कैनवस बनाया गया था. गज गामिनी लियोनार्डो दा विंची की मोना लिसा थी तो कालिदास की शकुंतला भी. साथ ही शाहरुख नामक एक फोटो जर्नलिस्ट की खूबसूरत फोटोग्राफी की प्रेरणा.

जब माधुरी के दीवाने हुए एमएफ हुसैन

इन सबके पीछे एक पेंटर की दीवानगी थी. दीवानगी ऐसी कि उन्होंने फिल्म बनाने की ठानी. साल था-2000 यानी मिलेनियम ईयर. नई शताब्दी पर ये नई ईबारत का सृजन. वास्तव में गज गामिनी ना तो बॉक्स ऑफिस बिजनेस के लिए बनी थी और ना ही पुरस्कार पाने के लिए. यह दो कलाकारों की उम्दा प्रस्तुति थी. सिनेमा और कला की दुनिया में इसका अपना अलग ही महत्व है. फिल्म का हर एक सीन पेंटिंस सरीखा. माधुरी दीक्षित को उस पेंटिंग का मॉडल बना कर प्रस्तुत किया गया. क्योंकि एक पेंटर जो इस फिल्म के प्रोड्यूसर बने थे, माधुरी के सबसे बड़े दीवाने थे.

‘हम आपके हैं कौन’ कुल 67 बार देखी

माधुरी दीक्षित यानी कशिश भरी मुस्कान की मल्लिका, सिल्वर स्क्रीन की डांसिंग क्वीन और हर भूमिका में किसी को भी भावुक कर देने वाली मनमोहक अदाकारा. शायद यही वजह है कि उन्हें धक् धक् गर्ल भी कहा जाता था. वास्तव में एमएफ हुसैन माधुरी दीक्षित की इन्हीं अदाओं के फैन रहे. वो मानते थे माधुरी के सम्मोहन में एक जादू है. उन्होंने माधुरी के उसी सम्मोहन में उनकी चर्चित फिल्म हम आपके हैं कौन कुल 67 बार देखी थी. हुसैन साहब की नजर में यह उनकी सर्वोत्तम फिल्म थी. इसमें माधुरी की हर अदा पर वो फिदा थे.

‘आजा नच ले’ के लिए थिएटर बुक किया

दीवानगी और सम्मोहन का आलम ये भी देखिए कि साल 2007 में जब माधुरी ने आजा नच ले से कम बैक किया तब एमएफ हुसैन ने उनकी फिल्म को देखने के लिए पूरा थिएटर ही बुक करवा लिया था. इस बीच उन्होंने माधुरी के साथ गज गामिनी बना ली थी. इसमें शाहरुख खान ने भी अपनी मेहमान प्रस्तुति दी. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर आम दर्शकों की समझ से परे थी लेकिन माधुरी दीक्षित के लिए यह इतिहास रचने जैसी उपलब्धि थी. एक अंतरराष्ट्री स्तर के प्रसिद्ध पेंटर ने उनसे प्रभावित होकर फिल्मन बनाई और उसमें उनको मुख्य अभिनेत्री का रोल दिया.

गज गामिनी स्त्री के सपने की कहानी

गज गामिनी का मतलब होता है जो हाथी की चाल में चले. इस फिल्म की कहानी एमएफ हुसैन ने खुद ही तैयार की थी. मूल लेखिका थीं- कामना चंद्रा. फिल्म में माधुरी दीक्षित के अलावा शबाना आज़मी और नसीरुद्दीन शाह भी थे. वहीं शाहरुख खान गेस्ट रोल में नजर आए. फिल्म में चार कालखंडों को जोड़ा गया था. इन चारों कालखंड में माधुरी दीक्षित चार अलग-अलग भूमिका में दिखीं. ये भूमिकाएं थीं- गज गामिनी, संगीता, शकुंतला, मोनिका और मोना लिसा. ये सभी किरदार अलग-अलग समयकाल में एक स्त्री की संवेदना को अभिव्यक्त करते हैं. कहानी कहती है- हर युग में किसी स्त्री के भाग्य में केवल इंतजार करना ही लिखा होता है.

तब्बू, उर्मिला के भी दीवाने हुए हुसैन

गज गामिनी की आलोचना और बॉक्स ऑफिस विफलता से बिना प्रभावित हुए एमएफ हुसैन ने एक बार फिर से 2004 में फिल्म बनाई- मीनाक्षी: ए टेल ऑफ़ थ्री सिटीज़. और इसमें उन्होंने तब्बू को बतौर अभिनेत्री उतारा. तब्बू एक बेहतरीन अदाकारा हैं लेकिन यह फिल्म उतनी नोटिस हासिल नहीं कर सकी जैसी कि गज गामिनी. आम दर्शकों ने इसे नजरअंदाज कर दिया. हुसैन इसके बाद उर्मिला मातोंडकर के साथ भी एक फिल्म बनाना चाहते थे.

हुसैन की नजर में उर्मिला भी माधुरी की तरह ही बेहद आकर्षक अभिनेत्री रही हैं. उन्होंने रंगीला नौ बार देखी थी. हुसैन को विद्या बालन और अनुष्का शर्मा भी बहुत अच्छी लगती थीं. डेढ़ इश्किया में विद्या बालन की अदाओं ने भी उनको प्रभावित किया था. एमएफ हुसैन का निधन 9 जून 2011 को लंदन में हुआ.

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माधुरी दीक्षित पर क्यों फिदा हुए थे एमएफ हुसैन कि बना डाली फिल्म, कहानी गज गामिनी की

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