Political – IIP को गंभीरता से क्यों ले रही है RJD, किस शर्त पर महागठबंधन का हिस्सा बनेंगे आईपी गुप्ता?- #INA

IIP को गंभीरता से क्यों ले रही है RJD, किस शर्त पर महागठबंधन का हिस्सा बनेंगे आईपी गुप्ता?

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और पान पार्टी के मुखिया आईपी गुप्ता.

तांती और तत्वा जाति के आरक्षण के लिए संघर्ष करने वाली इंडियन इंकलाब पार्टी यानी की पान पार्टी इन दिनों खासा चर्चा में है. पान पार्टी की इच्छा एनडीए का हिस्सा बनने की थी लेकिन आरजेडी, कांग्रेस और वीआईपी के प्रयासों की वजह से पान पार्टी अपने उम्मीदवारों की सूची के साथ तेजस्वी यादव से मिलने वाली है. जाहिर है कि गांधी मैदान में लाखों की भीड़ इकट्ठा कर चौंकाने वाली पान पार्टी लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव की नजरों में महत्वपूर्ण हो गई है. इसलिए पान पार्टी के नेता आईपी गुप्ता अपनी सीटों की डिमांड को लेकर आरजेडी से मिलने वाले हैं.

आरजेडी तांती-तत्वा की पार्टी में रुचि क्यों ले रही है?

पान पार्टी की भारी भरकम भीड़ ने गांधी मैदान में सबकी निगाहें अपनी ओर खींची थीं. कहा जाता है कि पेशे से इंजीनियर रहे पान पार्टी के मुखिया तांती तत्वा बिरादरी के लिए नई उम्मीद बनकर उभरे हैं. दरअसल तांती तत्वा समाज कभी दलित वर्ग का हिस्सा होता था लेकिन कुछ समय बाद इसे अति पिछड़े समाज का हिस्सा बना दिया गया. वैसे इसमें माननीय अदालत की भूमिका अहम रही है. मगर, पान पार्टी के मुखिया आईपी गुप्ता के मुताबिक, पान पार्टी राजनीतिक रूप से मुखर नहीं रही. इसलिए कांग्रेस और अन्य दलों ने इसकी परवाह नहीं की है.

आईपी गुप्ता ने कहा कि सरकार की तरफ से अदालत में ठीक से पैरवी नहीं हुई, जिसका खामियाज तांती तत्वा समाज को भुगतना पड़ा है. पान पार्टी के मुखिया एनडीए में जेडीयू के कई नेताओं के साथ मुलाकात कर चुके हैं. इन नेताओं में संजय गांधी, विजय चौधरी के अलावा विजेंद्र यादव का नाम बताया जा रहा है लेकिन जेडीयू से वार्ता को ज्यादा सफल होता नहीं देख पान पार्टी के मुखिया आरजेडी की बात पर गंभीर विचार करने लगे हैं.

12 विधानसभा क्षेत्रों की लिस्ट सौंपने जा रहे हैं आईपी गुप्ता

आरजेडी की तरफ से आलोक मेहता समेत कई नेता मिल चुके हैं. इसलिए पान पार्टी के नेता आईपी गुप्ता तेजस्वी यादव से मिलने जा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, आईपी गुप्ता 12 विधानसभा क्षेत्रों की लिस्ट सौंपने जा रहे हैं, जहां से उनकी पार्टी चुनाव लड़ने को लेकर तैयारी में जुटी हुई है. आरजेडी के एक नेता के मुताबिक, पान पार्टी का कई विधानसभा सीटों पर प्रभाव अच्छा है. इसलिए तेजस्वी यादव छोटे-छोटे दलों को साथ लेकर अपना वोट प्रतिशत बढ़ाने में लगे हुए हैं.

सरकारी आंकड़े के मुताबिक, तांती तत्वा की आबादी तकरीबन 23 लाख है लेकिन आईपी गुप्ता 1 करोड़ के आस-पास होने का दावा करते हैं. जाहिर है तेजस्वी यादव, कांग्रेस और वीआईपी ऐसा मान कर चल रही है कि पान पार्टी की मौजूदगी महागठबंधन को ज्यादा मजबूत कर सकती है. मगर, तेजस्वी 12 या 10 सीट का ऑफर स्वीकार करेंगे, इसकी गुंजाइश बेहद कम है.

कांग्रेस और वीआईपी भी पान पार्टी को साथ लाने के पक्ष में?

दरअसल कहा जा रहा है कि गांधी मैदान में पान पार्टी (आईआीपी) को मिली भारी सफलता के बाद कांग्रेस ने पान पार्टी को 5 सीटें सौंपने का ऑफर तभी दे दिया था. मगर, पान पार्टी ने सिर्फ कांग्रेस से ही नहीं बल्कि महागठबंधन का मजबूत हिस्सा बनने का मन बना लिया है. एनडीए के साथ वार्ता में गरमाहट कम देखने के बाद पान पार्टी अब आरजेडी के साथ चुनाव मैदान में उतरने का लगभग मन बना चुकी है. वीआईपी भी पान पार्टी को अपने कोटे से दो सीटें देने के पक्ष में है. ऐसा वीआईपी के कुछ नेता दबी जुबान में स्वीकार कर रहे हैं. जाहिर है आईपी गुप्ता अब महागठबंधन में अपनी राजनीति की नैया पार लगाने को लेकर तैयार होते दिख रहे हैं.

जनसुराज और ओवैसी के साथ जाने को तैयार हैं आईपी?

जनसुराज के नेता किशोर मुन्ना पान पार्टी के नेता आईपी गुप्ता से मिल चुके हैं लेकिन आईपी को जनसुराज का ऑफर पसंद नहीं आया है. दरअसल जनसुराज पान पार्टी का विलय अपने साथ कराना चाहती है, जिसे सुनते ही पानी पार्टी के नेता आईपी गुप्ता बेहद दुखी हो जाते हैं. हां, ओवैसी की पार्टी के नेताओं के साथ आईपी गुप्ता की मुलाकात बेहतर ढंग से हुई थी लेकिन ओवैसी के साथ जाने का पान पार्टी का इरादा नहीं के बराबर दिखता है.

वैसे टीवी9 के साथ इंटरव्यू में पान पार्टी कह चुकी है कि जनसुराज, एआईएमआईएम, पान पार्टी और बीएसपी बिहार में राजनीतिक दशा और दिशा बदल सकती है. मगर, बीएसपी और जनसुराज के अकेले लड़ने की घोषणा के बाद पान पार्टी के लिए महागठबंधन में बेहतर भविष्य दिखाई दे रहा है. आरजेडी भी मान रही है कि उत्तर बिहार के दरभंगा, सहरसा, पूर्णियां जैसे जिलों में पान पार्टी का साथ मिल जाने से महागठबंधन के लिए बेहतर परिणाम की उम्मीदें बढ़ जाती हैं.

चुनाव से पहले चंद्रशेखर भी महागठबंधन में हो सकते हैं शामिल?

चुनाव से ठीक पहले कई छोटे दलों का साथ लेकर आरजेडी एनडीए के समीकरण को ध्वस्त करने की रणनीति बना रही है. इस क्रम में चंद्रशेखर की पार्टी भी महागठबंधन का हिस्सा बन सकती है. उधर, पान पार्टी को पूरी उम्मीद है कि जिस तरह कांग्रेस और आरजेडी उनकी पार्टी को गंभीरता से ले रही है, इससे महागठबंधन को खासा मुनाफा होगा. वहीं एनडीए जिस जाति को अपना पुख्ता वोट बैंक मान रही है, उसे खासा निराशा हाथ लगेगी. मगर, पान पार्टी 10 से कम सीट पर मानने को तैयार नहीं है. ऐसे में आरजेडी 10 सीट पर तैयार होगी, इसकी संभावना कम दिखाई पड़ती है.

IIP को गंभीरता से क्यों ले रही है RJD, किस शर्त पर महागठबंधन का हिस्सा बनेंगे आईपी गुप्ता?

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