संसद का शीतकालीन सत्र, आज दूसरा दिन:SIR को लेकर विपक्ष का हंगामा जारी, केंद्र बोला- बहस के लिए तैयार, समय सीमा न थोपें- INA NEWS

संसद के शीतकालीन सत्र का आज दूसरा दिन है। सत्र के पहले दिन (1 दिसंबर) दोनों सदनों में SIR और वोट चोरी के आरोप के मुद्दे पर विपक्ष ने हंगामा किया। विपक्ष ने आज भी संसद के गेट पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। विपक्षी दलों की मांग है कि SIR पर चर्चा कराई जाए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में कल बताया था कि सरकार SIR और चुनावी सुधारों पर चर्चा के लिए तैयार है। विपक्ष से अपील कि वह इस पर कोई समय सीमा न थोपें। पहले दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में 3 बिल पेश किए, जिसमें से मणिपुर गुड्स एंड सर्विस टैक्स बिल (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2025 बिल पास हुआ। वहीं सदन की कार्यवाही से पहले पीएम मोदी ने संसद के बाहर मीडिया से कहा, ‘यह सत्र पराजय की हताशा या विजय के अहंकार का मैदान नहीं बनना चाहिए। यहां ड्रामा नहीं, डिलीवरी होनी चाहिए। यहां जोर नीति पर होना चाहिए, नारों पर नहीं।’ वंदे मातरम् पर 10 घंटे चर्चा संभव मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर सरकार सदन में वंदे मातरम् पर 10 घंटे चर्चा करा सकती है। यह बहस गुरुवार-शुक्रवार को हो सकती है। पीएम मोदी खुद इसमें हिस्सा ले सकते हैं। 30 सितंबर को राज्यसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में सत्तारूढ़ दल के कई सदस्यों ने इस चर्चा का प्रस्ताव रखा था। अब तक ऑफिशियल बयान नहीं आया है। शीतकालीन सत्र में 10 नए बिल पेश होंगे संसद के शीतकालीन सत्र में 10 नए बिल पेश होंगे। लोकसभा बुलेटिन में शनिवार (22 नवंबर) को इसकी जानकारी दी गई थी। इनमें सबसे अहम एटॉमिक एनर्जी बिल है, जिसके तहत पहली बार निजी कंपनियों (भारतीय और विदेशी) को न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाने की अनुमति देने का प्रस्ताव है। फिलहाल देश में सभी परमाणु संयंत्र सरकार के नियंत्रण वाली कंपनियां जैसे NPCIL ही बनाती और चलाती हैं। बिल पास होने पर निजी क्षेत्र को भी न्यूक्लियर पावर प्रोडक्शन में प्रवेश मिलेगा। सत्र में आने वाला दूसरा बड़ा बिल ‘हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया’ बिल होगा। इसमें UGC, AICTE और NCTE जैसे अलग-अलग रेगुलेटरी संस्थानों को खत्म करके एक ही राष्ट्रीय कमीशन बनाने की योजना है। सरकार का कहना है कि इससे उच्च शिक्षा व्यवस्था अधिक सुगम और प्रभावी होगी। अहम बिल जो पेश होंगे, उनसे क्या बदलाव शीतकालीन सत्र के पहले दिन की कार्यवाही 1 दिसंबर- वित्त मंत्री ने 3 बिल पेश किए, मणिपुर GST संशोधन बिल पास संसद के शीतकालीन सत्र में पहले दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में तीन बिल पेश किए, जिसमें से मणिपुर गुड्स एंड सर्विस टैक्स बिल (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2025 बिल पास हुआ। इसके अलावा उन्होंने केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025 और स्वास्थ्य सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा सेस विधेयक, 2025 भी लोकसभा में पेश किए थे। पूरी खबर पढ़ें… संसद के पहले दिन सरकार ने ये जानकारियां दी केंद्र सरकार ने सोमवार को संसद को बताया गया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पिछले 11 साल और 7 महीनों में कुल 6,312 मामले दर्ज किए हैं, लेकिन इनमें दोषसिद्धि केवल 120 मामलों में हुई है। यह दर्ज किए गए कुल मामलों का लगभग 0.01 प्रतिशत है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि 1 अगस्त, 2019 को पीएमएलए में संशोधन के बाद, ईडी उन मामलों में विशेष अदालत (पीएमएलए) के समक्ष क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करती है, जहां मनी-लॉन्ड्रिंग का अपराध नहीं बनता है। इस संशोधन के बाद 93 मामलों में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई है। एक अन्य सवाल के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि विजय माल्या और नीरव मोदी समेत 15 लोगों को फरार आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है, जिन पर कुल मिलाकर बैंकों का 58,000 करोड़ रु. से ज्यादा बकाया है। सरकार ने सोमवार को संसद में एलआईसी के अदाणी समूह में निवेश समेत पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर में उसकी हिस्सेदारी का ब्यौरा पेश किया। सरकार ने लोकसभा में बताया कि 2007 तक 2,041 करोड़ रु. था जो सितंबर 2025 तक बढ़कर 48,294 करोड़ पर पहुंच गया।
तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा और कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने तारांकित प्रश्न के माध्यम से लोकसभा में यह मुद्दा उठाया था। नियमों के मुताबिक इस पर सदन में भी सवाल पूछे जाने थे लेकिन व्यवधान के कारण ऐसा नहीं हो सका। लिखित उत्तर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया कि एलआईसी ने मई 2025 में अदाणी पोर्ट्स स्पेशल इकॉनोमिक जोन में 5,000 करोड़ रु का निवेश किया। यह बोर्ड की स्वीकृत नीतियों के तहत किया। वित्त मंत्री ने साफ किया कि एलआईसी के निवेश के मामले में वित्त मंत्रालय ने कोई निर्देश जारी नहीं किया। एलआईसी ने अपने फैसले मानकों के आधार पर खुद ही लिए हैं। वित्त मंत्रालय के जवाब के अनुसार एलआईसी ने अकेले अदाणी पोर्ट्स एंड सेज में इक्विटी और डेट मिलाकर 2007 में निवेश 192 करोड़ रु. था जो 2025 में 15,306 करोड़ रु. तक पहुंच गया। यह करीब 8 गुना वृद्धि है। सरकार ने लोकसभा को बताया है कि 5 साल में 2,04,268 प्राइवेट कंपनियां बंद हो गई हैं। कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक सबसे अधिक कंपनियां 2022-23 में (83,452) बंद हुईं, इसके बाद 2021-22 में 64,054 और 2023-24 में 21,181 कंपनियां बंद हुईं। पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने लोकसभा को बताया कि पंजाब और हरियाणा में 2025 के धान कटाई के मौसम के दौरान पराली जलाने की घटनाओं में 2022 की तुलना में लगभग 90 प्रतिशत की कमी आई है।

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यह पोस्ट सबसे पहले भस्कर डॉट कोम पर प्रकाशित हुआ हमने भस्कर डॉट कोम के सोंजन्य से आरएसएस फीड से इसको रिपब्लिश करा है |

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