World News: 78 साल पुराने पाकिस्तान में पल रहे 80 आतंकवादी संगठन, पूरी लिस्ट – INA NEWS


अमेरिका ने हाल ही में पाकिस्तान में एक्टिव बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) और उसके सहयोगी मजीद ब्रिगेड को विदेशी आतंकी संगठन घोषित कर दिया है. दिलचस्प बात ये है कि ये फैसला ऐसे समय पर आया जब पाकिस्तान आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर अमेरिके दौरे पर हैं, और वो भी डेढ़ महीने में दूसरी बार. इसे पहले भी कई देशों ने आतंकी संगठन घोषित किया है.
अमेरिका हाल ही में टीआरएफ को भी इसी श्रेणी में डाल चुका है. पाकिस्तान में आतंक का जाल कितनी गहराई तक फैला हुआ है इसका अंदाजा आप इससे लगा सकते हैं जहां पाकिस्तान को एक देश बने हुए 78 साल ही हुए हैं मगर उसी देश में करीब 80 आतंकी संगठन सक्रिय है. कई पर पाकिस्तान सरकार या अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं पहले से पाबंदी लगा चुकी हैं. लेकिन हकीकत यह है कि पाकिस्तान की सरजमीं पर पलने-बढ़ने वाले संगठनों के नेटवर्क को आज तक कोई खत्म नहीं कर पाया.
वो संगठन जिन्हें पाक का सपोर्ट मिलता है
द हिंदू की एक खबर के मुताबिक कई ऐसे संगठन है जिन्हें कहा जाता है कि पाकिस्तान का खुला सपोर्ट मिलता है. पाकिस्तान हमेशा इससे इनकार करता रहा है. आइए उन संगठनों पर एक नजर डालते हैं.
लश्कर-ए-तैयबा (LeT): ये 1990 के दशक में पाकिस्तान का सबसे बड़ा भारत-विरोधी प्रॉक्सी संगठन बनकर उभरा. इसका संचालन हाफिज मोहम्मद सईद करता है, जो अंतरराष्ट्रीय पाबंदियों के बावजूद पाकिस्तान में खुला घूमता है.
जैश-ए-मोहम्मद (JeM): इसे मसूद अजहर ने साल 2000 में बनाया था, जब उसे आईसी-814 विमान अपहरण के दौरान रिहा किया गया था. जैश पाकिस्तान की आत्मघाती हमलों की मुख्य ताकत माना जाता है. इसका मुख्यालय बहावलपुर, पंजाब में है. इसके सात बड़े ट्रेनिंग कैंप खैबर पख्तूनख्वा (KPK) में, चार पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हैं, और हाल में इसने तालिबान-नियंत्रित अफगानिस्तान में भी फिर से कैंप शुरू किए हैं.
हक्कानी नेटवर्क: यह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का एक तरह से अर्ध-स्वायत्त अंग है, जो अफगानिस्तान-पाकिस्तान बॉर्डर पर काम करता है. इसके नेता सिराजुद्दीन हक्कानी हैं, जो अब अफगानिस्तान के गृह मंत्री हैं, जबकि अमेरिका ने 1 करोड़ डॉलर का इनाम रखा है. यह नेटवर्क ISI का अफगानिस्तान में हाथ-पैर माना जाता है और भारत-विरोधी कार्रवाइयों में मदद करता है.
इस्लामिक स्टेट-खुरासान (ISIS-K): यह संगठन TTP (तेहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) के टूटे हुए धड़ों से बना. इसके बेस पूर्वी अफगानिस्तान और पाकिस्तान के कबायली इलाकों में हैं. भले ही इनका विचारधारा पाकिस्तान के खिलाफ है, लेकिन कई सबूत बताते हैं कि पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों के कुछ हिस्से इनकी कुछ कार्रवाइयों को चुपचाप मंजूरी देते हैं.
पंजाब में सबसे ज्यादा आतंकी संगठन
South Asia Terrorism Portal के डेटा के मुताबिक पाकिस्तान के पंजाब प्रांत को आतंकी संगठनों का सबसे बड़ा अड्डा माना जाता है. यहां पर 34 आतंकी संगठन सक्रिय हैं. इन संगठनों में लश्कर-ए-तैयबा (LeT), जैश-ए-मोहम्मद (JeM), जमात-उद-दावा (JuD), और लश्कर-ए-झांगवी (LeJ) जैसे संगठन शामिल हैं, जिनपर भारत में कई हमलों का आरोप है. और आज तक इनके नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त नहीं किया जा सका है.
पंजाब में सक्रिय कुछ प्रमुख संगठन के नाम हैं- लश्कर-ए-तैयबा (LeT), जैश-ए-मोहम्मद (JeM),जमात-उद-दावा (JuD), लश्कर-ए-झांगवी (LeJ),313 ब्रिगेड,तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP), फला-ए-इंसानियत फाउंडेशन (FIF)
खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान का हाल जानिए
South Asia Terrorism Portal के ही डेटा के मुताबिक खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में 21 आतंकी संगठन सक्रिय हैं. इनमें तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP), हिज्बुल तहरीर, लश्कर-ए-इस्लामी, और इस्लामिक मूवमेंट ऑफ उज्बेकिस्तान जैसे संगठन शामिल हैं. वहीं बलूचिस्तान प्रांत में 19 आतंकी संगठन मौजूद हैं. यहां BLA, BRA, और BRAS जैसे बलोच राष्ट्रवादी संगठन सक्रिय हैं जो पाकिस्तान सरकार के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष में जुटे हैं.
बलूचिस्तान के बड़े आतंकी संगठनों के नाम हैं- बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA),बलूच रिपब्लिकन आर्मी (BRA),बलूच स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन (BSO-A),दाइश (ISIS) और अल कायदा.
सिंध का कराची बना आतंकी नेटवर्क का केंद्र
हाल ही में सामने आई रिपोर्टों में बताया गया है कि सिंध प्रांत, खासकर कराची, कई आतंकी संगठनों की गतिविधियों का हब बन चुका है. यहां 13 से ज्यादा संगठन सक्रिय हैं. जैसे अल कायदा,सिपाह-ए-सहाबा पाकिस्तान (SSP), सिपाह-ए-मुहम्मद पाकिस्तान (SMP),लश्कर-ए-झांगवी (LeJ),दाइश (ISIS), जमात-उल-अहरार (JuA),पीपुल्स अमन कमेटी (PAC),बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA)
78 साल पुराने पाकिस्तान में पल रहे 80 आतंकवादी संगठन, पूरी लिस्ट
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