World News: सऊदी के बाद ईरान लेगा पाकिस्तान से परमाणु सुरक्षा की गारंटी? खामेनेई के करीबी ने दिया संकेत – INA NEWS


पाकिस्तान लगातार ईरान से दोस्ती बढ़ा रहा है. इसी के चलते हाल ही में ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) के सचिव अली लारीजानी और पाकिस्तान के गृह मंत्री सैयद मोहसिन नकवी के बीच मुलाकात हुई. इस दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा की. ईरान और पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच हुई मुलाकात में दोनों देशों ने राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की योजनाओं पर चर्चा की.
नकवी ईसीओ (इकोनॉमिक कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन) के गृह मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए ईरान पहुंचे थे. बैठकों के दौरान दोनों पक्षों ने साझा चुनौतियों से निपटने के लिए नजदीकी सहयोग की जरूरत पर जोर दिया.
सऊदी-पाक समझौते को लेकर क्या कहा?
इस बीच लारीजानी ने पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुए हालिया रणनीतिक समझौते को साझा खतरों का मुकाबला करने की दिशा में एक समझदारी भरा और पॉजिटिव कदम बताया. लारीजानी ने कहा कि क्षेत्र समान दुश्मनों और चुनौतियों का सामना कर रहा है, इसलिए मुस्लिम देशों को ठोस और व्यापक कदम उठाने की जरूरत है.
उन्होंने सुरक्षा, रक्षा, राजनीतिक और खासकर आर्थिक क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया. लारीजानी ने ईरान का इजराइल के साथ हुआ 12 दिनों के युद्ध के दौरान पाकिस्तान की स्थिति की सराहना की. वहीं, दूसरी तरफ नकवी ने दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सुरक्षा संबंधों को गहरा और मजबूत बताया.
इससे पहले पाकिस्तान और सऊदी के बीच हुए रक्षा समक्षौते को लेकर ईरान के जनरल सफवी सुप्रीम लीडर खामेनेई के करीबी का बयान सामने आया था. उन्होंन रक्षा समझौते पर विस्तार से बात करते हुए इसे एक पॉजिटिव घटनाक्रम बताया और कहा कि इस क्षेत्र में अमेरिका का प्रभाव कम हो रहा है. सफवी ने कहा कि इस स्थिति में हम एक क्षेत्रीय इस्लामिक गठबंधन स्थापित कर सकते हैं.
सीमा और आतंकवाद को लेकर हुई चर्चा
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने ईरान के साथ आतंकवाद और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ सीमा प्रबंधन को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया है. बैठक में आतंकवाद-रोधी अभियानों, मादक पदार्थों के खिलाफ कोशिशों और सीमा प्रबंधन को बेहतर बनाने पर चर्चा हुई.
संयुक्त समिति के गठन पर सहमति
इससे पहले अक्टूबर में पाकिस्तान और ईरान ने सीमा व्यापार और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी समस्याओं को हल करने के लिए एक संयुक्त समिति गठित करने पर सहमति जताई थी. दोनों देशों के बीच लगभग 900 किलोमीटर लंबी साझा सीमा है. दोनों देश इस क्षेत्र को परिवहन और ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग के लिए उपयोग करना चाहते हैं ताकि क्षेत्रीय संपर्क और आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा दिया जा सके. साथ ही हाल के महीनों में इस्लामाबाद और तेहरान ने द्विपक्षीय व्यापार को 10 अरब डॉलर तक बढ़ाने की इच्छा भी व्यक्त की है.
पाकिस्तान से मिलेगी परमाणु सुरक्षा की गारंटी?
सऊदी और पाकिस्तान के बीच हुए रक्षा समझौते के बाद कहा जा रहा था कि इस समझौते के बाद सऊदी अब पाकिस्तान की परमाणु छतरी के नीचे आ गया है. इसी के बाद अब जब ईरान और पाकिस्तान के बीच भी रक्षा से लेकर कई क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ रही है तो सवाल खड़े हो गए हैं कि क्या ईरान भी सऊदी की ही तरह पाकिस्तान से परमाणु सुरक्षा की गांरटी लेगा.
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने समझौते के बाद पाकिस्तानी न्यूज चैनल पर कहा था कि पाकिस्तान की परमाणु क्षमताएं रियाद को उपलब्ध कराई जा सकती हैं. हालांकि, आसिफ ने बाद में पत्रकार मेहदी हसन को दिए इंटरव्यू में कहा था कि पाकिस्तान रक्षा समझौते के तहत अपने परमाणु हथियार सऊदी अरब को नहीं दे रहा है.
सऊदी के बाद ईरान लेगा पाकिस्तान से परमाणु सुरक्षा की गारंटी? खामेनेई के करीबी ने दिया संकेत
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