World News: गैस ठिकानों पर ईरान की बमबारी से बैकफुट पर अमेरिका, 24 घंटे में डोनाल्ड ट्रंप ने बदला अपना फैसला – INA NEWS

मिडिल ईस्ट के गैस ठिकानों पर ईरान के ताबड़तोड़ हमले से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बैकफुट पर आ गए हैं. उन्होंने बयान जारी कर कहा कि अब ईरान के किसी भी गैस या तेल ठिकाने पर इजराइल हमला नहीं करेगा. ट्रंप ने अपने बयान में इजराइल से नाराजगी भी जाहिर की. उन्होंने कहा कि मुझे इसकी जानकारी भी नहीं थी. ट्रंप का यह बयान ऐसे वक्त में सामने आया है, जब ईरान ने मिडिल ईस्ट के 9 देशों के गैस ठिकानों पर एक साथ हमला किया.
रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने कतर के रास लाफान औद्योगिक शहर पर मिसाइल हमला किया है. यहां सबसे ज्यादा कतर का गैस उत्पादन होता है. कतर से दुनिया का 90 प्रतिशत एलएनजी सप्लाई होता है.
पहले दी परमिशन फिर क्यों पलटे?
अमेरिकी आउटलेट एक्सियोस के मुताबिक ईरान के साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर हमला के लिए व्हाइट हाउस ने ही मंजूरी दी थी. इस हमले की जानकारी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी दी गई थी. इसके बाद इजराइली सेना ने ईरान के इस सबसे अहम गैस क्षेत्र पर अटैक कर दिया, जिससे काफी नुकसान की संभावनाएं है. साउथ पार्स को ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है.
हालांकि, कतर पर हमले के बाद ट्रंप ने जो बयान पोस्ट किया, उसमें उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उन्हें इसके बारे में कुछ नहीं पता था. ट्रंप ने लिखा- मैं चाहता हूं कि कतर पर ईरान हमला न करे. कतर इस मामले में निर्दोष है. अगर उस पर आगे हमला किया जाता है तो हम और मजबूत हमला करेंगे.
एक्सियोस के मुताबिक ट्रंप के पलटने की एक मुख्य वजह कतर की नाराजगी है. रास लाफान पर हमले के बाद कतर के प्रधानमंत्री ने अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ से संपर्क साधा. इस दौरान उन्होंने काफी नाराजगी जताई, जिसके बाद खुद डोनाल्ड ट्रंप ने कतर के प्रधानमंत्री से बात की.
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से लिखा है- ट्रंप ने कतर को यह भरोसा दिया है कि उसके ठिकानों पर अब आगे से कोई हमला नहीं होगा. न ही इजराइल ईरान के गैस या तेल ठिकानों पर कोई हमला करेगा.
गैस ठिकानों पर हमला क्यों है अहम?
रास लफान कतर के नॉर्थ फील्ड में स्थित एक प्रोसेसिंस यूनिट है, जहां दुनिया का सबसे ज्यादा प्राकृतिक गैस को प्रोसेस किया जाता है. यह इसलिए अहम है, क्योंकि इसी प्रोसेसिंग यूनिट से पूरी दुनिया को गैस सप्लाई किया जाता है. कतर को सबसे ज्यादा इसी इलाके से राजस्व भी आता है.
इसके ठप होने का मतलब है- कतर के जरिए पूरी दुनिया को गैस सप्लाई ठप होना. कतर अमेरिका, यूरोप और एशिया के अधिकांश देशों को गैस सप्लाई करता है.
गैस ठिकानों पर ईरान की बमबारी से बैकफुट पर अमेरिका, 24 घंटे में डोनाल्ड ट्रंप ने बदला अपना फैसला
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