World News: मिडिल ईस्ट में 19 जगहों पर अमेरिका की मौजूदगी, अब दमिश्क में सैनिकों की तैनाती क्यों करने जा रहा? – INA NEWS


अमेरिका सीरिया में अपनी सैन्य मौजूदगी स्थापित करने की तैयारी कर रहा है. इस कदम का मकसद सीरिया और इजराइल के बीच होने वाले सुरक्षा समझौते को लागू करना है. ये समझौता दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रहे संघर्ष को कम करने के लिए हैं. अमेरिका दमिश्क में मौजूद सीरियाई एयरबेस पर अपने सैनिक तैनात करेगा. बेस के एक तय इलाके को डिमिलिटराइज्ड जोन घोषित किया जाएगा.
एयरबेस का इस्तेमाल निगरानी, लॉजिस्टिक्स, फ्यूल भरने और मदद अभियानों के लिए होगा. हालांकि एयरबेस पर पूरा कंट्रोल सीरिया का ही होगा. काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस के मुताबिक, फिलहाल मिडिल ईस्ट में 19 जगहों पर 40 से 50 हजार अमेरिकी सैनिक तैनात हैं. इनमें स्थायी और अस्थायी दोनों लोकेशन शामिल हैं. मिडिल ईस्ट में अमेरिका के 8 मिलिट्री बेस हैं. ये बहरीन, मिस्र, इराक, जॉर्डन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित हैं.
2 और जगहों पर अमेरिकी सैनिकों की निगरानी
यह कदम मिडिल ईस्ट में अमेरिका की रणनीति से मेल खाता है. मिडिल ईस्ट में पहले ही 2 जगहों पर सैनिक तैनात कर चुका है. लेबनान में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती हिजबुल्लाह और इजराइल के बीच पिछले साल हुए युद्धविराम की निगरानी करती है. इसी तरह इजराइल में भी अमेरिकी सैनिक हमास और इजराइल के बीच शांति समझौते की निगरानी कर रहे हैं.
ट्रंप और अल-शरा वॉशिंगटन में मिलेंगे
अमेरिकी प्रशासन इस समझौते की मध्यस्थता कर रहा है. ट्रंप सोमवार को सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शारा से व्हाइट हाउस में मुलाकात करेंगे. यह पहली बार होगा जब कोई सीरियाई राष्ट्राध्यक्ष अमेरिकी राष्ट्रपति से आमने-सामने मुलाकात करेगा. सीरिया जल्द ही अमेरिका के नेतृत्व वाले ग्लोबल एंटी-ISIS अलायंस में शामिल होने वाला है.
सीरिया के उत्तर पूर्व में अमेरिकी सैनिक तैनात
अमेरिका पहले से ही सीरिया के उत्तर-पूर्व में सैनिक तैनात कर चुका है. यह तैनाती कुर्द नेतृत्व वाले बलों की मदद के लिए है, जो इस्लामिक स्टेट (ISIS) से लड़ रहे हैं. अप्रैल में पेंटागन ने वहां सैनिकों की संख्या 1,000 तक घटाने की घोषणा की थी. सीरियाई अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अमेरिकी सैनिक की मौजूदगी का निर्णय नए सीरिया की सहमति से होगा.
इजराइल-सीरिया समझौते के लिए US की कोशिश
अमेरिकी सेनाध्यक्ष ब्रैड कूपर और सीरिया के लिए अमेरिका के विशेष दूत थॉमस बैरक ने 12 सितंबर को दमिश्क की यात्रा के दौरान राष्ट्रपति अल-शरा से मुलाकात की थी. अमेरिका महीनों से सीरिया और इजराइल के बीच सुरक्षा समझौते के लिए काम कर रहा है. UN जनरल असेंबली में समझौते की घोषणा करने की योजना थी, लेकिन आखिरी समय में बातचीत रुक गई.
सूत्रों के अनुसार, अमेरिका सीरिया पर साल के अंत तक या अल-शरा की अमेरिका यात्रा से पहले समझौता करने का दबाव डाल रहा है. इस तरह, दमिश्क एयरबेस पर अमेरिकी योजना का उद्देश्य न केवल सीरिया-इजराइल समझौते की निगरानी है, बल्कि मध्य पूर्व में अमेरिकी रणनीति और आतंकवाद विरोधी अभियानों का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है.
मिडिल ईस्ट में 19 जगहों पर अमेरिका की मौजूदगी, अब दमिश्क में सैनिकों की तैनाती क्यों करने जा रहा?
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