World News: 4 साल से जर्मनी में फंसी अरिहा शाह, 7 महीने की उम्र में ही माता-पिता से छीना, क्या है पूरा मामला? – INA NEWS


जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज भारत दौरे पर हैं. वे इस समय अहमदाबाद में हैं. उनके तय कार्यक्रम के अनुसार से वे पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे. इसके अलावा कई अन्य कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. इस बीच एक बार फिर अरिहा शाह का मामला चर्चा में आ गया है. अरिहा जो कि भारतीय बच्ची है वह पिछले 4 सालों से जर्मनी की यूथ वेलफेयर ऑफिस की कस्टडी में है. माता- पिता के साथ सेव अरिहा टीम की मेंबर लगातार लंबे समय से बच्ची की कस्टडी की मांग कर रहे हैं.
सेव अरिहा टीम की मेंबर, हेनिल विसारिया ने कहा कि 4 साल पहले, कुछ गलतफहमियों की वजह से, जर्मन अधिकारियों ने अरिहा शाह को कस्टडी में ले लिया और आरोप लगाया कि उसके माता-पिता बच्ची की देखभाल करने में काबिल नहीं हैं.
हालांकि मामले की सुनवाई के बाद में, जर्मन अधिकारियों, पुलिस और कोर्ट ने उनके माता-पिता के खिलाफ सभी आरोपों को क्लीन चिट दे दी थी. इसके बाद भी चार सालों से, उसकी कस्टडी उसके माता-पिता को नहीं दी गई है. वह जर्मन फॉस्टर केयर में रह रही है, जहां एक जर्मन परिवार उसकी देखभाल कर रहा है. हम जर्मन अधिकारियों और भारत सरकार से रिक्वेस्ट करते हैं कि उसे उसके देश वापस लाया जाए.
क्यों बच्ची को जर्मन फॉस्टर केयर में रखा गया?
अरिहा साल 2021 में 7 महीने की ही थी. उस समय उसकी दादी भारत से जर्मनी गईं थी. उनकी ही गलती के कारण अरिहा के प्राइवेट पार्ट में चोट लग गई थी. जब डायपर में खून दिखा तो परिवार के लोग बच्ची को अस्पताल ले गए. यहीं से मामला बिगड़ गया था. जर्मनी चाइल्ड केयर यूनिट ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए. यही वजह है कि इन आरोपों के बाद ही बच्ची को पेरेंट्स से दूर फॉस्टर केयर में भेज दिया गया. अरिहा पिछले 4 सालों से वहीं रह रही है.
अरिहा की आंटी ने क्या कहा?
अरिहा शाह की आंटी किंजल शाह ने कहा कि 4.5 साल पहले, अरिहा को जर्मन चाइल्ड सर्विसेज़ की गलतफहमी की वजह से जर्मनी में फॉस्टर केयर में ले जाया गया था, जिसकी वजह से उन्होंने उसके माता-पिता पर कुछ आरोप लगाए थे. हालांकि, अब उनकी अपनी कोर्ट ने माता-पिता को सभी आरोपों से बरी कर दिया है. आज, माता-पिता पर कोई आरोप नहीं है. वे भारत या किसी दूसरे देश जा सकते हैं. सिर्फ़ हमारी बच्ची बची है. उसे उसकी मर्ज़ी के खिलाफ़ रखा गया है. हम रिक्वेस्ट करते हैं कि भारत और जर्मन सरकारें हमारी छोटी बच्ची के अधिकारों को बचाने के लिए बातचीत करें.”
#WATCH | Ahmedabad, Gujarat | On the issue of Ariha Shah, an Indian girl child who has been in German foster care for 40 months, her Aunt Kinjal Shah says, “4.5 years ago, Ariha was taken into foster care in Germany because of a misunderstanding by the German child services, pic.twitter.com/d1VQY4O6Sq
— ANI (@ANI) January 11, 2026
विदेश मंत्री भी उठा चुके यह मामला
विदेश मंत्री एस जयशंकर भी इस मामले को उठा चुके हैं. उन्होंने अपनी जर्मनी यात्रा के दौरान वहां के विदेश मंत्री से इस बारे में बात की थी. हालांकि इसके बाद भी अभी भी बच्ची वहीं है. उस समय सचिव विक्रम मिश्री ने कहा था कि इस मामले पर हम बहुत बारीकी से नजर रख रहे हैं. बर्लिन में हमारे दूतावास ने इसे उठाया है.
भारत सरकार इस मामले को लेकर काफी सक्रिय है और भारत में अरिहा की वापसी के लिए कोशिश कर रही है. उनका तर्क है कि बच्ची का पालन-पोषण भारतीय सांस्कृतिक परिवेश में होना चाहिए और उसके परिवार के साथ होना उसके सर्वोत्तम हित में है.
4 साल से जर्मनी में फंसी अरिहा शाह, 7 महीने की उम्र में ही माता-पिता से छीना, क्या है पूरा मामला?
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