World News: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमले, हिंदू समुदाय को बना रहे निशाना, ओइक्य परिषद ने जारी किया डेटा – INA NEWS


बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदू समुदाय पर टारगेटेड हमलों का सिलसिला बिना रुके जारी है. ये घटनाएं ऐसे समय हो रही हैं जब देश 12 फरवरी, 2026 को होने वाले संसदीय चुनावों की तैयारी कर रहा है. 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद सत्ता में आई अंतरिम सरकार के कार्यकाल में अल्पसंख्यकों पर हमले तेज हो गए हैं. इस बीच हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद (ओइक्य परिषद) ने बयान जारी कर चिंता जाहिर की है.
ओइक्या परिषद ने जारी डेटा में बताया कि अल्संख्यकों पर अकेले दिसंबर में कम से कम 51 टारगेटेड घटनाएं हुईं, जिनमें 10 हत्याएं, लूटपाट, आगजनी, बलात्कार की कोशिश और घरों और मंदिरों पर कब्जा शामिल है. परिषद ने चिंता जताई कि ये हमले चुनावों से पहले अल्पसंख्यकों को डराने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा लगते हैं. दिसंबर की शुरुआत में, राजबाड़ी में अमृत मंडल को पीट-पीटकर मार डालने और मैमनसिंह में दीपू चंद्र दास को भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मार डालने और उनके शव को जलाने की खबरें आई थीं।
हाल के दिनों में हुईं हत्याएं
हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद (ओइक्य परिषद) ने बताया कि हाल के दिनों में में भी कई घटनाएं हुई हैं. जिसमें 5 जनवरी को, हिंदू व्यवसायी और एक अखबार के कार्यकारी संपादक राणा कांति बैरागी की जेसोर जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई. उसी दिन, नरसिंगडी में किराना दुकान के मालिक मोनी चक्रवर्ती की धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई. 3 जनवरी को, खोकन चंद्र दास पर शरियतपुर जिले में बेरहमी से हमला किया गया और उन्हें जलाकर मार डाला गया. ये घटनाएं कमजोर सरकारी संस्थानों और बढ़ते सांप्रदायिक तनाव के खतरनाक मेल को दिखाती हैं.
अल्पसंख्यक समुदाय में डर का माहौल
ओइक्या परिषद ने बताया कि कि ये घटनाएं कमजोर सरकारी संस्थानों और बढ़ते सांप्रदायिक तनाव के खतरनाक मेल को दिखाती हैं. अंतरिम सरकार ने हमलों की निंदा की है और जांच का वादा किया है, लेकिन अल्पसंख्यक समुदाय में डर का माहौल बना हुआ है. अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने भी चुनावों से पहले अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है.
बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति पर जताई चिंता
परिषद की रिपोर्ट में कहा गया है, “बांग्लादेश ने पहले भी राजनीतिक उथल-पुथल देखी है, लेकिन मौजूदा स्थिति, अपनी संस्थागत कमजोरी और सांप्रदायिक चिंताओं के साथ, विशेष रूप से खतरनाक है.” विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, हिंसा और बढ़ सकती है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है.
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमले, हिंदू समुदाय को बना रहे निशाना, ओइक्य परिषद ने जारी किया डेटा
[ad_2]
देश दुनियां की खबरें पाने के लिए ग्रुप से जुड़ें,
[ad_1]
#INA #INA_NEWS #INANEWSAGENCY
Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,










