World News: ऑस्ट्रेलिया का चर्चित टोयाह कॉर्डिंग्ले मर्डर केस, 7 साल बाद भारतीय शख्स दोषी करार – INA NEWS


एक भारतीय शख्स को ऑस्ट्रेलिया में 7 साल पहले हुए मर्डर का दोषी ठहराया गया है. 24 साल की टोयाह कॉर्डिंग्ले की डेड बॉडी अक्टूबर 2018 में ऑस्ट्रेलिया के वांगेटी बीच पर रेत में आधी दबी मिली थी. नॉर्थ क्वींसलैंड का यह बीच पॉपुलर टूरिस्ट डेस्टिनेशन केर्न्स और पोर्ट डगलस के बीच है. कॉर्डिंग्ले के शरीर पर 26 बार चाकू से वार किया गया था और उसका गला भी काटा गया था.
41 साल का रजविंदर सिंह घटना का बाद फरार हो गया था, उसने 4 साल भारत में भी बिताए. 2022 में उस पर हत्या का चार्ज लगा. एक महीने तक चले ट्रायल के बाद उसे हत्या का दोषी ठहराया गया है. यह रजविंदर के खिलाफ दूसरा ट्रायल था. इससे पहले मार्च में भी ट्रायल चला था, लेकिन ज्यूरी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई थी.
कॉर्डिंग्ले की हत्या के बाद बवाल
कॉर्डिंग्ले एक हेल्थ स्टोर वर्कर और एनिमल शेल्टर वालंटियर थी. अपने काम की वजह से वह लोकल कम्युनिटी में काफी लोकप्रिय थीं. उनकी हत्या को लेकर क्वींसवैंड में बड़े पैमाने पर लोगों ने दुख जताया था. केर्न्स सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान बताया कि कॉर्डिंग्ले को बार-बार किसी नुकीली चीज से मारा गया. इसके बाद एक रेत की कब्र में डाल दिया गया. यहां उनके बचने की कोई उम्मीद नहीं थी.
मूल रूप से पंजाब का निवासी रजविंदर हत्या के समय इनिसफेल में रह रहा था. यह शहर वारदात वाली जगह से करीब दो घंटे दक्षिण में है. पुलिस ने तुरंत ही उसे संदिग्ध मान कर जांच शुरू की, लेकिन वह अपनी पत्नी, तीन बच्चों और माता-पिता को छोड़कर पहले ही देश से बाहर जा चुका था. उसे 4 साल बाद दिल्ली से अरेस्ट किया गया. 2023 में ऑस्ट्रेलिया प्रत्यर्पित किया गया.
कोर्ट में कौन से सबूत पेश किए गए
घटनास्थल से फोन रिकॉर्ड, DNA सैंपल, CCTV और ट्रैफिक कैमरे का फुटेज भी मिला था. इसमें रविंदर के कार की मूवमेंट दिखाई दी थी. सबूत में एक छड़ी से मिला DNA भी शामिल था. यह DNA रजविंदर का ही थी. जांच में यह भी पता चला कि हमले के बाद कॉर्डिंग्ले का फोन और रजविंदर के कार की लोकेशन एक-दूसरे से मेल खा रही थीं. यानी कॉर्डिंग्ले का फोन कार में ही मौजूद था. रजविंदर मंगलवार को सजा पर सुनवाई के लिए अदालत पहुंचेगा.
ऑस्ट्रेलिया का चर्चित टोयाह कॉर्डिंग्ले मर्डर केस, 7 साल बाद भारतीय शख्स दोषी करार
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