World News: अमेरिकी हमले से डर गया चीन? बीच समुंदर से वापस बुलाए अपने तेल टैंकर – INA NEWS


अमेरिका ने पिछले दिनों वेनेजुएला पर अटैक किया. इसी के बाद वहां के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया गया. इसी बीच सामने आ रहा है कि वेनेजुएला अपने सबसे बड़े तेल खरीदार चीन को तेल नहीं बेच पा रहा है. हाल ही में चीन के दो सुपरटैंकर, जो कर्ज के बदले कच्चा तेल लेने के लिए वेनेजुएला जा रहे थे, रास्ते में ही यू-टर्न लेकर एशिया की ओर वापस लौट गए.
सोमवार को LSEG के शिपिंग डेटा से यह जानकारी सामने आई. इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका की ओर से प्रतिबंधित दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला फिलहाल अपने सबसे बड़े खरीदार चीन को सीधे तेल निर्यात नहीं कर पाएगा.
ट्रंप ने क्या कहा?
पिछले हफ्ते अमेरिका ने स्टोरेज में फंसे वेनेजुएला के 5 करोड़ बैरल तक तेल के निर्यात के एक समझौते की घोषणा की थी. इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि चीन को वेनेजुएला के कच्चे तेल से दूर नहीं किया जाएगा. हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि यह तेल किस तरीके से चीन तक पहुंचाया जाएगा.
चीन को पिछले महीने से नहीं मिला तेल
लेकिन, चीन जो वेनेजुएला के तेल का सबसे बड़ा बाजार है, उसे पिछले महीने से सरकारी तेल कंपनी PDVSA की ओर से कोई भी तेल खेप नहीं मिली है. अमेरिका का कहना है कि वेनेजुएला पर लगाया गया तेल प्रतिबंध अब भी लागू है. इसके बजाय, वैश्विक ट्रेडिंग कंपनियां विटोल (Vitol) और ट्रैफिगुरा (Trafigura) घोषित 2 अरब डॉलर के इस सौदे के तहत पहली तेल खेप तैयार कर रही हैं. ये खेप अमेरिका और अन्य देशों—जैसे भारत और चीन—को भेजी जाएंगी. अगर ये ट्रेडिंग कंपनियां चीन की रिफाइनरियों के साथ समझौता करती हैं, तो इसका फायदा चीन को मिल सकता है.
क्यों वापस लौटे जाहज
चीन के जिंगये (Xingye) और थाउज़ेंड सनी (Thousand Sunny) नाम के बेहद बड़े कच्चा तेल ढोने वाले जहाज, जिन पर कोई प्रतिबंध नहीं है, पिछले कई हफ्तों से अटलांटिक महासागर में खड़े थे. वो अमेरिका की नाकेबंदी और वेनेजुएला के राजनीतिक संकट के बीच निर्देशों का इंतजार कर रहे थे. इसी के बाद अब सामने आया है कि वो वापस लौट गए हैं. यह संकट अमेरिकी कार्रवाई के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो से जुड़ी स्थिति के कारण पैदा हुआ है.
ये जहाज तीन सुपरटैंकरों के एक समूह का हिस्सा हैं, जो केवल वेनेजुएला-चीन मार्ग पर चलते हैं. इनका इस्तेमाल चीन को कच्चा तेल भेजने के लिए किया जाता है, ताकि वेनेजुएला अपने कर्ज की अदायगी कर सके.
कर्ज के बदले वेनेजुएला भेज रहा तेल
ये कर्ज वेनेजुएला के चीन पर कुल बकाया का हिस्सा हैं. चीन पहले वेनेजुएला को सबसे ज्यादा कर्ज देने वाला देश था. 2019 में जब अमेरिका ने वेनेजुएला पर ऊर्जा प्रतिबंध लगाए, तो चीन ने कुछ समय के लिए कर्ज चुकाने की राहत दी और काराकास से यह तय किया कि पैसे की जगह कच्चा तेल भेजकर कर्ज चुकाया जाएगा.
राज्य-नियंत्रित PDVSA के आंतरिक दस्तावेजों के मुताबिक, पिछले साल चीन को वेनेजुएला ने सबसे ज्यादा तेल भेजा है. करीब 6.42 लाख बैरल प्रति दिन तेल चीन को भेजा गया, जो वेनेजुएला के कुल 8.47 लाख बैरल प्रति दिन के निर्यात का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा था. दस्तावेजों में यह भी बताया गया है कि चीन को भेजे गए तेल का बड़ा हिस्सा वहां की स्वतंत्र रिफाइनरियों तक पहुंचा.
अमेरिकी हमले से डर गया चीन? बीच समुंदर से वापस बुलाए अपने तेल टैंकर
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