World News: ईरान में आसान नहीं तख्तापलट, तेहरान की इस 4 ताकत को नजरअंदाज नहीं कर सकता है अमेरिका – INA NEWS

World News: ईरान में आसान नहीं तख्तापलट, तेहरान की इस 4 ताकत को नजरअंदाज नहीं कर सकता है अमेरिका – INA NEWS

ईरान में जारी बवाल के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान में घुसने की चेतावनी दी है. डोनाल़्ड ट्रंप की इस चेतावनी को ईरान ने तख्तापलट की कोशिश कहा है. ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति को जवाब देते हुए कहा है कि ईरान को कमजोर आंकने की भूल मत कीजिए. हम आपके हाथ उठने से पहले ही उसे काट देंगे. लारीजानी का यह बयान ऐसे वक्त में आया है, जब ईरान चारों ओर से घिर चुका है और अमेरिका मीडिया खामेनेई को कमजोर और बीमार बता रहा है.

अमेरिकी आउटलेट सीएनएन ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि खामेनेई बीमार हैं और उन्होंने पूरे मामले पर टिप्पणी न करने का फैसला किया है. इतना ही नहीं, अमेरिकी सीनेटर ट्रेड क्रूज़ ने अपने एक बयान में कहा है कि ईरान में खामेनेई के दिन अब गिने-चुने रह गए हैं.

ईरान की ताकत जानिए

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का कंट्रोल- ईरान के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का कंट्रोल है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी के बीच वाले हिस्से को कहा जाता है. इस रास्ते से एशिया और मिडिल ईस्ट के बीच व्यापार होता है. एक अनुमान के मुताबिक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए दुनिया का 20 प्रतिशत तेल और गैस का व्यापार होता है. जून 2025 में जब अमेरिका ने ईरान पर अटैक किया था, तो ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के नीचे विस्फोटक बिछाना शुरू कर दिया था. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का इलाका अगर क्लोज होता है तो एशिया में हाहाकार मच जाएगा.

मिडिल ईस्ट में रूस-चीन का एक मात्र सहयोगी- एक वक्त में मिडिल ईस्ट में ईरान, सीरिया जैसे देश रूस और चीन के सहयोगी थे, लेकिन बदले हालात में अब सिर्फ ईरान एकमात्र मुल्क है, जो मिडिल ईस्ट में रूस और चीन का सहयोगी है. अमेरिका अगर ईरान में खेल करता है तो रूस और चीन का मिडिल ईस्ट से कंट्रोल खत्म हो जाएगा. विस्तारवाद के मद्देनजर यह दोनों के लिए बड़ा झटका होगा. रूस और चीन किसी भी कीमत पर नहीं चाहेगा कि मिडिल ईस्ट में उसका एकमात्र सहयोगी भी अमेरिका के हाथों पिट जाए.

ईरान के पास मिसाइल और ड्रोन क्षमता- ईरान के पास भले परमाणु हथियार नहीं है, लेकिन उसके पास मिसाइलों का एक बहुत बड़ा जखीरा है. एक्सियोस के मुताबिक, ईरान के भंडार में अभी भी 1800 से ज़्यादा मिसाइलें हैं. इनमें से लगभग 200 मिसाइलें बैलिस्टिक हैं. इजराइल से जंग के बाद ईरान केमिकल युक्त घातक मिसाइलों का निर्माण कर रहा है.

मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों पर नजर- जून 2025 में जब अमेरिका ने ईरान पर अटैक किया था, तो उस वक्त ईरान ने तुरंत ही कतर स्थित अमेरिकी बेस पर हमला कर दिया. ईरान के पास उन सभी अमेरिकी ठिकानों की जानकारी है, जो मिडिल ईस्ट में स्थित है. जंग की स्थिति में इन ठिकानों को ईरान तुरंत नष्ट कर सकता है. अमेरिका यह भली-भांति जानता है.

ईरान में आसान नहीं तख्तापलट, तेहरान की इस 4 ताकत को नजरअंदाज नहीं कर सकता है अमेरिका

[ad_2]


देश दुनियां की खबरें पाने के लिए ग्रुप से जुड़ें,

[ad_1]

#INA #INA_NEWS #INANEWSAGENCY
Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,

Back to top button