World News: F-35 फाइटर प्लेन न दे अमेरिका… ईरान से नहीं अब इस मुस्लिम देश से इजराइल ने जताया खतरा – INA NEWS

World News: F-35 फाइटर प्लेन न दे अमेरिका… ईरान से नहीं अब इस मुस्लिम देश से इजराइल ने जताया खतरा – INA NEWS

इजराइल को ईरान से नहीं बल्कि मुस्लिम देश तुर्की से खतरा है. इसीलिए इजराइली अधिकारी ने अमेरिकी कांग्रेस से मांग की है कि किसी भी तरह तुर्की को एफ-35 लाइटनिंग लड़ाकू जेट विमान नहीं मिलने चाहिए. ब्रेइटबार्ट न्यूज से बातचीत में अधिकारी ने कहा कि यह सौदा अगर पूरा होता है तो इजराइल की सुरक्षा के लिए एक बहुत बड़ा खतरा होगा.

इजराइली अधिकारी ने दावा किया है कि तुर्की का लक्ष्य ओटोमन साम्राज्य की पुनर्स्थापना है, इसके तहत येरुशलम पर भी उसका दावा शामिल है, जिसे इजराइल अपनी राजधानी मानता है.इससे दोनों देशों के बीच सैन्य झड़प की संभावना बढ़ रही है.तुर्की टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारी ने कहा है कि अमेरिकी कांग्रेस तुर्की को एफ-35 की बिक्री न करे, नहीं तो भविष्य में संकट बढ़ जाएगा. रिपोर्ट में अधिकारी के हवाले से ये भी लिखा है कि इजराइल युद्ध से थक चुका है, अब वह तुर्की के साथ तनाव नहीं बढ़ाना चाहता.

एफ-35 पर हो रही अमेरिका और तुर्की के बीच बातचीत

तुर्की और अमेरिका में 2020 में F-35 फाइटर जेट पर डील हुई थी, सब कुछ सामान्य था, मगर तुर्की ने रूस ने S-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदी थी. इसके बाद तुर्की के साथ फाइटर जेट का सौदा रद्द कर दिया गया था. अमेरिकी कांग्रेस ने तुर्की पर अमेरिकाज एडवर्सरीज थ्रू सैंक्शंस एक्ट (CAATSA) के तहत प्रतिबंध भी लगाए थे. हाल ही में अमेरिकी राजदूत टॉक बैरक ने सुझाव दिया था कि अमेरिकी कांग्रेस एफ-35 की बिक्री को मंजूरी दे सकता है

11 जुलाई को न्यूयॉर्क में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान तुर्की के अमेरिकी राजदूत टॉक बैरक ने कहा था कि यह तकरीबन एक दशक से चली आ रही लंबी कहानी है जो अब समाप्त होने वाली है. उन्होंने कहा था कि एफ-35 ऐसा मामला है जिस पर कांग्रेस को विचार करना होगा.

Uk F35b Fighter Jet Features In Hindi

एर्दोगन को सौदा पूरा होने की उम्मीद

उधर तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन को उम्मीद है कि ट्रंप के कार्यकाल में सौदा पूरा हो जाएगा. अजरबैजान की यात्रा से लौटने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए एर्दोगन ने इसकी आशा यक्त की थी. उन्होंने कहा था कि यह मुद्दा रक्षा तकनीक से ज्यादा बढ़कर नाटो के भीतर मजबूत साझेदारी से भी जुड़ा है. उन्होंने कहा कि यह एक सैन्य तकनीक का मामला नहीं है, वैश्विक मंचों खासतौर से
एर्दोआन ने कहा, “एफ-35 का मुद्दा सिर्फ़ तुर्की के लिए सैन्य तकनीक का मामला नहीं है. एर्दोगन ने ये भी कहा था कि तुर्की किसी भी ऐसे देश के लिए खतरा नहीं है जो शत्रुतापूर्ण रुख नहीं अपनाता.

अमेरिका के फैसले को तुर्की ने बताया था गलत

अमेरिका ने तुर्की को जब 2020 में F-35 सौदे से हटाया था तो तुर्की ने इसे अन्यायपूर्ण करार दिया था. तुर्की का तर्क था कि उसी नाटो सदस्यता और क्षेत्रीय सुरक्षा में उसका भूमिका के चलते उस पर ऐसे प्रतिबंध नहीं लगने चाहिए. तुर्की ने एफ-35 कार्यक्रम में अपनी बहानी और मुआवजे की मांग की थी. हालांकि अभी तुर्की को इस कार्यक्रम में शामिल नहीं किया गया है.

F-35 फाइटर प्लेन न दे अमेरिका… ईरान से नहीं अब इस मुस्लिम देश से इजराइल ने जताया खतरा

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