World News: पाकिस्तान से अफगानिस्तान तक डर… आखिर कैसे मौलानाओं के चक्रव्यूह में फंस गए मुनीर? – INA NEWS

World News: पाकिस्तान से अफगानिस्तान तक डर… आखिर कैसे मौलानाओं के चक्रव्यूह में फंस गए मुनीर? – INA NEWS

पाकिस्तान के सेना प्रमुख जो धर्म के नाम पर नफरत का धंधा करते हैं. अब वो मौलानाओं से ही घिरते नजर आ रहे हैं. वो भी चारो तरफ से. खुद को पाकिस्तान का सुपर पीएम समझने वाले मुनीर की ये मजहबी मुसीबत बहुत बड़ी है क्योंकि इस्लाम के नाम पर पाकिस्तान से लेकर अफगानिस्तान तक के मौलाना एकजुट हो गए हैं. मुनीर के खिलाफ ना सिर्फ बयान दे रहे हैं बल्कि पूरी दुनिया में मुनीर विरोधी माहौल बना रहे हैं.

दुनिया जानती है कैसे आसिम मुनीर धर्म के नाम पर अपनी राजनीति चमकाते रहे हैं. अपनी शक्ति बढ़ाते रहे हैं. आतंकवाद फैलाते रहे हैं. लेकिन अब मामला उलट हो गया है. इसे आप अगले समीकरण से समझिए. हर तरफ यही चर्चा हो रही है कि मौलानाओं ने मुनीर को चारों तरफ से घेर लिया है. मौलानाओं की इस लिस्ट में बड़े बड़े नाम हैं.

ऐसे लोग हैं जिनकी एक आवाज पर सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आते हैं. ऐसे नेता हैं जिनकी बड़ी संख्या में फॉलोअर्स हैं. वो अब मुनीर के खिलाफ मुहिम चला चुके हैं. लगातार मुनीर को दी जाने वाली असीम शक्ति का विरोध कर रहे हैं. सबसे बड़ा नाम है मौलाना फजल उर रहमान जो पाकिस्तान के हैं. इनके मुनीर विरोधी, पाकिस्तान की सत्ता विरोधी कई बयान सुने होंगे. ये ताबड़तोड़ जुबानी फायरिंग करते रहे हैं. दूसरा नाम है मौलाना मुफ्ती तकी उस्मानी हैं, ये भी पाकिस्तान के बड़े मौलाना हैं.

सीमा पार पहुंची मुनीर की मुसीबत

कहानी यही खत्म नहीं हो रही है. मुनीर की मौलाना वाली मुसीबत पाकिस्तान की सीमा को पार भी कर चुकी है. अगला नाम है खलीफ़ा सिराजुद्दीन हक्कानी जो अफगानिस्तान के गृहमंत्री हैं. उन्होंने खुलकर मुनीर को चेतावनी दी है. एक और नाम है अखुंदजादा, जो तालिबान के धार्मिक मामलों के प्रभावशाली चेहरों में से एक है तालिबान का सर्वोच्च नेता है. सवाल यही है कि जो मुनीर इस तैयारी में हैं कि पाकिस्तान में उनकी सत्ता सदा के लिए हो. उनके खिलाफ वहीं के मौलाना क्यों हैं और कैसे तालिबान से हाथ मिलाकर नया गठबंधन बना रहे हैं. इसे आप लेटेस्ट बयान के आधार पर समझिए जो अफगानिस्तान के मंत्री ने दिया है….

  • बताया ये जा रहा है कि तालिबान और पाकिस्तान के उलेमा ने हाथ मिला लिया है.
  • तालिबान और पाकिस्तान के उलेमा करीब आ रहे हैं.
  • मुनीर को मिली असीम संवैधानिक शक्ति पर ये गोलबंदी की जा रही है.
  • इसे आप ऐसे भी समझ सकते हैं कि अफगानिस्तान के गृह मंत्री ने पाकिस्तानी मौलाना की तारीफ की है.
  • वो भी उस मौलाना की जो मुनीर विरोधी बाते करते रहते हैं.
  • अफगानिस्तान के गृहमंत्री ने तो पाकिस्तानी मौलाना फजल उर रहमान के भाषण का भी जिक्र किया है.

JUI-F अध्यक्ष मौलाना फज़ल उर रहमान ने कहा है कि अगर आप कहते हैं कि पाकिस्तान ने दुश्मन के ठिकानों पर हमला किया है! और आप इसे एक जायज बयान कहते हैं तो हिंदुस्तान आपसे कहता है कि मैंने बहावलपुर पर हमला किया है. मुरीदके में हमला किया है. मैंने POK में हमारे खिलाफ कार्रवाई करने वालों के खिलाफ हमला किया है तो फिर आप उस पर ऐतराज क्यों करते हैं.

मौलाना बोले- फौज के ओहदे अफसोसजनक

मौलाना मुफ्ती तकी उस्मानी ने कहा है कि फौज के जो ओहदे हैं. फील्ड मार्शल और जो 2 नए ओहदे पैदा किए गए हैं
वो हर किस्म के कानून के तहत किसी भी फौजदारी कानून के तहत ताउम्र उन पर कोई मुकदमा कायम नहीं हो सकता
और न ही उनके ऊपर कोई कार्रवाई हो सकती है. ये कुरान की आयत और नबी के कामों, इस्लामी तालीम
और इंसाफ, हर ऐतबार से ये सूरत ए हाल अफसोसजनक है.

अफगानिस्तान के गृह मंत्री खलीफा सिराजुद्दीन हक्कानी ने कहा कि हम उन सभी पक्षों की सराहना करते हैं जिनकी मंशा अच्छी है और जो अफगानिस्तान के प्रति सकारात्मक रुख रखते हैं. पाकिस्तान में धार्मिक विद्वानों की बैठक और इशाक डार के. सकारात्मक बयानों ने बातचीत के रास्तों को मजबूत किया है. हम देश के पुनर्निर्माण के लिए दृढ़ संकल्पित हैं, हमें किसी की परवाह नहीं.

असीम शक्ति वाली महत्वाकांक्षा पड़ रही भारी

कहा तो ये भी जा रहा है कि मुनीर की इस मुसीबत की सबसे बड़ी वजह है उनकी असीम शक्ति वाली महत्वाकांक्षा हैं. सेना प्रमुख होते हुए भी कूटनीतिक फैसले लेने वाली कट्टर नीति भी है. इसे ऐसे भी समझिए कि पाकिस्तान में प्रधानमंत्री होते हुए भी मुनीर खुद अमेरिका के साथ डील करते हैं, व्हाइट हाउस में लंच करते हैं. अब अमेरिका के दबाव में वो धर्म संकट में फंसते नजर आ रहे हैं. गाजा प्लान पर घिरे पाकिस्तान की ये पूरी कहानी भी समझिए.

अब आपको पाकिस्तान के दो नेता से मिलवाते हैं जिन्हें आज भी ऑपरेशन सिंदूर वाले बुरे सपने आ रहे हैं. एक का नाम है आसिफ अली जरदारी जो पाकिस्तान के राष्ट्रपति हैं. उन्होंने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी सेना के जवानों को बंकर में छिपने की नौबत आ गई थी.

दूसरा नाम है इशाक डार, जो पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री हैं. उन्होंने माना है कि भारत ने 11 एयरबेस तबाह किए थे. इशाक डार ने कहा कि नूर खान एयरबेस पर उस रात को करीब ढाई-तीन बजे फिर अटैक कर दिया. हमारा ये प्लान था कि सुबह करीब 4 बजे शुरू होगा और करीब 8 बजे तक ये खत्म होगा और ये प्रधानमंत्री की तरफ से बैठक के बाद कहा गया था जिस पर अमल करना था लेकिन भारत ने ड्रोन्स और मिसाइल फेंके ये उनकी सुपर गलती थी.

पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने माना एयरबेस पर हमला हुआ था

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि 10 मई की सुबह भारत ने पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस पर हमला किया था. यह बात उन्होंने साल के अंत में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही. इशाक डार के मुताबिक, यह हमला सुबह के समय किया गया और इसमें पाकिस्तान के एक अहम सैन्य एयरबेस को निशाना बनाया गया. हालांकि, उन्होंने हमले से हुए नुकसान या जवाबी कार्रवाई को लेकर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी.

(टीवी9 ब्यूरो रिपोर्ट)

पाकिस्तान से अफगानिस्तान तक डर… आखिर कैसे मौलानाओं के चक्रव्यूह में फंस गए मुनीर?

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