World News: ‘प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी बेहद भयावह’…ईरान में बढ़ती हिंसा पर संयुक्त राष्ट्र ने दी कड़ी चेतावनी – INA NEWS

World News: ‘प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी बेहद भयावह’…ईरान में बढ़ती हिंसा पर संयुक्त राष्ट्र ने दी कड़ी चेतावनी – INA NEWS

ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा की जा रही हिंसक कार्रवाई पर संयुक्त राष्ट्र ने गंभीर चिंता जताई है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क (Volker Türk) ने कहा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग और दमन की घटनाएं बेहद भयावह हैं.

ईरान में पिछले दो हफ्तों से सभी 31 प्रांतों में विरोध प्रदर्शन जारी हैं. मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक अब तक 600 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें से ज़्यादातर की मौत लाइव फायरिंग से हुई. हजारों लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है. हालात काबू में करने के लिए ईरानी सरकार ने देशभर में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं.

संयुक्त राष्ट्र की सख्त चेतावनी

वोल्कर तुर्क ने ईरानी अधिकारियों से तत्काल हिंसा रोकने और दमनकारी कार्रवाइयों को खत्म करने की अपील की है. उन्होंने देशभर में इंटरनेट और दूरसंचार सेवाएं तुरंत बहाल करने की भी मांग की है. उनका कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को आतंकवादी बताकर उनके खिलाफ हिंसा का इस्तेमाल कर हराना पूरी तरह अस्वीकार्य है और यह अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों का उल्लंघन है.

2022 जैसे हालात फिर से

मानवाधिकार उच्चायुक्त के अनुसार, ईरान में मौजूदा हालात 2022 के जन आंदोलन की याद दिलाते हैं. एक बार फिर बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर शासन व्यवस्था में बुनियादी बदलाव की मांग कर रहे हैं. हालांकि सरकार की प्रतिक्रिया इस बार भी कठोर दमन और हिंसा के रूप में सामने आई है. वोल्कर तुर्क ने कहा कि यह हिंसा का दुष्चक्र अब और नहीं चल सकता. ईरानी जनता की न्याय, समानता और गरिमा की मांगों को सुना जाना चाहिए.

अस्पतालों पर दबाव, बच्चों के घायल होने की खबर

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के मुताबिक, झड़पों में घायल लोगों की संख्या इतनी अधिक है कि कई अस्पतालों पर भारी दबाव पड़ रहा है. रिपोर्टों में बच्चों के घायल होने की भी पुष्टि हुई है. हालांकि 8 जनवरी से लागू देशव्यापी इंटरनेट बंदी के कारण इन घटनाओं की स्वतंत्र और पूरी जानकारी जुटाने में गंभीर बाधाएं आ रही हैं.

सुरक्षा बलों की भी मौत

संयुक्त राष्ट्र ने यह भी बताया है कि झड़पों के दौरान कुछ सुरक्षा बलों के सदस्यों की मौत की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील बन गई है. वोल्कर तुर्क ने ईरान के न्यायिक अधिकारियों के उन बयानों पर भी चिंता जताई है, जिनमें प्रदर्शनकारियों के खिलाफ फास्ट-ट्रैक ट्रायल चलाकर मृत्युदंड दिए जाने की संभावना जताई गई है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस तरह की प्रक्रियाएं अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों के खिलाफ हैं.

इंटरनेट बंदी से मौलिक अधिकार प्रभावित

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इंटरनेट और संचार सेवाओं पर रोक से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है. सूचना तक पहुंच बाधित हो रही है, आपातकालीन और जीवनरक्षक सेवाओं में रुकावट आ रही है और स्वतंत्र मानवाधिकार निगरानी मुश्किल हो गई है. मानवाधिकार उच्चायुक्त ने मांग की है कि प्रदर्शनकारियों की हत्याओं और हिंसा की स्वतंत्र जांच हो. मानवाधिकार उल्लंघनों के दोषियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार जवाबदेह ठहराया जाए. उन्होंने दोहराया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना ईरानी नागरिकों का अधिकार है और समस्याओं का समाधान दमन से नहीं, बल्कि संवाद और सुधार से होना चाहिए.

‘प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी बेहद भयावह’…ईरान में बढ़ती हिंसा पर संयुक्त राष्ट्र ने दी कड़ी चेतावनी

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