World News: पहले सेना प्रमुख अब गद्दाफी के बेटे की हत्या…लीबिया में कौन सा ऑपरेशन चल रहा है? – INA NEWS

लीबिया के सेना प्रमुख अली अहमद अल-हद्दाद की प्लेन क्रैश में मौत के 40 दिन बाद पूर्व तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी के बेटे की हत्या कर दी गई है. गद्दाफी के बेटे सैफ-अल इस्लाम 53 साल के थे. इस्लाम लीबिया में प्रस्तावित चुनाव में राष्ट्रपति पद के दावेदार थे. गद्दाफी के बेटे होने की वजह से सैफ की दावेदारी काफी मजबूत मानी जा रही थी. ऐसे में जिस तरीके से सैफ की हत्या हुई है, उससे कई सवाल उठ रहे हैं?

लीबिया उत्तरी अफ्रीका का एक देश है, जहां 96 प्रतिशत सुन्नी मुसलमान रहते हैं. इसकी राजधानी त्रिपोली है.

सैफ अल इस्लाम की हत्या क्यों हुई?

अनादोलु एजेंसी के मुताबिक बुधवार को लीबिया के जिंटान शहर में सैफ अल इस्लाम की हत्या कर दी गई. पिता गद्दाफी के तख्तापलट के बाद से ही सैफ जिंटान में रह रहे थे. उनके समर्थकों का कहना है कि जिंटान में अधिकृत रक्षा इकाई 444 ब्रिगेड के इशारे पर सैफ की हत्या की गई है. वहीं 444 ब्रिगेड ने इस दावे को खारिज किया है.

गद्दाफी शासन के पूर्व प्रवक्ता मूसा इब्राहिम ने अपने फेसबुक पर लिखा- यह धोखे से की गई हत्या है. क्योंकि रक्षा इकाई को छोड़कर किसी को भी सैफ के ठिकानों के बारे में जानकारी नहीं थी.

गद्दाफी के बेटे होने के साथ-साथ लीबिया में सैफ अल इस्लाम की एक पहचान सुधारक के रूप में भी थी. सैफ ने हाल ही में एकीकृत लीबिया की घोषणा की थी. वर्तमान में लीबिया 2 धड़ों में बंटा है.

राजधानी त्रिपोली के आसपास के इलाके पर नेशनल आर्मी का कब्जा है, जबकि बेंगाजी के आसपास के इलाके में लीबियाई राष्ट्रीय सेना का कब्जा है. खलीफा हफ्तार लीबियाई राष्ट्रीय सेना के प्रमुख हैं.

खलीफा ने अपने बेटे सद्दाम हफ्तार को उत्तराधिकारी घोषित कर रखा है. सद्दाम कमान मिलने के बाद से ही अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटे हैं. गद्दाफी के बेटे को हफ्तार का दुश्मन माना जा रहा था.

लीबिया की सियासत में तुर्की की एंट्री

गद्दाफी के मारे जाने के बाद से ही लीबिया की सियासत में तुर्की की एंट्री हो गई थी. तुर्की पहले नेशनल आर्मी के साथ था, जिसके कारण उसे त्रिपोली के आसपास कई डील मिले, लेकिन अब तुर्की ने पाला बदल लिया है. तुर्की अब हफ्तार परिवार के साथ है. कैसे, इसे पहले पढ़िए-

1. 2019 में तुर्की ने नेशनल आर्मी के सपोर्ट में त्रिपोली में सेना उतारने का फैसला किया था. 2025 के आखिर में नेशनल आर्मी ने तुर्की से सेना वापस ले जाने के लिए कहा, लेकिन अंकारा ने इनकार कर दिया. इसी बीच तुर्की में एक प्लेन क्रैश में अल-हद्दाद की मौत हो गई. यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया.

2. तुर्की ने हफ्तार परिवार और पाकिस्तान के बीच हथियारों की डील करवाई है. यह समझौता 4 अरब डॉलर का है, जिसमें लीबिया को जेट और छोटे हथियार मिलेंगे. हफ्तार परिवार से जुड़े लोग लगातार पाकिस्तान आ रहे हैं. वहीं तुर्की हफ्तार परिवार के जरिए लगातार लीबिया में अपना दबदबा बढ़ा रहा है.

सैफ की हत्या में तुर्की की भूमिका है?

आधिकारिक तौर पर इसको लेकर अब तक कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन जिस 444 ब्रिगेड पर गद्दाफी के बेटे सैफ इस्लाम की हत्या का आरोप लग रहा है. उसका तुर्की से बेहतरीन संबंध है. तुर्की ही 44 ब्रिगेड को खुफिया जानकारी मुहैया कराता है. हफ्तार परिवार से करीबी होने की वजह से भी तुर्की पर संदेह किया जा रहा है.

हालांकि, लीबिया के अटॉर्नी जनरल कार्यालय का कहना है कि अभी हम इसकी जांच करेंगे. इसके बाद सबूत जनता के सामने पेश करेंगे.

पहले सेना प्रमुख अब गद्दाफी के बेटे की हत्या…लीबिया में कौन सा ऑपरेशन चल रहा है?


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