World News: वो होता तो आज ईरान बहुत बेहतर और मजबूत होता… ट्रंप ने उस ईरानी जनरल को किया याद, बोले- मैंने पहले कार्यकाल में उसे मारा – INA NEWS

ईरान के साथ भीषण जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को राष्ट्र के नाम अहम संदेश दिया. तेहरान की ओर से वार्ता के दावों को खारिज किए जाने के ठीक बाद आए इस संबोधन में ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन की बात कही और साफ किया कि ईरान को एटमी हथियार बनाने की इजाजत नहीं दी जाएगी. इसके अलावा उन्होंने अपने पिछले कार्यकाल में उठाए गए कदमों की तारीफ करते हुए कहा कि अगर वह ऐसे कदम न उठाते, तो ईरान आज और मजबूत होता. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “यह स्थिति 47 सालों से चली आ रही है और मेरे पद संभालने से बहुत पहले ही इसे संभाल लिया जाना चाहिए था.”
उन्होंने आगे कहा, “मैंने अपने दो कार्यकाल के दौरान ईरान द्वारा परमाणु हथियारों की होड़ को रोकने के लिए सबसे पहले कदम उठाए. और शायद, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मैंने अपने पहले कार्यकाल में जनरल कासिम सुलेमानी को मार गिराया. वह एक दुष्ट जीनियस थे, एक बहुत ही काबिल इंसान थे, लेकिन एक भयानक इंसान भी थे. वह रोडसाइड बम के जनक थे और उन्होंने जो कुछ भी किया, वह बेहद भयानक था. अगर वह जिंदा होते, तो शायद आज रात हमारी बातचीत कुछ और ही होती, लेकिन आप जानते हैं क्या? हम तब भी जीत रहे होते और बहुत बड़ी जीत हासिल कर रहे होते.”
कौन थे जनरल कासिम सुलेमानी?
जनरल कासिम सुलेमानी ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की कुद्स फोर्स के कमांडर थे. वे 1998 से 2020 तक इस पद पर रहे और 3 जनवरी 2020 को बगदाद एयरपोर्ट पर अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए. वे ईरान की विदेश नीति और क्षेत्रीय प्रभाव के सबसे बड़े आर्किटेक्ट माने जाते थे.
पश्चिमी देश, मुख्य रूप से अमेरिका और उसके सहयोगी (इजराइल, सऊदी अरब आदि) सुलेमानी को मिडिल ईस्ट का सबसे खतरनाक व्यक्ति मानते थे क्योंकि वे ईरान की एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस, प्रॉक्सी वॉर के मास्टरमाइंड माने जाते हैं. उन्होंने एक ऐसा एक्सिस तैयार किया जो ईरान के सीधे शामिल हुए बिना ईरान के लक्ष्य को लिए उनके दुश्मनों से लड़ सकता है.
उन्होंने हिजबुल्लाह (लेबनान), हमास (फिलिस्तीन), हूती (यमन), शिया मिलिशिया (इराक) और बशर अल-असद के रिजीम (सीरिया) को हथियार, ट्रेनिंग और फंडिंग दी। इससे ईरान बिना सीधे युद्ध लड़े क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाता था. अमेरिका के अनुसार, सुलेमानी की कुद्स फोर्स ने इराक में 2003-2011 के दौरान अमेरिकी सैनिकों पर हमले कराए. जिसमें कई सैकड़ों सैनिकों की मौत हुई.
सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के साथ कासिम सुलेमानी (फाइल फोटो)
ईरान में उन्हें एक हीरो कहा जाता है. साथ ही पूरी दुनिया में भी उन्हें एक काबिल जनरल की तरह देखा जाता है, जिन्होंने सीरिया, इराक के हिस्सों को ISIS से आजाद कराने में अहम भूमिका निभाई. साथ ही अमेरिकी प्रभाव को क्षेत्र में बड़ा झटका दिया.
वो होते तो ईरान और ताकतवर होता?
ईरान में उन्हें एक हीरो कहा जाता है. साथ ही पूरी दुनिया में भी उन्हें एक काबिल जनरल की तरह देखा जाता है, जिन्होंने सीरिया, इराक के हिस्सों को ISIS से आजाद कराने में अहम भूमिका निभाई. साथ ही अमेरिकी प्रभाव को क्षेत्र में बड़ा झटका दिया. पारंपरिक युद्ध से बचते हुए उन्होंने ईरान को मजबूत बनाया. अमेरिका, इजराइल और सऊदी जैसे दुश्मनों के खिलाफ बिना सीधे टकराव के उन्हें अपनी प्रॉक्सी के जरिए परेशान किया. अगर वह आज होते तो ईरान क्षेत्र में और मजबूत होता. लेकिन 3 जनवरी 2020 को बगदाद एयरपोर्ट पर अमेरिका ने एक ड्रोन हमला कर उन्हें मार गिराया.
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वो होता तो आज ईरान बहुत बेहतर और मजबूत होता… ट्रंप ने उस ईरानी जनरल को किया याद, बोले- मैंने पहले कार्यकाल में उसे मारा
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