World News: अमेरिकी अटैक पर भड़का हमास, कहा- ईरानी संप्रभुता का खतरनाक उल्लंघन – INA NEWS

World News: अमेरिकी अटैक पर भड़का हमास, कहा- ईरानी संप्रभुता का खतरनाक उल्लंघन – INA NEWS

इजराइल की ओर से ईरान पर हमला किए जाने के बाद मध्य पूर्व क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना करने वाला ईरान मजबूती के साथ इजराइल को जवाब भी दे रहा है, लेकिन कई वरिष्ठ सैन्य अफसरों और कमांडरों के मारे जाने के बीच अब इस जंग में अमेरिका भी कूद गया और उसने ईरान के 3 परमाणु ठिकानों को तबाह करने का दावा किया है. ईरान के लिए एक और झटके की खबर है. ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह ने अमेरिका के हमले के बाद जंग में कूदने से इनकार कर दिया है. हालांकि हमास ने अमेरिकी हमले को ईरानी संप्रभुता का खतरनाक उल्लंघन करार दिया है.

फिलिस्तीन के कई संगठनों ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) द्वारा निगरानी की जा रही ईरानी परमाणु ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा की है. गुटों ने इन हमलों को ईरानी संप्रभुता का खतरनाक उल्लंघन और इजरायली कब्जे की सेवा में अमेरिकी साम्राज्यवाद का एक स्पष्ट विस्तार बताया. हमास ने रविवार की सुबह एक बयान जारी कर ईरानी क्षेत्र पर हमलों की निंदा की और इसे आक्रामकता का एक स्पष्ट कृत्य और एक खतरनाक वृद्धि बताया.

दूसरी ओर, हिजबुल्लाह के प्रवक्ता ने समाचार पत्रिका न्यूजवीक को बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरानी परमाणु ठिकानों के खिलाफ अमेरिकी हमलों का आदेश दिए जाने के बाद ईरान से जुड़े लेबनानी आतंकवादी संगठन के पास इजरायल और अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने की तत्काल योजना नहीं है. अब जंग के मैदान में नहीं कूदेगा.

ईरान बचाव करने में सक्षमः प्रवक्ता, हिजबुल्लाह

न्यूजवीक को शनिवार देर रात दिए अपने मैसेज में हिजबुल्लाह के प्रवक्ता ने कहा, “ईरान एक मजबूत देश है और वह खुद का बचाव करने में सक्षम भी है, तर्क यही है कि वह अमेरिका और इजरायल का सामना कर सकता है.” उन्होंने यह भी कहा कि हिजबुल्लाह सीजफायर के बाद से सहमत सभी मामलों के लिए प्रतिबद्ध है.

हिजबुल्लाह ने पिछले साल नवंबर में इजरायल के साथ सीजफायर को लेकर तब समझौता किया, जब फिलिस्तीन के हमास की ओर से इजरायल के खिलाफ किए गए एक अप्रत्याशित हमले के ठीक एक साल बाद गाजा क्षेत्र में खूनी संघर्ष बहुत तेज हो गया था और ईरान समर्थित यह संगठन भी इजराइल के खिलाफ जंग के मैदान में उतर गया.

इजरायल और हिजबुल्लाह संघर्ष शुरू होने के बाद से ही एक-दूसरे पर सीजफायर का उल्लंघन करने का आरोप लगाते रहे हैं. इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने हाल के दिनों में यह कहते हुए “खुफिया जानकारी से पता चला है कि हिजबुल्लाह फिर से अपनी क्षमताओं को मजबूत करने की कोशिश में लगा है,” लेबनान के इस आतंकी संगठन के नेतृत्व, स्पेशल फोर्सेज और सैन्य बुनियादी ढांचे के खिलाफ हमले किए,

इजराइल और हिजबुल्लाह में सीजफायर

दूसरी ओर, हिजबुल्लाह के प्रवक्ता ने कहा, “इजरायली दुश्मन की ओर से किए गए हमलों के बावजूद, पार्टी समझौते को लेकर प्रतिबद्ध है.” हिजबुल्लाह ने इससे पहले न्यूजवीक को यह संकेत दिया था कि इजरायल की ओर से ईरान के खिलाफ व्यापक हमले शुरू करने के बाद यह संगठन तेहरान का समर्थन करते हुए सीधे हस्तक्षेप नहीं करेगा. फिलहाल पिछले कुछ दिनों से दोनों देशों के बीच लगातार हमले किए जा रहे हैं.

हालांकि इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल कैट्ज ने 2 दिन पहले शुक्रवार को आगाह किया था कि हिजबुल्लाह के महासचिव नईम कासिम ने “अपने पूर्ववर्तियों से कुछ नहीं सीखा और इजरायल के खिलाफ कार्रवाई करने की धमकी दे रहे हैं.” उन्होंने अनुरोध भी किया कि “लेबनानी प्रॉक्सी अलर्ट रहें और यह मानकर चले कि इजरायल ने उन आतंकवादियों के साथ धैर्य खो दिया है जो इस धमकी देते हैं.”

हिजबुल्लाह के प्रवक्ता, ने इसी बात पर फोकस किया कि कासिम, जिन्होंने पिछले सितंबर में इजरायल की ओर से लंबे समय से संगठन के नेता हसन नसरल्लाह की हत्या के बाद कमान संभाली थी, ने अपने बयानों के जरिए ईरान का “समर्थन” किया , और भविष्य की कार्रवाइयां क्षेत्र के गणित को प्रभावित कर सकती हैं.

उन्होंने यह भी कहा, “इसलिए, यह मुद्दा विकास के अधीन है.” “हालांकि, ईरान के पास निश्चित रूप से अपनी सैन्य क्षमताएं हैं.”

इजराइल और अमेरिका का ईरान पर आरोप

इजराइल ईरान पर परमाणु हथियार बनाने का आरोप लगाता रहा है जबकि तेहरान की ओर से परमाणु हथियार बनाने की कोशिश से इनकार किया जाता रहा है, लेकिन ट्रंप की ओर से 2018 में अपने पहले प्रशासन के दौरान ईरान और प्रमुख शक्तियों के साथ बहुपक्षीय परमाणु समझौते को छोड़ने के बाद से इस देश ने अपने यहां यूरेनियम संवर्धन में काफी वृद्धि की है.

इस साल जनवरी में ट्रंप के फिर से राष्ट्रपति पद का पदभार संभालने के बाद से, तेहरान और वाशिंगटन ने एक नए समझौते को हासिल करने के लिए 5 दौर की वार्ता की है, जिसके जरिए प्रतिबंधों से राहत के बदले ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर प्रतिबंध लगाया जाएगा. हालांकि इजराइल की ओर से हमले के बाद ईरान ने अमेरिका के साथ यह बातचीत रोक दी है.

अमेरिकी अटैक पर भड़का हमास, कहा- ईरानी संप्रभुता का खतरनाक उल्लंघन

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