World News: शादी से पहले संबंध बनाना और सरकार पर सवाल उठाना पड़ेगा भारी, इंडोनेशिया में नए साल पर अनोखे नियम – INA NEWS


मुस्लिम देश इंडोनेशिया में 2 जनवरी से एक नया आपराधिक कानून लागू होने जा रहा है, जिसने देश में बहस और चिंता दोनों बढ़ा दी है. इस नए कानून के तहत शादी से पहले यौन संबंध और राष्ट्रपति या सरकारी संस्थानों का अपमान अब अपराध की श्रेणी में आएगा.
सरकार का कहना है कि यह कानून देश की संस्कृति और आधुनिक कानूनी जरूरतों के हिसाब से बनाया गया है, लेकिन मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और कानूनी विशेषज्ञों को इसके दुरुपयोग का डर सता रहा है.
औपनिवेशिक कानूनों की जगह नया कोड
यह 345 पन्नों का आपराधिक कानून साल 2022 में पास किया गया था और यह डच औपनिवेशिक दौर के पुराने कानूनों की जगह लेगा. इस कानून को लागू करने की तैयारी कई दशकों से चल रही थी और इसे पूर्व राष्ट्रपति जोको विडोडो के आखिरी कार्यकाल में मंजूरी मिली थी. कानून मंत्री सुप्रतमान आंदी अग्तास ने माना कि नया कानून जरूरी था, लेकिन यह भी स्वीकार किया कि इसके गलत इस्तेमाल की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.
शादी से पहले संबंध अब अपराध
नए कानून के तहत शादी से पहले यौन संबंध रखने पर एक साल तक की जेल हो सकती है. हालांकि इसमें एक शर्त है. मामला तभी दर्ज होगा जब आरोपी के पति, पत्नी, माता-पिता या बच्चे इसकी शिकायत करें. अभी तक इंडोनेशिया में सिर्फ शादी के बाद बेवफाई को ही अपराध माना जाता था. इस प्रावधान को लेकर पर्यटन उद्योग ने राहत की सांस ली है. टूरिज्म संगठनों का कहना है कि शिकायत की शर्त होने से विदेशी पर्यटक सीधे कानून के दायरे में नहीं आएंगे.
राष्ट्रपति और सरकार का अपमान भी अपराध
नए कानून में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और सरकारी संस्थानों का अपमान करने पर तीन साल तक की जेल का प्रावधान रखा गया है. इसके अलावा, देश की आधिकारिक विचारधारा के खिलाफ माने जाने वाले विचारों, जैसे कम्युनिज्म के प्रचार पर चार साल तक की सजा हो सकती है. कानून में सम्मान और गरिमा को ठेस पहुंचाने की परिभाषा भी दी गई है, जिसमें मानहानि और बदनामी जैसी बातें शामिल हैं. यही व्यापक परिभाषाएं सबसे ज्यादा विवाद की वजह बन रही हैं.
सरकार ने मानी दुरुपयोग की आशंका
कानून मंत्री ने कहा कि कोई भी नया कानून शुरुआत में पूरी तरह परफेक्ट नहीं होता. उन्होंने साफ कहा कि सबसे अहम भूमिका जनता की निगरानी की होगी. अगर समाज और नागरिक सतर्क रहेंगे, तो कानून के गलत इस्तेमाल को रोका जा सकता है. सरकार का दावा है कि पुलिस और अन्य कानून लागू करने वाले अधिकारियों को नए कानून के बारे में प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि अधिकारों का दुरुपयोग न हो.
अभिव्यक्ति की आजादी पर खतरे की आशंका
कानूनी विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि अपमान और मानहानि की परिभाषाएं बहुत व्यापक हैं, जिससे सरकार की आलोचना करने वालों पर कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है. कुछ विशेषज्ञों ने इसे नया औपनिवेशिक कानून करार दिया है, यह कहते हुए कि अब कानून विदेशी शासकों का नहीं, बल्कि देश की अपनी सरकार का बनाया हुआ है, लेकिन असर वही हो सकता है.
शादी से पहले संबंध बनाना और सरकार पर सवाल उठाना पड़ेगा भारी, इंडोनेशिया में नए साल पर अनोखे नियम
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