World News: हिजबुल्लाह का होगा अंत! अमेरिका के डर से अपने इस खास दोस्त को धोखा देगा लेबनान – INA NEWS

World News: हिजबुल्लाह का होगा अंत! अमेरिका के डर से अपने इस खास दोस्त को धोखा देगा लेबनान – INA NEWS

लेबनान अपने दोस्त ईरान को ही धोखा देने की तैयारी कर रहा है. यह सब अमेरिका के डर और इजराइल की धमकी की वजह से होने जा रहा है. मंगलवार को लेबनानी अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी. अधिकारियों के मुताबिक हिजबुल्लाह को निरस्त करने के लिए अमेरिका ने जो मसौदा दिया है, उसका जवाब तैयार किया जा रहा है.

हिजबुल्लाह को ईरान ने खड़ा किया था. शिया मुस्लिम देश इस संगठन को लगातार मदद देता है और इजराइल के खिलाफ प्रॉक्सी वॉर के लिए इसका प्रयोग करता है. हालांकि पिछले वर्ष 27 नवंबर को जब इजराइल और लेबनान के बीच युद्ध विराम समझौता हुआ तो इजराइल ने हिजबुल्लाह को खत्म करने की मांग की थी. पिछले माह 19 जून को सीरिया और तुर्की में अमेरिकी राजदूत थॉमस बैरिक ने एक बार फिर इस मांग को उठाया और लेबनान को एक ड्राफ्ट दिया है, जिसका जवाब अब लेबनान को देना है.

क्यों डरा है लेबनान

लेबनान का डर जायज है, इसीलिए क्योंकि युद्ध विराम समझौते के बावजूद इजराइल बारबार हमला कर रहा है. दूसरी तरफ दक्षिणी लेबनान में भी इजराइली सेना है जो समय सीमा के अनुसार वापसी नहीं कर रही है. हमले और सेना की वापसी तभी हो सकती है जब हिजबुल्लाह को लेकर इजराइल और अमेरिका की मांग को पूरा किया जाए. हालांकि लेबनान सरकार के लिए ये भी बड़ी चुनौती इसलिए है, क्योंकि हिजबुल्लाह ईरान द्वारा खड़ा किया गया संगठन है और मिडिल ईस्ट में ईरान के लिए प्रॉक्सी वॉर लड़ने में बड़ी भूमिका निभाता है. इसके अलावा लेबनान में आर्थिक संकट भी जारी है, उसे पैसे की भी जरूरत है.

अमेरिका ने 1 जुलाई तक मांगी थी आपत्ति

अमेरिका की ओर से मिडिल ईस्ट में अमेरिकी राजदूत थॉमस बैरिक ने लेबनान को 19 जून कोड्राफ्ट सौंपा था, जिसमें लेबनान को खत्म करने की प्रमुख शर्त थी. अब इसके जवाब में एक ड्राफ्ट तैयार कराया जा रहा है. हालांकि अमेरिका ने इस ड्राफ्ट में आपत्ति के लिए अमेरिका को 1 जुलाई तक का वक्त भी दिया था, कि अगर इसमें कुछ बदलाव हो तो बताएं, लेकिन लेबनान की ओर से कोई आपत्ति नहीं जताई गई.

ड्राफ्ट में अमेरिका ने की हैं ये मांगे

छह पेज के ड्राफ्ट में सबसे महत्वपूर्ण मांग लेबनान में हिजबुल्लाह और अन्य सशस्त्र समूहों का निरस्त्रीकरण है. इसके अलावा अमेरिका ने यह भी शर्त रखी है कि लेबनान अपनी वित्तीय स्थिति सुधारे और पड़ोसियों के साथ संबंध बनाए. मसौदे में अमेरिका की तरफ से हिजबुल्लाह को खत्म करने का चरणबद्ध प्रस्ताव भी दिया गया है. मसौदे के मुताबिक साउथ लेबनान से इजराइल की सेना की वापसी तभी होगी जब हिजबुल्लाह पूरी और स्थायी रूप से निरस्त हो जाएगा. इसके लिए इस साल नवंबर या अधिक से अधिक साल के आखिर तक का समय दिया गया है.

हिजबुल्लाह खत्म हुआ तो मदद करेगा इजराइल

मसौदे में ये भी लिखा है कि हिजबुल्लाह के खत्म होते ही इजराइल की ओर से किए जा रहे हमले बंद हो जाएंगे. इसके अलावा लेबनान को उन हिस्सों को फिर से बनाने के लिए धन भी मिलेगा जो हमलों में प्रभावित हुए हैं. इसके अलावा हिजबुल्लाह से जुड़े कैदियों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में एक तंत्र भी बनाया जाएगा. इस पर बात करने के लिए अगले सप्ताह थॉमस बैरिक लेबनान की यात्रा भी करेंगे.

लेबनान ने बनाई समिति

उर्दू अल अरबिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक लेबनान में इसके लिए एक समिति बना दी गई है. इसमें राष्ट्रपति जोसेफ औन और प्रधानमंत्री नवफ सलाम दोनों के कार्यालयों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं. इसके अलावा हिजबुल्लाह गठबंधन के एक प्रतिनिधि को भी इसमें शामिल किया गया है, हालांकि लेबनान ने अभी तक अपना रुख साफ नहीं किया है कि वह इस पर क्या करने वाला है.

हिजबुल्लाह का होगा अंत! अमेरिका के डर से अपने इस खास दोस्त को धोखा देगा लेबनान

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