World News: यहां से होता है दुनिया का सबसे बड़ा फ्रॉड, चीन समेत 17 देशों को लगाया चूना – INA NEWS


चीन ने एक ही दिन में एक ही परिवार के 16 लोगों को मौत की सजा सुनाई है. चीन की अदालत ने म्यांमार में ठगी का केंद्र चलाने वाले कुख्यात मिंग परिवार पर यह एक्शन लिया. इस परिवार के 39 सदस्यों को सजा सुनाई गई है. इन्होंने चीन की सीमा के पास म्यांमार के छोटे से कस्बे लौक्काइंग को जुए, ड्रग्स और ठगी का अड्डा बना दिया था. यह मामला सिर्फ एक उदाहरण भर है.
म्यांमार अब दुनिया का सबसे बड़ा साइबर फ्रॉड (धोखाधड़ी) केंद्र बन गया है. इससे चीन भारत, समेत 17 से ज्यादा देश प्रभावित हैं. 2021 में म्यांमार की सेना ने तख्तापलट किया और देश में गृहयुद्ध शुरू हुआ. इस वजह से यहां धोखाधड़ी का कारोबार तेजी से बढ़ा है. यह सिर्फ ऑनलाइन धोखा नहीं है, बल्कि इसमें जबरन मजदूरी और मानव तस्करी भी शामिल है. अपराधी समूह मिलकर ये गिरोह चलाते हैं.
ठगी कारोबार को म्यांमार आर्मी का समर्थन
ऑस्ट्रेलियन स्ट्रैटेजिक पॉलिसी इंस्टीट्यूट(ASPI) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, थाईलैंड और म्यांमार की सीमा पर धोखाधड़ी वाले बड़े-बड़े सेंटर बनाए गए हैं. 2021 में ऐसे 11 सेंटर थे, जो अब बढ़कर 30 हो गए हैं. ये जगहें हर महीने बहुत बड़ी जमीन पर बनाई जा रही हैं. खास बात यह है कि म्यांमार की सेना इस पूरे कारोबार को खुलकर समर्थन देती है. पुराने राजनैतिक सिस्टम टूट गए हैं, इसलिए सेना इस धोखाधड़ी को अपना मुख्य काम बना चुकी है. 2025 में ये केंद्र सीधे सेना के इलाकों में भी बढ़ गए हैं.
2 लाख लोग इस काम में लगे
लगभग 2 लाख लोग जबरन इन धोखाधड़ी वाले कामों में लगाए गए हैं. इस साल फरवरी में 10 हजारो लोगों को इन सेंटर्स से आजाद कराया गया था. इनमें भारतीय नागरिकों समेत 1,030 विदेशी नागरिक शामिल थे. भारत की नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर हर दिन लगभग 7 हजार साइबर-संबंधी शिकायतें दर्ज की जाती हैं. इनमें से अधिकांश धोखाधड़ी तीन दक्षिण पूर्व एशियाई देशों – कंबोडिया, म्यांमार और लाओस से होती हैं.
दुनिया भर में इससे बहुत बड़ा आर्थिक नुकसान हो रहा है. ये धोखाधड़ी के केंद्र बहुत मजबूत होते हैं. जिनमें फेंसिंग, गार्ड्स और कैमरे होते हैं. कई जगहों पर नदी पार करने के लिए खास नावें होती हैं, जिससे बिना जांच के मानव और सामानों की तस्करी होती है.
चीन से थाईलैंड बॉर्डर तक इनके ठिकाने
पहले ये धोखाधड़ी के केंद्र चीन की सीमा के पास थे, लेकिन चीन और स्थानीय विद्रोहियों की वजह से ये अब थाईलैंड की सीमा के पास फैल गए हैं. म्यांमार के बड़े शहरों में भी खाली ऑफिस से धोखाधड़ी की जा रही है. अब तक की कोशिशों से इन केंद्रों को हटाया तो गया है, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सका.
थाईलैंड को मानव तस्करी रोकने के लिए सीमा पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. साथ ही, दुनिया के देश और संगठन मिलकर इन अपराधियों को खत्म करने में मदद करें. लेकिन जब तक म्यांमार की सेना इस कारोबार को रोकती नहीं, तब तक यह जारी रहेगा. सेना को अपने साथियों का समर्थन चाहिए, इसलिए वह धोखाधड़ी पर कड़ी कार्रवाई नहीं करती.
यहां से होता है दुनिया का सबसे बड़ा फ्रॉड, चीन समेत 17 देशों को लगाया चूना
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