World News: अमेरिका के गाजा पीस प्लान के समर्थन में पाकिस्तान, संयुक्त राष्ट्र में इशाक डार ने दिया बयान – INA NEWS

गाजा को लेकर पाकिस्तान ने खुलकर अपना रुख सामने रख दिया है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने साफ शब्दों में कहा कि पाकिस्तान, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा शांति योजना का समर्थन करेगा. उन्होंने कहा कि इस वक्त सबसे बड़ी जरूरत गाजा के पुनर्निर्माण और वहां के लोगों तक मानवीय सहायता पहुंचाने की है.
हालांकि अमेरिका की योजना का समर्थन करने के साथ-साथ पाकिस्तान ने इज़राइल पर तीखी टिप्पणी भी की. इशाक डार ने कहा कि वेस्ट बैंक में इजराइल की कार्रवाइयाँ अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं और युद्धविराम का लगातार हनन किया जा रहा है.
क्या है गाजा पीस प्लान? आसान भाषा में समझिए
अमेरिका ने गाजा को लेकर 20 सूत्रीय एक रोडमैप पेश किया है. इसी के दूसरे चरण को लागू करने के लिए गाजा पीस बोर्ड बनाया गया है. इस बोर्ड का मकसद गाजा में शासन व्यवस्था, पुनर्निर्माण, निवेश, फंड जुटाने और क्षेत्रीय तालमेल की निगरानी करना है. इस योजना के केंद्र में एक इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फोर्स यानी अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल है. इसका काम गाजा में हथियारों को हटाने की प्रक्रिया देखना, जमीनी सुरक्षा सुनिश्चित करना और राहत सामग्री की सुरक्षित आपूर्ति कराना होगा. यही वह बिंदु है जो कई देशों के लिए संवेदनशील बन सकता है, क्योंकि इससे जमीन पर सैनिक भूमिका निभाने की नौबत आ सकती है.
अमेरिका में अहम बैठक, शहबाज शरीफ की मौजूदगी
इसी कड़ी में अमेरिका में गाजा पीस बोर्ड की बैठक होने जा रही है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी इसमें हिस्सा लेने के लिए अमेरिका पहुंच चुके हैं. व्हाइट हाउस के अनुसार, इस बैठक की मेजबानी राष्ट्रपति ट्रंप करेंगे. सदस्य देशों की ओर से 5 अरब डॉलर से अधिक की सहायता राशि की घोषणा हो सकती है. 20 से ज्यादा देशों की भागीदारी इस बैठक को और अहम बना रही है. बोर्ड में पाकिस्तान के अलावा सऊदी अरब, कतर, तुर्किए, जॉर्डन, यूएई, बहरीन और मोरक्को जैसे देशों के नाम भी शामिल हैं.
तो क्या गाजा में पाकिस्तानी सैनिक उतरेंगे?
योजना को समर्थन देना एक बात है, लेकिन अगर अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल के तहत जमीनी तैनाती की बात आती है तो पाकिस्तान के लिए यह घरेलू राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है. पाकिस्तान इजराइल को मान्यता नहीं देता और उसके पासपोर्ट पर इजराइल की यात्रा पर प्रतिबंध है. ऐसे में अगर किसी अमेरिकी समर्थित योजना के तहत पाकिस्तानी सैनिक गाजा में तैनात होते हैं, तो देश के भीतर विरोध की लहर उठ सकती है. पाकिस्तान में फिलिस्तीन का मुद्दा बेहद भावनात्मक है और इस्लामी दल पहले भी अमेरिका और इजराइल के खिलाफ बड़े प्रदर्शन कर चुके हैं.
अमेरिका के गाजा पीस प्लान के समर्थन में पाकिस्तान, संयुक्त राष्ट्र में इशाक डार ने दिया बयान
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