World News: दोनों तरफ खेल रहा फ्रांस! फिलिस्तीन को मान्यता तो इजराइल के साथ न्यूक्लियर प्रोग्राम, ईरान के डॉक्यूमेंट में खुलासा – INA NEWS


ईरान ने दावा किया है कि उसके पास इजराइल के न्यूक्लियर प्रोग्राम से जुड़े खुफिया दस्तावेज मौजूद हैं. ईरान की इंटेलिजेंस मिनिस्ट्री ने अपने नेशनल टेलीविजन पर एक प्रोग्राम प्रसारित किया, जिसमें इजराइली परमाणु कार्यक्रम के बारे में जानकारी और दस्तावेज दिखाए गए. ईरान के इंटेलिजेंस मिनिस्टर एस्माईल खातिब दावा किया है कि उन्हें यह जानकारी इजराइल के खुफिया तंत्र से मिले हैं. इसी दौरान ईरान ने बताया कि फ्रांस और इजराइल के बीच SARAF नाम का न्यूक्लियर प्रोजेक्ट चल रहा है. हालांकि, फ्रांस और इजरायल ने इसे आधिकारिक तौर पर स्वीकार नहीं किया है.
दूसरी तरफ फ्रांस ने हाल ही में फिलिस्तीन को देश के तौर पर मान्यता भी दी है. दरअसल, फ्रांस फिलिस्तीन मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान और दो-देश (टू-स्टेट) योजना का समर्थन करता है. फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में इससे जुड़ा प्रस्ताव भी पेश किया था, जिसे 142 देशों ने समर्थन दिया था. फ्रांस ने 1950 और 60 के दशकों में इजराइल के न्यूक्लियर प्रोजेक्ट में मदद की थी. इजरायल का डिमोना परमाणु केंद्र फ्रांस की मदद से बना था. इसके बावजूद, फ्रांस आर्थित हितों के चलते ईरान के साथ भी अच्छे रिश्ते बनाए रखता है और अंतरराष्ट्रीय समझौतों के तहत कुछ शांतिपूर्ण परमाणु परियोजनाओं में सहयोग भी करता है.
मोसाद ने भी ऐसा दावा किया था
इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने भी 15 सितंबर को दावा किया था कि उसे ईरान के उन ठिकानों की जानकारी है, जहां हाई ग्रेड यूरेनियम किस जगह रखे हुए हैं. ईरान के इंटेलिजेंस मिनिस्टर ने नेशनल टीवी पर संबोधन के दौरान कई वीडियो फाइल भी दिखाईं, जिनमें इजराइली न्यूक्लियर प्रोग्राम और संवेदनशील ठिकानों की जानकारी दी गई, जिनमें डिमोना साइट भी शामिल है. इसमें इजराइली परमाणु कार्यक्रम पर काम कर रहे कर्मियों के बारे में जानकारी भी दिखाई गई.
ईरान के खुफिया मंत्री एस्माईल खातिब ने कहा कि हमने 189 इजराइली परमाणु वैज्ञानिकों, शीर्ष अधिकारियों और उनके नेटवर्क की पहचान की है. टीवी पर दिखाए गए प्रेजेंटेशन के दौरान परमाणु कर्मियों के नाम और पहचान पत्र भी दिखाए गए. खातिब एक मौलवी और अनुभवी सैन्य एवं खुफिया अधिकारी हैं. उन्होंने कहा. मैं नेतन्याहू से कहता हूं, आपके कर्मचारी पैसे के लिए हमारी मदद करते थे और अब भी करते हैं. ऐसा माना जाता है कि इजराइल के पास अघोषित परमाणु शस्त्रागार है.
ईरानी नागरिक जासूसी के आरोप में पकड़े गए
इजराइल और अमेरिका ने जून में ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया था. हमले में ईरान के कई परमाणु वैज्ञानिक और सैकड़ों सैनिक मारे गए. इससे ईरानी खुफिया सिस्टम की कमजोरियां सामने आईं. इजराइल ने कई ईरानी लोगों को जासूसी के आरोप में पकड़ लिया है. एक वीडियो में एक शख्स दिखाया गया है. जो ROTEM नाम की कंपनी के कर्मचारी के तौर पर इजराइली न्यूक्लियर साइट्स पर काम करता था. एक और व्यक्ति को परमाणु वैज्ञानिक बताया गया है, जो इजराइल और अमेरिका के बीच कुछ गोपनीय परियोजनाओं में काम कर रहा था.
IAEA चीफ की निजी तस्वीरें भी सामने आईं
ईरान की ओर से जारी किए गए वीडियो में चैम वीजमैन नाम की प्रयोगशाला का भी जिक्र है, जिसे इजराइल का बड़ा परमाणु प्रोग्राम बताया गया है, जून के ईरान-इजराइल युद्ध के दौरान ने इस जगह पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला हुआ था. वीडियो में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी की निजी तस्वीरें भी दिखाई गईं.
कहा गया है कि ये तस्वीरें इजरायली खुफिया एजेंसियों ने चुराई हैं.ग्रॉसी को अपने परिवार के साथ डिज्नीलैंड, घर पर जन्मदिन मनाते और दोस्तों के साथ समारोह करते हुए दिखाया गया है. ईरान के खुफिया विभाग का कहना है कि इजरायल IAEA के प्रमुख और कई लोगों की जासूसी करता है और उसके पास इसके सबूत भी हैं.
दोनों तरफ खेल रहा फ्रांस! फिलिस्तीन को मान्यता तो इजराइल के साथ न्यूक्लियर प्रोग्राम, ईरान के डॉक्यूमेंट में खुलासा
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