World News: दो देशों से शुरुआत, 19 तक पहुंचा आंकड़ा…कहां हो रहा जंग का सबसे बड़ा अभ्यास? – INA NEWS


दुनिया का सबसे बड़े जंगी अभ्यास में 19 देश हिस्सा ले रहे हैं. टैलिसमैन सेबर नाम का यह युद्धाभ्यास ऑस्ट्रेलिया में चल रहा है. कभी महज दो देशों के साथ शुरू हुई इस एक्सरसाइज का हिस्सा आज भारत, ब्रिटेन, अमेरिका समेत कई बड़े देश हैं. इन देशों के 35 हजार जवान एक-दूसरे से युद्ध कला और विपरीत परिस्थतियों से निपटने के तरीके साझा कर रहे हैं.
सिडनी में एक समारोह के साथ इस युद्धाभ्यास का औपचारिक शुभारंभ हो चुका है. सबसे पहले इसकी शुरुआत अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के साथ 2005 में हुई थी. यह एक्सरसाइज हर दो साल में होती है. खास बात ये है कि इस एक्सरसाइज का हिस्सा न तो चीन है और न ही रूस. ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि चीन अपने जासूसी विमानों से इस अभ्यास पर नजर जरूर रखेगा.
ये देश हैं एक्सरसाइज का हिस्सा
युद्धाभ्यास में इस साल कनाडा, फिजी, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, जापान, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, नॉर्वे, पापुआ न्यू गिनी, फिलीपींस, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, थाईलैंड, टोंगा और यूनाइटेड किंगडम के 35 हजार जवान हिस्सा ले रहे हैं. ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स और एचएमएस रिचमंड सहित यूके कैरियर स्ट्राइक ग्रुप इस अभ्यास का हिस्सा बनने के लिए पहुंचा है.वहीं भारत से भी युद्धपोत, फाइटर जेट इसका हिस्सा बनने के लिए गए हैं.
तीन सप्ताह तक चलेगा अभ्यास, चीन रखेगा नजर
ऑस्ट्रेलिया के रक्षा विभाग ने रविवार को कहा कि 19 देश अगले तीन सप्ताह तक चलने वाले इस युद्धाभ्यास में भाग ले रहे हैं. यह अभ्यास पापुआ न्यू गिनी में भी आयोजित किया जाएगा. ऐसा पहली बार होगा जब ये अभ्यास ऑस्ट्रेलिया से बाहर किसी देश में होगा. ऑस्ट्रेलियाई रक्षा उद्योग मंत्री पैट कॉनरॉय ने कहा कि चीनी जहाजों ने पिछले चार टैलिसमैन सेबर अभ्यासों के दौरान ऑस्ट्रेलियाई तट पर नौसैनिक अभ्यासों की निगरानी की है और उनसे वर्तमान अभ्यास पर भी निगरानी रखने की उम्मीद है. उन्होंने ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन को बताया कि 2017 से लगातार चीन की सेना इस पर नजर रख रही है.
भारत पहली बार बना इस अभ्यास का हिस्सा
भारत पहली बार ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास टैलिसमैन सेबर में शामिल हो रहा है. यह भारत प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग को गहरा करने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होगा.इस अभ्यास में भारत की भागीदारी की पुष्टि खुद भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने एक्स पर पोस्ट में की. ग्रीन ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह भारत प्रशांत क्षेत्र में रक्षा और सुरक्षा पर भारत ऑस्ट्रेलिया सहयोग को गहरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.
चीन की यात्रा पर हैं ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री
ऑस्ट्रेलिया में यह अभ्यास प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज की छह दिवसीय चीन यात्रा के एक दिन बाद शुरू हुआ है. इस दौरे में अल्बनीज और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की द्विपक्षीय मुलाकात भी होनी तय है. अल्बनीज ने कहा है कि टैलिसमैन सेबर पर चीन की निगरानी का मुद्दा जिनपिंग के सामने नहीं उठाया जाएगा. शंघाई में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह अभ्यास असामान्य बात नहीं है, ऐसा पहले भी हो चुका है. यह एक्सरसाइज ऑस्ट्रेलिया के सुरक्षा हितों से जुड़ी है, इसीलिए इसे जारी रखा जाएगा.
ये होंगे अभ्यास
टैलिसमैन सेबर युद्धाभ्यास में इस बार लाइव फायर अभ्यास, फील्ड ट्रेनिंग, समुद्री सुरक्षा और जमीन पर युद्धाभ्यास होगा. इसके अलावा हवाई युद्ध की तकनीक भी सभी देश एक दूसरे से साझा करेंगे. इसमें ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल की ओर से UH-60M ब्लैक हॉक्स और प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइलें भी शामिल होंगीं.
दो देशों से शुरुआत, 19 तक पहुंचा आंकड़ा…कहां हो रहा जंग का सबसे बड़ा अभ्यास?
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