World News: तालिबान का संविधान तैयार, अपराध करने पर भी अमीर लोगों को नहीं मिलेगी सजा – INA NEWS

World News: तालिबान का संविधान तैयार, अपराध करने पर भी अमीर लोगों को नहीं मिलेगी सजा – INA NEWS

5 साल बाद तालिबान ने अपना संविधान तैयार कर लिया है. इसे राजपत्र के जरिए पूरे अफगानिस्तान में लागू करने की तैयारी है. तालिबान के नए संविधान में 10 खंड और 119 अनुच्छेद हैं. पूरे संविधान में शरिया कानून को खास तरजीह दी गई है. शरिया कानून के जरिए ही शासन के संचालन की बात कही गई है. 2021 में हिबतुल्लाह अखुनजदा के नेतृत्व में अफगानिस्तान में तालिबान शासन की स्थापना की गई थी.

बीबीसी पश्तो के मुताबिक तालिबान शासन ने जो नए संविधान तैयार किए हैं, उससे भेदभाव को बढ़ावा मिलेगा. इससे अफगानिस्तान में मानवाधिकार कमजोर होगा.

तालिबान के संविधान में क्या-क्या है?

ज़घम नामक पत्रिका ने तालिबान के संविधान की कुछ बातें प्रकाशित की है. तालिबान संविधान के अनुच्छेद-9 में समाजिक तौर पर विभाजन की बात कही गई है. इसमें कहा गया है कि 3 वर्गों में समाज का विभाजन किया जाना चाहिए. मसलन, एक वर्ग समाज के विद्वानों का. दूसरा वर्ग अभिजात का और तीसरा वर्ग आम नागरिकों का.

संविधान में कहा गया है कि अगर छोटे-मोटे अपराध होते हैं तो विद्वान और अभिजात वर्गों को सजा नहीं मिलनी चाहिए. क्योंकि, ये लोग आदतन अपराधी नहीं होते हैं. विद्वान वर्गों को तो कोर्ट में न जाने की भी छूट दी गई है. वहीं एक ही जैसे अपराध के लिए आम नागरिकों के लिए कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है.

संविधान में भी अल्पसंख्यकों और महिलाओं को लेकर ज्यादा सख्त कानून लागू किया गया है. तालिबान में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की आजादी ना के बराबर है. कानून न पालन करने वालों पर सख्त एक्शन का प्रावधान बनाया गया है.

अपराध से जुड़े कई मामलों में आखिरी फैसला लेने का अधिकार न्यायविदों को दिया गया है. किसास और हद्द जैसे मामलों में सरकार हस्तक्षेप कर सकती है.

फरमानों के सहारे तालिबान की सरकार

2021 में गठन के बाद से अब तक तालिबान की सरकार फरमानों के जरिए ही चल रही है. तालिबान सरकार ने शासन चलाने के लिए 470 फरमान जारी किए. अधिकांश फरमान शरिया कानून से संबंधित थे. फरमान सीधे तालिबान के सुप्रीम लीडर हिबतुल्लाह अखुनजदा जारी करते हैं.

OCHA की रिपोर्ट के मुताबिक तालिबान की नीतियों ने अफगानिस्तान की सामाजिक और आर्थिक संरचना को पूरी तरह बदल दिया है. महिलाओं की शिक्षा और रोजगार पर रोक तो पहले से थी, अब उनकी सार्वजनिक जिंदगी और आर्थिक भागीदारी भी लगभग खत्म कर दी गई है. इसके लिए सरकार ने सबसे ज्यादा फरमान जारी किए.

तालिबान का संविधान तैयार, अपराध करने पर भी अमीर लोगों को नहीं मिलेगी सजा

[ad_2]


देश दुनियां की खबरें पाने के लिए ग्रुप से जुड़ें,

[ad_1]

#INA #INA_NEWS #INANEWSAGENCY
Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,

Back to top button