World News: देखती रह गई दुनिया, व्लादिमीर पुतिन के ये 10 बड़े विरोधी बैठे-बैठे हो गए शांत – INA NEWS

World News: देखती रह गई दुनिया, व्लादिमीर पुतिन के ये 10 बड़े विरोधी बैठे-बैठे हो गए शांत – INA NEWS

पुतिन के बारे में एक चीज फेमस है, कि वह अपने दुश्मनों या विरोधियों को छोड़ते नहीं. एक दो नहीं बल्कि ऐसे अनगिनत मामले हैं जब किसी ने पुतिन का विरोध किया और फिर वह रहस्यमय परिस्थितियों में मारा गया. आज तक जितनी भी ऐसी घटनाएं हुईं हैं, इनमें एक भी आरोपी नहीं पकड़ा गया. ताजा मामला रूस के पूर्व परिवहन मंत्री रोमान स्टारोवोइत का है, इन्हें जिस दिन बर्खास्त किया गया था, उसी दिन रोमान की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई.

पूर्व परिवहन मंत्री रोमान स्टारोवोइत को पद से क्यों हटाया गया ये फिलहाल साफ नहीं है, पद से हटाए जाने के कुछ समय बाद ही वह अपनी कार से कुछ दूरी पर एक झाड़ी में मृत अवस्था में पाए गए. उनके शरीर पर गोलियों के निशान भी थे. पोलिटिको की एक रिपोर्ट के मुताबिक मामले में जांच कर रही एजेंसी इसे आत्महत्या बता रही है, हालांकि उन्हें बर्खास्त किया जाना और फिर उसके बाद उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत रूस में आम बात नहीं. इससे पहले भी पुतिन के कई विरोधियों के साथ ऐसा हो चुका है. अगर 2012 से ही अब तक बात करें तो 13 साल में औसतन हर साल पुतिन के एक विरोधी की रहस्यमयी मौत हुई है.

पुतिन के विरोधी जो अब नहीं रहे

1- एलेक्सी नवलनी

एलेक्सी नवलनी की मौत 16 फरवरी 2024 को रूस के आर्कटिक जेल में हुई थी. नवलनी रूस के सबसे प्रमुख विपक्षी नेता और भ्रष्टाचार विरोधी कार्यकर्ता थे. उनकी मौत की खबर अचानक आई. रूस की ओर से कहा गया कि उन्हें शारीरिक दौड़ा पड़ा था, हालांकि उनके शव का पोस्टपार्टम स्वतंत्र रूप से नहीं करने दिया गया. इससे पहले 2020 में उन्हें नोविचोक जहर देकर मारने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह बच गए थे. नवलनी की मौत के बाद उनकी पत्नी और समर्थकों ने पुतिन सरकार पर हत्या का आरोप लगाया था.

2- राविल मघनौव

राविल रूस की दूसरी सबसे बड़ी तेल कंपनी के चेयरमैन थे, 1 सितंबर 2022 को मॉस्को में उनकी मौत अस्पताल की खिड़की से गिरकर हुई थी. रूस ने इसे आत्महत्या बताया, हालांकि कई रिपोर्ट में इस बात का शक जताया गया कि उन्हें धक्का दिया गया था. दरअसल राविल ने यूक्रेन के साथ रूस के युद्ध की आलोचना की थी और जल्द से जल्द इसे खत्म करने की अपील की थी. इसके तुरंत बाद ही उनकी मौत हुई. खास बात ये है कि जिस अस्पताल की खिड़की से वह गिरे थे वहां न तो कोई सीसीटीवी काम कर रहा था और न ही कोई प्रत्यक्षदर्शी था.

3- दानियिल खुलक

दानियिल खुलक की मौत नवंबर 2022 में हुई थी. वह कृषि मंत्रालय से जुड़े उच्च पदस्थ अधिकारी थे और रूस की खाद्य सप्लाई चेन पर उनका कंट्रोल था. यूक्रेन युद्ध के दौरान खाद्यान्न और सप्लाई को लेकर हुए गुप्त घोटाले में उनका नाम सामने आया था. उनकी मौत की खबर सिर्फ कुछ स्वतंत्र पत्रकारों ने दी थी. वह अपने अपार्टमेंट में मृत मिले थे. हालांकि सरकार की तरफ से कोई बयान जारी नहीं किया गया. बाद में ये माना गया कि वे सरकार कोई ऐसी अंदरुनी जानकारी रखते थे, जिससे उनकी मौत जरूरी हो गई थी.

4- लेओनिद शुलमनोव

लेओनिद की मौत जनवरी 2022 में हुई थी. उनका शव उनके ही घर में पाया गया था. कथित तौर पर उनके पास सुसाइड नोट भी था. वह गैजप्रोम की एक सहायक कंपनी से जुड़े थे. उनकी मौत पर शक इसलिए है, क्योंकि जब यूक्रेन से युद्ध शुरू हुआ तो सबसे पहले गैजप्रोम से जुड़े अधिकारियों की मौत हो गई थी. शुलमनोव की मौत के बाद कई अन्य अधिकारी भी संदिग्ध हालत में मारे गए, जिससे यह शक गहराया कि पुतिन से जुड़ी गैस इंडस्ट्री के अंदरूनी विरोधियों को हटाया जा रहा है.

5- निकोलाई गोलोबेनको

निकोलोई गोलोबेनको लगातार पुतिन के खिलाफ आवाज उठा रहे थे, वह रूस के पूर्व कारोबारी थे, लेकिन 2018 में जब उनकी हत्या हुई तो वह लंदन में थे. उनकी मौत गला दबाने से हुई थी, पहले इसे स्वाभाविक मौत माना गया, लेकिन बाद में फिर फॉरेंसिक में गला दबाने के निशान मिले थे. ब्रिटेन की पुलिस ने इसे हत्या माना, लेकिन आज तक कोई संदिग्ध नहीं पकड़ा गया.

6- विटाली चुरकिन

विटानी संयुक्त राष्ट्र में रूस के स्थायी प्रतिनिधि थे. उन्हें पुतिन की विदेश की नीति का बड़ा चेहरा भी माना जाता था. 20 फरवरी 2017 को अचानक यूएन मुख्यालय के पास उनकी मौत हो गई थी. उनकी मौत का कारण दिल का दौरा बताया गया, लेकिन कभी पोस्टमार्टम नहीं हुआ. न ही अमेरिका ने मौत का विवरण सार्वजनिक किया. बाद में ये दावा किया गया कि चुरकिन पुतिन की नीतियों से नाराज थे, उनके पास ऐसे कई राज भी हो सकते थे जो सीधे पुतिन से संबंधित थे.

7- व्लादिमीर पेस्याक

पेस्याक की मौत 2016 में हुई थी, वह गैजप्रोमबैंक से जुड़े अधिकारी थे जो Yukos मामले में गवाह थे. यह मामला पुतन के दुश्मन मिखाई खोदोरकोव्स्की की कंपनी से संबंधित था. उनकी भी रहस्यमयी मौत हुई थी. कथित तौर पर इसे आत्महत्या कहा गया, लेकिन कोई सुसाइड नोट नहीं मिला. उनकी मौत पर शक इसलिए बढ़ा क्योंकि इसी दौर में यूकोस से जुड़े कई अधिकारियों की मौत इस दौर में हुई थी.

8- बोरिस नेम्त्सोव

बोरिस नेम्त्सोव पुतिन के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक विरोधियों में से एक थे, वह रूस के उपप्रधानमंत्री भी रहे थे. 2014 में उन्होंने क्रीमिया पर रूस के कब्जे की आलोचना की थी. हत्या के समय वह पुतिन के खिलाफ भ्रष्टाचार रिपोर्ट पर काम कर रहे थे. उन्हें क्रेमलिन के पास ही पीठ पर कई गोलियां मारी गईं थीं. क्रेमलिन ने किसी भी भूमिका से इनकार किया, लेकिन उनकी सुरक्षा हटाई गई थी और CCTV कैमरों की फुटेज संदिग्ध रूप से गायब थी.

9- मिखाइल लेसिन

मिखाइल रूस के पूर्व प्रेस मंत्री और पुतिन के करीबी रहे थे. बाद में वे अमेरिका चले गए. उन पर एफबीआई को क्रेमलिन की मीडिया रणनीति के बारे में जानकारी देने के आरोप लगे. 2014 में वाशिंगटन के एक होटल में उनकी लाश मिली, उनकी मौत की वजह अत्यधिक शराब बताई गई, फिर इस बात का खुलासा हुआ कि उनके शरीर पर चोटों के निशान थे. अमेरिका ने मामले की जांच की, मगर कोई नतीजा नहीं निकला. बाद में आशंका जताई गई कि रूस के एजेंटों ने उनकी हत्या की है .

10- अलेक्ज़ेंडर पेरेपिलिचनी

अलेक्जेंडर रूसी कारोबारी थे जिनकी मौत 10 नवंबर 2012 को हुई थी, उन पर आरोप था कि स्विटजरलैंड में पुतिन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जानकारी दे थे. उन्होंने “Magnitsky case” से जुड़ी फाइनेंशियल फाइल्स यूरोपीय एजेंसियों को दी थीं. लंदन के पास दौड़ते समय अचानक उनकी मौत हो गई थी. शुरू में उनकी मौत नेचुरल मानी गई, लेकिन बाद में पता चला कि उनके शरीर में गेलियम नामक दुर्लभ जहर था. ब्रिटिश मीडिया ने इसे रूसी साइलेंट किलिंग कहा था, मगर हत्या आज तक साबित नहीं हुई.

देखती रह गई दुनिया, व्लादिमीर पुतिन के ये 10 बड़े विरोधी बैठे-बैठे हो गए शांत

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