World News: भारत के दांव की आंच से बचने के लिए बांग्लादेश ने निकाला रास्ता, दुनिया की दो आर्थिक शक्तियों से कर ली डील – INA NEWS

बांग्लादेश में 12 फरवरी को चुनाव से पहले अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने बड़ा दांव चल दिया है. भारत के दांव की आंच से बचने के लिए बांग्लादेश ने रास्ता निकाल लिया है और दुनिया की दो आर्थिक शक्तियों से डील फाइनल कर ली है.

हाल में भारत ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर समझौता किया. इसमें अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने इंडियन टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स एवं कपड़ों पर लगने वाले टैरिफ 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया है. यह डील बांग्लादेश के लिए बड़ा झटका माना जा रहा था, लेकिन बांग्लादेश की यूनुस सरकार ने इससे निकलने का रास्ता निकाल लिया है.

पिछले एक हफ्ते में बांग्लादेश ने दुनिया की दो बड़ी आर्थिक शक्तियों से डील को हरी झंडी दे दी है. बांग्लादेश ने पहले जापान के साथ इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (EPA) किया और सोमवार को बांग्लादेश अमेरिका के साथ एक ट्रेड एग्रीमेंट पर साइन करने वाला है, जिसका मकसद रेसिप्रोकल टैरिफ को कम करना है.

चुनाव से पहले दो आर्थिक शक्तियों से डील

चुनाव से पहले दुनिया की दो बड़ी आर्थिक शक्तियों के साथ बांग्लादेश की यह आर्थिक डील काफी अहम मानी जा रही है. यह बांग्लादेश की डूबती अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा सपोर्ट सिस्टम खड़ा कर सकता है, हालांकि बांग्लादेश में जिस तरह की फिलहाल राजनीतिक अस्थिरता है और चुनाव के बाद वहां की राजनीतिक स्थिति कैसी रहती है. उस पर यह पूरी तरह से निर्भर करेगा कि इस डील से बांग्लादेश को कितना फायदा होगा.

पिछले सप्ताह बांग्लादेश ने जापान के साथ इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (EPA) पर हस्ताक्षर किया, जो किसी भी देश के साथ बांंग्लादेश का पहला इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट था.

बांग्लादेश में चुनाव से पहले यह बांग्लादेश के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि जापान जैसे विकसित देश के साथ अपना पहला पूरा EPA साइन किया. बांग्लादेश का मुख्य उद्देश्य जापानी निवेश को आमंत्रित करना है. बता दें कि बांग्लादेश का भूटान के साथ एक प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट दिसंबर 2020 से लागू है.

जापान के साथ EPA पर हस्ताक्षर

बांग्लादेश के काउंसिल ऑफ एडवाइजर्स ने इस साल 22 जनवरी को इस एग्रीमेंट को मंजूरी दी थी, जिसका मकसद नवंबर में देश के सबसे कम विकसित देश (LDC) कैटेगरी से बाहर आने के बाद टैरिफ फायदे हासिल करना है.

जापान बांग्लादेश समेत सबसे कम विकसित देश को 97.9 परसेंट टैरिफ लाइनों पर ड्यूटी-फ्री मार्केट एक्सेस देता है. इस समझौते के बाद बांग्लादेश के निर्यातकों को 97 परसेंट तक ड्यूटी-फ्री एक्सेस की सुविधा मिलेगी. इसमें रेडीमेड गारमेंट्स भी शामिल हैं, जो बांग्लादेश की सबसे बड़ी इंडस्ट्री है.

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बांग्लादेश का मकसद जापानी एंटरप्रेन्योर्स को बांग्लादेश के व्हीकल सेगमेंट में सीधे इन्वेस्ट करने के लिए बढ़ावा देना है. इससे लोकल गाड़ी बनाने में इन्वेस्टमेंट बढ़ सकता है, जिससे देश की ऑटोमोटिव इंडस्ट्री को नया रूप मिल सकता है.

अमेरिका के साथ आज बांग्लादेश की ट्रेड डील

इसके साथ ही चुनाव से ठीक तीन दिन पहले सोमवार को बांग्लादेश अमेरिका के साथ एक ट्रेड एग्रीमेंट पर साइन करने वाला है. इस प्रस्तावित एग्रीमेंट के तहत, अमेरिका कॉटन जैसे अमेरिकी कच्चे माल से बने और अमेरिकी बाजारों में निर्यात किए जाने वाले गारमेंट आइटम पर टैरिफ नहीं लगाएगा.

इसके अलावा, अमेरिका बांग्लादेश के लिए रेसिप्रोकल टैरिफ रेट को और कम करेगा. इस डील से बांग्लादेश के गारमेंट सेक्टर को काफी राहत मिलने की उम्मीद है. उदाहरण के लिए, अगर किसी टी-शर्ट में वैल्यू के हिसाब से 70 परसेंट अमेरिकी कॉटन और धागा है, तो अमेरिकी कस्टम अधिकारी उस हिस्से को पिछले साल बांग्लादेशी सामान पर लगाए गए 20 परसेंट रेसिप्रोकल टैरिफ से छूट देंगे.

यह बहुत मायने रखता है क्योंकि बांग्लादेश के अमेरिका को होने वाले निर्यात में लगभग 95 परसेंट कपड़े होते हैं, और कई फैक्ट्रियां अपने प्रोडक्ट्स में लगभग 70 परसेंट अमेरिकी सामान इस्तेमाल कर सकती हैं.

चुनाव से पहले यूनुस के साथ अमेरिका

पिछले साल 2 अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बांग्लादेशी निर्यात पर 37 प्रतिशत का एडिटिव रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया था. बातचीत के बाद, ट्रंप प्रशासन ने बांग्लादेश के ज्यादा अमेरिकी उत्पाद के आयात करने के वादे के बदले रेट को घटाकर 20 प्रतिशत करने पर राजी हो गया.

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बांग्लादेश ने अमेरिका के साथ ट्रेड गैप कम करने के लिए बोइंग से अमेरिकन एयरक्राफ्ट, साथ ही ज्यादा मात्रा में कॉटन, सोयाबीन, लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस और दूसरे सामान खरीदने का वादा किया है. पांच सालों में अमेरिका से 3.5 मिलियन टन गेहूं आयात करने के लिए एक समझौता साइन किया गया है, जिसमें से लगभग 660,000 टन पहले ही खरीदा जा चुका है.

बता दें कि चुनाव से पहले अमेरिकी दूतावास के अधिकारियों ने बांग्लादेश के राजनीतिक दलों के साथ बैठक की है और ऐसा माना जा रहा है कि बांग्लादेश की यूनुस सरकार को अमेेरिका का भरपूर सपोर्ट मिल रहा है.

भारत के दांव की आंच से बचने के लिए बांग्लादेश ने निकाला रास्ता, दुनिया की दो आर्थिक शक्तियों से कर ली डील


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