World News: 75 साल के इस जनरल से पंगा लेना जिनपिंग को पड़ा भारी? चीनी राष्ट्रपति के गायब होने की इनसाइड स्टोरी – INA NEWS

World News: 75 साल के इस जनरल से पंगा लेना जिनपिंग को पड़ा भारी? चीनी राष्ट्रपति के गायब होने की इनसाइड स्टोरी – INA NEWS

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पिछले महीने अचानक दो हफ्तों तक पूरी तरह से नजर नहीं आए. ना कोई सार्वजनिक बयान, ना कोई बैठक, और ना ही कोई तस्वीर. सबसे चौंकाने वाली बात ये रही कि वो BRICS सम्मेलन में भी शामिल नहीं हुए, जो 12 साल में पहली बार हुआ. इन घटनाओं से सत्ता के गलियारों में कयासों की आंधी आ गई. क्या ये सिर्फ स्वास्थ्य संबंधी परेशानी है, जैसा कुछ रिपोर्ट्स दावा कर रही हैं? या फिर पर्दे के पीछे कोई बड़ा सियासी बदलाव आकार ले रहा है?

इस बीच, 30 जून को पोलितब्यूरो की एक असामान्य बैठक होती है, जिसमें पार्टी के संस्थागत ढांचे में बदलाव पर चर्चा होती है. भले ही सरकारी एजेंसी Xinhua इसे रूटीन सुधार कह रही हो, लेकिन जानकार इसे पॉवर ट्रांसफर का भी संकेत मान रहे हैं. इस पूरे घटनाक्रम में एक शख्स का नाम बार-बार उभर रहा है. ये शख्स हैं 75 वर्षीय जनरल झांग यूशिया. जो इस वक्त न सिर्फ PLA के नंबर दो अधिकारी हैं, बल्कि जिनपिंग के बाद सबसे प्रभावशाली शख्स माने जाते हैं.

कौन हैं झांग यूशिया, जिनका कद बढ़ता जा रहा है?

झांग यूशिया, इस वक्त चीनी सशस्त्र बलों (PLA) की कमान संभालने वाली संस्था, सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) के पहले उपाध्यक्ष हैं. ये वही पद है, जो राष्ट्रपति शी जिनपिंग के ठीक नीचे आता है. यानी सेना में वे जिनपिंग के बाद सबसे ताकतवर शख्स माने जाते हैं. झांग युद्ध के अनुभवी जनरल हैं और 1979 के चीन वियतनाम युद्ध में हिस्सा ले चुके हैं. वे पुराने जनरल झांग जोंगशुन के बेटे हैं यानी सेना और सत्ता में उनकी मजबूत पकड़ रही है.

पुराने नेता कर रहे हैं झांग का समर्थन?

झांग को कथित रूप से चीन के पूर्व राष्ट्रपति हू जिंताओ और पूर्व प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ जैसे पार्टी के अनुभवी नेताओं का समर्थन प्राप्त है. ये वही लोग हैं जो शी जिनपिंग की सत्ता में केंद्रीकरण और उनके कई फैसलों से असहमत रहे हैं. हू जिंताओ वही नेता हैं जिन्हें 2022 में पार्टी कांग्रेस के दौरान सार्वजनिक रूप से हॉल से बाहर ले जाया गया था. उस घटना को जिनपिंग के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा गया था.

झांग बनाम जिनपिंग: क्या है असली टकराव?

झांग यूशिया कभी शी जिनपिंग के करीबी माने जाते थे. लेकिन PLA में भ्रष्टाचार और अंदरूनी सफाई के नाम पर शी ने अपने कई विश्वस्त अफसरों को हटाया और झांग की पकड़ उस दौरान कमजोर होती गई. अब, शी के कमजोर पड़ते ही झांग ने अपनी स्थिति फिर से मजबूत करनी शुरू की, खासकर उन अफसरों के जरिए जिन्हें हू जिंताओ का समर्थन है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, झांग अब शी के कई सैन्य रिफॉर्म्स को पलट रहे हैं, और पार्टी के भीतर वांग यांग जैसे पुराने चेहरों को वापस लाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं. यानी, झांग अब उसी सिस्टम को धीरे-धीरे तोड़ रहे हैं जिसे जिनपिंग ने 12 सालों में गढ़ा था.

क्या शी जिनपिंग की पकड़ कमजोर हो रही है?

शी जिनपिंग अब भी औपचारिक तौर पर राष्ट्रपति, पार्टी प्रमुख और सैन्य प्रमुख हैं. लेकिन मौजूदा घटनाक्रम बताता है कि पर्दे के पीछे उनके कई विश्वस्त साथियों को हटाया जा रहा है, और उनकी सत्ता की नींव डगमगाती नज़र आ रही है. याद दिला दें, 2023 में विदेश मंत्री किन गांग और रक्षा मंत्री ली शांगफू भी महीनों तक लापता रहे थे और फिर चुपचाप हटा दिए गए. अब जिनपिंग खुद दो हफ्ते तक गायब रहे.

सेना में दिखा शक्ति प्रदर्शन, क्या था संकेत?

मई में शी जिनपिंग की दो हफ्तों की अचानक अनुपस्थिति के दौरान झांग यूशिया ने CMC के अन्य टॉप जनरल्स लियू झेनली और झांग शेंगमिन के साथ कथित रूप से कई गोपनीय बैठकें कीं. जापानी मीडिया ‘जापान फॉरवर्ड’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इन बैठकों में झांग ने सेना पर अपनी पकड़ और मजबूत की. वहीं बीजिंग में हाल ही में एक देर रात सैन्य गश्त ने सबका ध्यान खींचा. जानकारों का मानना है कि यह सादा संकेत था कि अब सेना का नियंत्रण शी जिनपिंग के हाथ में नहीं, बल्कि किसी और के पास है. और वो कोई और नहीं, झांग यूशिया हो सकते हैं.

75 साल के इस जनरल से पंगा लेना जिनपिंग को पड़ा भारी? चीनी राष्ट्रपति के गायब होने की इनसाइड स्टोरी

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