World News: ट्रंप ने मोदी को महान PM और दोस्त कहा, 18 घंटे में ही कैसे बदले सुर? Inside Story – INA NEWS


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जिनका हृदय परिवर्तन, विचार परिवर्तन और फैसला परिवर्तन हर नई सुबह के साथ होता है. जैसे हर दिन नई हेंडलाइंस के साथ नईं खबरें प्रकाशित होती हैं ठीक उसी तरह ट्रंप के बयान भी हर दिन नई हेडलाइंस और ब्रेकिंग न्यूज की तरह आ जाती है. कभी-कभी तो ट्रंप का मन सुबह से शाम होते-होते बदल जाता है. 50 फीसदी टैरिफ के बाद जिस तरह का तनाव बन गया था, अब ट्रंप के बदलते सुर को देखते हुए कहा जा सकता है कि भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों पर तनाव की बर्फ पिघल रही है. हालांकि टैरिफ पर अभी कोई आधिकारिक बात नहीं हुई है, लेकिन तनाव कम होता दिख रहा है.
दरअसल, भारत को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप का रुख बदल रहा है. ट्रंप के टैरिफ वाले फैसले के बाद भारत ने जिस तरह नए रास्ते तलाशे. नए समीकरण बनाने शुरू किए. अमेरिका पर कूटनीतिक दबाव बनाया. इसके बाद हर किसी को ट्रंप को लेकर यही लग रहा था कि ये तो होना ही था.
ट्रंप का रुख नॉर्मल क्यों होने लगा?
अब सवाल यही है ट्रंप की आंखों पर बंधी पट्टी अब कैसे हट रही है. ट्रंप का रुख भारत को लेकर अब क्यों नॉर्मल हो रहा है. इसे भारत और अमेरिका की स्ट्रैटेजी को एक तराजू पर रखकर तौलकर देखते हैं और इसे समझते हैं. ट्रंप के विचार परिवर्तन की असली वजह क्या है. टैरिफ दर्शी वाले ट्रंप अब कैसे दूरदर्शी हो रहे हैं. एक तरफ है ट्रंप की बड़बोली नीति है जो पिछले कुछ दिनों से पूरी दुनिया देख रही है. दूसरी तरफ है भारत की संयमित कूटनीति, जिसका अभी पलड़ा भारी है. भारत के कूटनीतिक वजन से ट्रंप को अब टेंशन होने लगा है. द ग्रेट पाकिस्तान की रट लगाने वाले ट्रंप अब भारत के प्रधानमंत्री को महान कह रहे हैं और भारत के साथ रिश्ते सुधारने पर जोर दे रहे हैं.
राष्ट्रपति ट्रंप कहते हैं, “मैं हमेशा पीएम मोदी का दोस्त रहूंगा. मोदी एक महान प्रधानमंत्री हैं, वो महान हैं. मैं हमेशा उनका दोस्त रहूंगा लेकिन इस समय जो वो कर रहे हैं मुझे पसंद नहीं है, लेकिन भारत और अमेरिका का एक खास रिश्ता है. चिंता करने की कोई बात नहीं है. बस कभी-कभी हमारे बीच ऐसी घटना वाले पल आ जाते हैं.”
राष्ट्रपति ट्रंप की 2 मुख्य बातें
ट्रंप ने 2 मुख्य बातें कहीं, पहली ये कि हमेशा वो पीएम मोदी के दोस्त रहेंगे और दूसरी बात ये कि पीएम मोदी के विचारों की वो सराहना करते हैं. ट्रंप के पिछले कुछ बयानों और फैसलों पर आप नजर डालेंगे तो एक शब्द जो उनको सूट नहीं करता है वो है हमेशा. क्योंकि ट्रंप अपने बयान पर कभी 24 घंटे भी नहीं टिक पाते हैं. ऐसे में अब आगे भारत और अमेरिका के रिश्तों पर क्या होगा, ये कोई नहीं जानता है लेकिन भारत का स्टैंड क्लियर है. भारत सकारात्मक बयान का जवाब सकारात्मक अंदाज में ही देता है. आज भी ऐसा ही हुआ है.
राष्ट्रपति ट्रंप के बयान पर पीएम मोदी ने कहा कि वो राष्ट्रपति ट्रंप की भावनाओं और दोनों देशों के रिश्तों को लेकर सकारात्मक विचारों की सराहना करते हैं. भारत और अमेरिका के बीच बेहद सकारात्मक और दूरदर्शी व्यापक और वैश्विक रणनीतिक साझेदारी है. इसी तरह विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी ट्रंप के बयान पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी अमेरिका के साझेदारी को बहुत महत्व देते हैं. जहां तक राष्ट्रपति ट्रंप का सवाल है, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के साथ हमेशा से बहुत अच्छे व्यक्तिगत संबंध रहे हैं. लेकिन मुद्दा ये है कि हम अमेरिका के साथ जुड़े हुए हैं और इस समय मैं इससे अधिक कुछ नहीं कह सकता.
टैरिफ पर कैसे बिगड़ रहा कूटनीतिक बैलेंस?
ट्रंप भारत को लेकर कितने भी आक्रामक रहे हों लेकिन टैरिफ वॉर पर भारत की कूटनीति बहुत भारी पड़ती दिख रही है. ये ट्रंप के बयानों में भी दिख रहा है. ये वही ट्रंप है जो बड़ी-बड़ी बातें करते थे. धमकियां देते थे. ट्रंप के सलाहकार भी हर रोज नए आरोप और नई आलोचना के साथ बयान देते थे. ये आप पिछली 5 घटनाओं से बहुत आसानी से समझ सकते हैं. सबसे पहले ट्रंप ने भारत के खिलाफ बड़ा निर्णय लेते हुए भारत से निर्यात किए गए सामानों पर 50% टैरिफ लगाया. अमेरिका को लगा कि इससे भारत को बहुत ज्यादा नुकसान होगा. इसके बाद भारत ट्रंप के सामने सरेंडर मोड में आ जाएगा, लेकिन ये उनकी गलतफहमी थी. भारत ने अमेरिका के विकल्प के तौर पर बाजार के नए रास्ते तलाशे. सामान निर्यात करने के लिए यूरोपीय देशों से संबंध मजबूत किए. यही ट्रंप के लिए एक बड़ा संदेश था.
भारत के बिगड़ते रिश्तों के बीच अमेरिका ने पाकिस्तान का साथ दिया. इस बीच भारत और चीन के बीच सुधरते संबंधों की तस्वीरें सामने आईं, जिससे ट्रंप को बहुत मिर्ची लगी होगी. सिर्फ इतना ही नहीं ट्रंप ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख असिम मुनीर को व्हाइट हाउस में लंच के लिए बुलाया था. भारत ने भी नए कूटनीतिक समीकरण बनाए. SCO समिट में एक मंच पर पीएम मोदी, पुतिन, जिनपिंग दिखे.
अमेरिका का पाकिस्तान प्रेम
पाकिस्तान के कहने पर अमेरिका ने BLA को आतंकी घोषित किया. ये अमेरिका का पाकिस्तान प्रेम दिखाता है, लेकिन भारत ने आतंकवाद पर ज़ीरो टोलरेंस पॉलिसी को बरकरार रखा. चीन की धरती पर पीएम मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र किया. साफ संदेश देने की कोशिश की.
एक और बड़ी बात ट्रंप ने शहबाज शरीफ से नोबेल पुरस्कार के लिए नॉमिनेशन कराया. उनकी भारत से भी ऐसी ही पहल की इच्छा थी लेकिन वो कामयाब नहीं रहे. ट्रंप की नीति पर भारत ने कूटनीतिक स्ट्राइक की, जिसका परिणाम ये हुआ कि ट्रंप का रुख अब भारत को लेकर नरम हो रहा है.
ट्रंप पर कब तक और कितना भरोसा
सवाल यही है कि ट्रंप पर कितना और कब तक भरोसा किया जा सकता है. वो हर बार अपने बयान से पलट जाते हैं. इसे क्या माना जाए. आपको आज बताते हैं कैसे ट्रंप यू टर्न लेने में माहिर हैं. इसे आप समझने की कोशिश करिए. सबसे पहले उन्होंने भारत-पाक सीजफायर का क्रेडिट लेने की कोशिश की. ताबड़तोड़ उन्होंने कई बार ऐसे बयान दिए. उसके बाद भारत से नोबेल नॉमिनेशन की इच्छा जताई, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ.
इसी दौरान ट्रंप की ‘पाकिस्तान प्रेम’ पॉलिसी दिखी. पाकिस्तान के सेना प्रमुख मुनीर हाल में दो बार अमेरिका के दौरे पर जा चुके हैं. व्हाइट हाउस में वह ट्रंप के साथ लंच कर चुके हैं. ट्रंप ने भारत के साथ ‘टैरिफ’गीरी भी की. पहले भारत से अमेरिका निर्यात होने वाले सामानों पर 25% टैरिफ था जिसे ट्रंप ने बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया. यहां पर नोट करने वाली बात ये है कि ये भारत-रूस तेल डील पर ट्रंप की ईर्ष्या थी.
लेकिन अब ट्रंप के भाव बदल रहे हैं. कल उन्होंने कहा था कि लगता है अमेरिका ने भारत को खो दिया. आज उन्होंने कहा कि पीएम मोदी मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं. पीएम मोदी ऐतिहासिक प्रधानमंत्री हैं. अब इस रुख पर ट्रंप कितने दिन कायम रहेंगे कहना मुश्किल है.
(टीवी9 ब्यूरो)
ट्रंप ने मोदी को महान PM और दोस्त कहा, 18 घंटे में ही कैसे बदले सुर? Inside Story
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