World News: ट्रंप पीछे हटे या रणनीति बदली? वेनेज़ुएला पर हमले की अटकलों के बीच अमेरिका का फैसला – INA NEWS

World News: ट्रंप पीछे हटे या रणनीति बदली? वेनेज़ुएला पर हमले की अटकलों के बीच अमेरिका का फैसला – INA NEWS

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि वेनेज़ुएला पर कोई हमला नहीं होने जा रहा. ट्रंप ने उन खबरों का खंडन किया है जिनमें कहा गया था कि अमेरिका वेनेज़ुएला पर सैन्य हमला करने की तैयारी कर रहा है.

हाल ही में कैरिबियाई क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक ताकतों में भारी इजाफे ने ऐसे कयासों को हवा दी थी कि ट्रंप प्रशासन वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाने के लिए कोई बड़ा कदम उठा सकता है. कई विश्लेषक मानते हैं कि ट्रंप ने यह बयान देकर फिलहाल हमले की अटकलों पर रोक जरूर लगा दी है, लेकिन असली रणनीति शायद कुछ और ही है.

वेनेजुएला हमारा निशाना नहीं है- ट्रंप

पिछले कुछ महीनों से ट्रंप प्रशासन दक्षिम अमेरिकी देशों में नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के नाम पर सैन्य कार्रवारई कर रहा है. अमेरिका का दावा है कि ये ऑपरेशन सिर्फ ड्रग माफियाओं के खिलाफ हैं लेकिन वेनेजुएला का मानना है कि ये उसके सरकार को अस्थिर करने की कोशिश है. ट्रंप ने हाल ही में कहा कि वेनेज़ुएला हमारा निशाना नहीं है, लेकिन कुछ दिनों पहले उन्होंने खुद संकेत दिया था कि ड्रग तस्करी से जुड़ी कार्रवाइयों का दायरा जल्द बढ़ाया जा सकता है. उनके इस बयान ने ही हमले की अटकलों को जन्म दिया था.

क्यों पलटे ट्रंप? दो बड़े दबाव

1. अमेरिकी कांग्रेस में बढ़ा विरोध:

अमेरिकी सीनेट की आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों नेताओं ने ट्रंप प्रशासन से पूछताछ की है कि इन सैन्य कार्रवाइयों का कानूनी आधार आखिर क्या है. सीनेटर रोजर विकर और जैक रीड का कहना है कि उन्होंने सितंबर और अक्टूबर में दो बार प्रशासन से लिखित जानकारी मांगी, लेकिन अब तक कोई ठोस जवाब नहीं मिला. इससे यह धारणा मजबूत हुई कि व्हाइट हाउस कुछ गुप्त एजेंडा पर काम कर रहा है, जिसे फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया गया.

2. अंतरराष्ट्रीय कानून पर उठे सवाल:

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त वोल्कर टुर्क ने अमेरिकी हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है. उनके अनुसार, सितंबर से अब तक कैरिबियाई और प्रशांत इलाकों में 60 से ज्यादा लोग अमेरिकी हमलों में मारे जा चुके हैं. टुर्क ने मांग की कि वॉशिंगटन तुरंत इन कार्रवाइयों को रोके और एक स्वतंत्र जांच कराए.

कैरिबियाई देशों में बढ़ी बेचैनी

ट्रिनिडाड एंड टोबैगो जैसे पड़ोसी देशों में भी माहौल गर्म है. वहां सेना को अलर्ट पर रखा गया है और सभी सैन्य अवकाश रद्द कर दिए गए हैं. स्थानीय मीडिया का कहना है कि सैनिकों को तुरंत बेस पर लौटने के आदेश मिले हैं. ट्रिनिडाड एंड टोबैगो लंबे समय से अमेरिका के एंटी-ड्रग अभियानों का समर्थन करता आया है, जबकि वेनेज़ुएला के साथ उसके रिश्ते ठंडे हैं. इसीलिए वेनेज़ुएला को डर है कि अमेरिकी कार्रवाई अप्रत्यक्ष रूप से उसके खिलाफ ही हो रही है.

नतीजा क्या निकलेगा?

हालांकि ट्रंप ने हमला न करने की बात कही है, पर कैरिबियाई सागर में बढ़ती सैन्य मौजूदगी किसी बड़े राजनीतिक इशारे से कम नहीं. सवाल यह है कि क्या वाकई ट्रंप मादुरो के तख्तापलट के विचार से पीछे हटे हैं, या यह सिर्फ एक नई रणनीति है?
फिलहाल, वॉशिंगटन चुप है, कराकस चिंतित, और दुनिया देख रही है कि यह समुद्री संघर्ष आखिर किस दिशा में जाता है.

ट्रंप पीछे हटे या रणनीति बदली? वेनेज़ुएला पर हमले की अटकलों के बीच अमेरिका का फैसला

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