World News: TTP- BLA से ज्यादा खतरनाक है पाकिस्तान ये पुराना आतंकी संगठन, इस्लामाबाद से पेशावर तक मचा रहा कोहराम – INA NEWS


पाकिस्तान में दहशत बढ़ती जा रही है. देश में आए दिन हमले की खबर सामने आती है. जहां अब तक बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने शहबाज सरकार की नींदें उड़ा रखी थी. वहीं अब एक और आतंकी समूह ने शहबाज सरकार की नाक में दम कर दिया है. जमात-उल-अहरार आतंकी समूह एक के बाद एक देश में तबाही मचा रहा है.
पाकिस्तान के पेशावर में सोमवार को अर्धसैनिक बल के मुख्यालय पर हमला हुआ. दो आत्मघाती बमबाजों ने हमला किया. पहले फायरिंग की फिर धमाका किया. इस हमले में तीन जवान मारे गए. हालांकि, 3 हमलावरों को भी मार गिराया गया. इस अटैक की जमात-उल-अहरार ने जिम्मेदारी ली.
कोर्ट के बाहर मचाई तबाही
इससे पहले 11 नवंबर को इस्लामाबाद में जिला कोर्ट के बाहर घातक हमला हुआ था. यह एक आत्मघाती हमला था. अदालत के गेट के पास खड़ी एक पुलिस कार के बगल में विस्फोट किया. इस हमले में कम से कम 12 लोग मारे गए और 27 से ज्यादा लोग घायल हुए.
क्या है जमात-उल-अहरार?
इस हमले के बाद पाकिस्तानी तालिबान से अलग हुए गुट जमात-उल-अहरार ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया. जहां यह समूह देश में आतंक मचा रहा है. वहीं, इसकी जड़ें टीटीपी से ही जुड़ी है. यह टीटीपी से अलग होकर बना एक आतंकवादी समूह है, जिसका आधार अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत के लालपुरा क्षेत्र में है.
इसे अगस्त 2014 में पूर्व TTP नेता अब्दुल वली ने बनाया था. यह आतंकी संगठन उस समय बना जब टीटीपी के मोहमान एजेंसी वाले गुट और अहरार-उल-हिंद नामक संगठन का आपस में विलय हुआ. उमर मुकर्रम खुरासानी ग्रुप का लीडर है. इसके ज्यादातर कमांडर और सदस्य पाकिस्तान के फेडरली एडमिनिस्ट्रेटेड ट्राइबल एरिया (FATA) के महमंद एजेंसी से आते हैं. पाकिस्तान की ऑपरेशन ज़र्ब-ए-अज़्ब (2014) के बाद यह समूह बिखर गया था. लेकिन, इसके बचे हुए सदस्य आज भी पाकिस्तान के अंदर आतंकी हमले करते रहते हैं.
कब-कब फैलाया आतंक?
- 2 नवंबर 2014 को, भारत से लगी पाकिस्तान की सीमा पर स्थित वाघा कस्टम पोस्ट पर आत्मघाती हमला, जिसमें 60 लोग मारे गए और 100 घायल हुए.
- 7 नवंबर 2014 को बम विस्फोट हुआ, जिसमें 6 लोग मारे गए.
- 15 मार्च 2015 को लाहौर के योहनाबाद चर्च पर हमला, जिसमें 15 लोगों की मौत हुई.
- 27 मार्च 2015 को ईस्टर संडे के दिन लाहौर के एक बच्चों के पार्क में हमला, जिसमें 72 लोग मारे गए और 320 घायल हुए.
- 1 मार्च 2016 को संगार क्षेत्र में अमेरिका की ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DEA) टीम को ले जा रहे वाहन पर IED हमला हुआ, जिसमें पेशावर स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के 2 कर्मचारी मारे गए.
- 15 मार्च 2016 को शबकादर (चरसद्दा) जिला अदालत पर बम हमला, जिसमें 14 लोग मारे गए और 52 घायल हुए.
- 2 सितंबर 2016 को पेशावर की वरसाक कॉलोनी में बम हमला, जिसमें 5 लोग मारे गए.
- 13 फरवरी 2017 को लाहौर में हमला, जिसमें 13 लोग मारे गए और 50 से अधिक घायल हुए.
- JuA ने कई आतंकवादी हमलों की जिम्मेदारी ली है, जिनमें 13 फरवरी 2017 को लाहौर का हमला भी शामिल है.
मारा गया था फाउंडर
ओमर खालिद खुरासानी जिसका असली नाम अब्दुल वली मोहामंद था. उसने इस आतंकी समूह को बनाया था. वो एक पूर्व पत्रकार और कवि था और जिन्होंने पाकिस्तान के कराची में कई मदरसों में पढ़ाई की थी, पहले अफगानिस्तान की सीमा से लगे मोहामंद एजेंसी में टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) का नेतृत्व करता था.
ओमर और मोहामंद एजेंसी के अधिकतर टीटीपी सदस्यों ने 2014 में टीटीपी से अलग होकर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान जमात-ए-अहरार (TTP-JA) नाम का एक अलग गुट बना लिया था.
ओमर खालिद खुरासानी की 7 अगस्त 2022 को अफगानिस्तान में एक सड़क किनारे बम धमाके में मौत हो गई थी. जिस कार में ओमर सवार था, वो अफगानिस्तान के पूर्वी पकटिका प्रांत में बर्मल जिले के पास हमले का शिकार हुई. इस हमले में ओमर और उसके संगठन के दो अन्य सदस्य मारे गए थे.
TTP- BLA से ज्यादा खतरनाक है पाकिस्तान ये पुराना आतंकी संगठन, इस्लामाबाद से पेशावर तक मचा रहा कोहराम
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