World News: US: कौन हैं वो मुस्लिम नेता जिसे चुनाव में भारत-पाकिस्तान का मिल रहा स्पोर्ट – INA NEWS


न्यूयॉर्क सिटी के मेयर चुनाव में भारतीय मूल के डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जोहरान ममदानी सुर्खियों में बने हुए हैं. लेकिन सिर्फ ममदानी ही नहीं बल्कि एक और डेमोक्रेट, गजाला हाशमी, जो हैदराबाद में पैदा हुई थीं, वो भी अमेरिका में सुर्खियां बटोर रही हैं. वो वर्जीनिया में लेफ्टिनेंट गवर्नर के पद की दौड़ में दक्षिण एशियाई मतदाताओं जिनमें पाकिस्तानी मूल के लोग भी शामिल हैं उनके वोट को हासिल करने की कोशिश कर रही हैं.
हाल के सर्वे के मुताबिक हाशमी अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी जॉन रीड पर बढ़त बनाई हुई हैं. हाशमी, जो चार साल की उम्र में अपनी मां और बड़े भाई के साथ अमेरिका चली गई थीं, उनका वर्जीनिया की राजनीति में लंबे समय से प्रभाव रहा है. भारत में जन्मी यह डेमोक्रेट नेता वर्तमान में वर्जीनिया में राज्य सीनेटर हैं. चुनाव में हाशमी को न सिर्फ भारतीयों बल्कि पाकिस्तानियों का भी जमकर स्पोर्ट मिल रहा है.
भारत-PAK का मिल रहा स्पोर्ट
हाशमी का चुनाव अभियान शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और प्रवासियों के प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दों पर केंद्रित है, जो भारतीय और पाकिस्तानी-अमेरिकी समुदायों दोनों के साथ गूंजता है. सामुदायिक नेताओं का कहना है कि दक्षिण एशियाई समुदायों के साथ उनके गहरे संबंध और सबको शामिल करने वाली स्ट्रेटेजी ने उन्हें व्यापक समर्थन दिलाने में मदद की है. वर्जीनिया के अगले लेफ्टिनेंट गवर्नर के चुनाव 4 नवंबर को होंगे.
क्या हैं चुनाव के मुद्दे
गजाला हाशमी की अभियान वेबसाइट के अनुसार, उनके अन्य प्रमुख मुद्दों में सार्वजनिक शिक्षा, मतदान अधिकार, बंदूक हिंसा की रोकथाम, जलवायु परिवर्तन, आवास और सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच शामिल हैं. वो लोकतंत्र के संरक्षण को भी बहुत महत्व देती हैं. उनका अभियान न्यूयॉर्क सिटी में जोहरान ममदानी के अभियान से काफी मेल खाता है, जो नवंबर चुनाव के लिए लड़ रहे हैं.
हाशमी के रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी जॉन रीड एक लोकप्रिय, रूढ़िवादी टॉक शो होस्ट हैं. वॉशिंगटन पोस्ट के सर्वे के अनुसार, हाशमी रीड से 7 अंकों की बढ़त बनाए हुए हैं.
हाशमी ने 6 अक्टूबर को एक्स पर पोस्ट करके कहा, वर्जीनिया के मजदूर जानते हैं कि उनके लिए कोई भी मुझसे ज्यादा मेहनत नहीं कर रहा. लेफ्टिनेंट गवर्नर के रूप में, मैं मजदूरों की तनख्वाह बढ़ाने, सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं की रक्षा करने और सभी परिवारों के लिए अवसर पैदा करने की लड़ाई जारी रखूंगी.
पाकिस्तानियों का मिला जमकर समर्थन
पाकिस्तानी मूल के फैज रहमान ने डॉन से कहा, उनका भारतीय मूल होना हमारे लिए कोई मायने नहीं रखता. उन्होंने आगे कहा, अमेरिका में रहने वाले पाकिस्तानियों को समझना चाहिए कि व्यावहारिक रूप से वे अब अमेरिकी हैं. उनका पाकिस्तान से लगाव सिर्फ भावनात्मक है. वहीं, दूसरी तरफ दुकानदार कुलदीप सिंह ने भी इसी तरह की भावना व्यक्त की. उन्होंने कहा, यह समर्थन इसलिए नहीं कि वो भारतीय हैं. मैं उन्हें वोट दूंगा क्योंकि वो डेमोक्रेट हैं और डेमोक्रेट्स प्रवासियों के लिए अच्छे होते हैं.
हाशमी का चुनावी सफर
61 वर्षीय हाशमी ने जून में लेफ्टिनेंट गवर्नर के लिए डेमोक्रेटिक नामांकन जीता था, जिसमें उन्होंने 5 अन्य उम्मीदवारों को हराया. हाशमी ने 2019 में इतिहास रचा था जब वो वर्जीनिया सीनेट के लिए चुनी जाने वाली पहली मुस्लिम और पहली दक्षिण एशियाई अमेरिकी बनीं, जैसा कि द अमेरिकन बाजार ने बताया.
कौन हैं गजाला हाशमी
गजाला हाशमी का जन्म 1964 में हैदराबाद में हुआ था, जबकि उनके पुश्तैनी रिश्ते कराची (जो अब पाकिस्तान में है) से जुड़े हैं. हाशमी 4 साल की उम्र में अपने परिवार के साथ भारत से अमेरिका चली गईं. उन्होंने जॉर्जिया के एक छोटे शहर में परवरिश पाई.
उन्होंने जॉर्जिया सदर्न यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी में ग्रेजुएशन (BA) और एमोरी यूनिवर्सिटी से पीएचडी की डिग्री हासिल की. फॉक्स न्यूज हाशमी और उनके पति अजहर 1991 में रिचमंड क्षेत्र में बस गए, जहां वो अब भी रहते हैं. वर्जीनिया स्टेट सीनेट की सदस्य बनने से पहले, हाशमी ने लगभग तीन दशकों तक यूनिवर्सिटी ऑफ रिचमंड और रेनॉल्ड्स कम्युनिटी कॉलेज में प्रोफेसर के रूप में कार्य किया.
अपने पहले ही प्रयास में, डेमोक्रेट हाशमी ने वर्जीनिया के 10वें सीनेट जिले में रिपब्लिकन सासंद ग्लेन स्टर्टेवेंट को हराया था, जिससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली. अब पाकिस्तानी और भारतीय समुदायों सहित अन्य प्रवासी समुदाय भी उत्सुकता से देख रहे हैं कि क्या वह वर्जीनिया की पहली मुस्लिम और एशियाई-अमेरिकी लेफ्टिनेंट गवर्नर बनेंगी.
US: कौन हैं वो मुस्लिम नेता जिसे चुनाव में भारत-पाकिस्तान का मिल रहा स्पोर्ट
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