World News: हम आपके बारे में सोच रहे हैं… न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने उमर खालिद को लिखा लेटर – INA NEWS


भारतीय मूल के जोहरान ममदानी ने गुरुवार को न्यूयॉर्क के मेयर पद की शपथ ली. इसी के बाद अब न्यूयॉर्क के मेयर ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के पूर्व छात्र और सोशल एक्टिविस्ट उमर खालिद को एक पत्र लिखा है. यह लेटर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. उमर खालिद इस समय भारत के कड़े गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं.
यह पत्र गुरुवार को सोशल मीडिया पर सामने आया, उसी दिन जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क सिटी के मेयर के रूप में शपथ ली. इस शपथ के साथ ही वो अमेरिका के सबसे बड़े शहर का नेतृत्व करने वाले पहले मुस्लिम और भारतीय मूल के नेता बन गए हैं. इसी बीच लंबे समय से जेल में बंद उमर खालिद को उन्होंने पत्र लिखकर कहा है कि हम तुम्हारे बारे में सोच रहे हैं.
पत्र में क्या-क्या कहा?
इस पत्र में तारीख नहीं लिखी है. इस पत्र में ममदानी ने उमर खालिद के परिवार के सदस्यों से हुई मुलाकात का जिक्र किया है. उन्होंने पत्र में लिखा, डियर उमर, मैं अक्सर कड़वाहट पर आपके शब्दों के बारे में सोचता हूं और इस बात की अहमियत को याद करता हूं कि उसे खुद पर हावी न होने दिया जाए. उन्होंने आगे कहा, आपके माता-पिता से मिलकर बहुत अच्छा लगा. हम सभी आपके बारे में सोच रहे हैं.
ममदानी का पत्र ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका के 8 सांसदों ने भी उमर खालिद को लेकर मामला उठाया है. अमेरिका के 8 सांसदों ने भी वॉशिंगटन में भारतीय राजदूत को पत्र लिखकर सामाजिक कार्यकर्ता उमर खालिद की लगातार हिरासत को लेकर नई दिल्ली पर दबाव डाला है.
ममदानी पहले भी कर चुके उमर खालिद का जिक्र
ममदानी इससे पहले भी कई मौकों पर उमर खालिद के बारे में सार्वजनिक रूप से बात कर चुके हैं. जून 2023 में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा से पहले न्यूयॉर्क में आयोजित Howdy, Democracy?! कार्यक्रम के दौरान ममदानी ने उमर खालिद की जेल से लिखी गई रचनाओं के अंश पढ़े थे.
उस समय ममदानी — जो तब न्यूयॉर्क स्टेट असेंबली के सदस्य थे उन्होंने लोगों से कहा था, मैं उमर खालिद का एक पत्र पढ़ने जा रहा हूं, जो दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के एक विद्वान और पूर्व छात्र कार्यकर्ता हैं. उन्होंने लिंचिंग और नफरत के खिलाफ एक अभियान चलाया था. उन्हें गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत 1,000 दिनों से ज्यादा समय से जेल में रखा गया है और अब तक उनका मुकदमा शुरू नहीं हुआ है.
2020 से जेल में बंद
38 साल के उमर खालिद को सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया गया था और उन पर भारतीय दंड संहिता और यूएपीए के तहत कई आरोप लगाए गए हैं. दिल्ली की अदालत ने उन्हें नियमित जमानत देने से बार-बार इनकार किया है. हालांकि, पारिवारिक कारणों से उन्हें कुछ बार अल्पकालिक अंतरिम जमानत दी गई है. हाल ही में, दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें 16 दिसंबर से 29 दिसंबर तक अपनी बहन की शादी में शामिल होने के लिए अस्थायी जमानत दी थी, जिसमें सख्त शर्तें लगाई गई थीं, जैसे बोलने पर रोक (गैग ऑर्डर) और सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर प्रतिबंध.
हम आपके बारे में सोच रहे हैं… न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने उमर खालिद को लिखा लेटर
[ad_2]
देश दुनियां की खबरें पाने के लिए ग्रुप से जुड़ें,
[ad_1]
#INA #INA_NEWS #INANEWSAGENCY
Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,










