World News: बांग्लादेश में महिलाओं का क्या हाल? जानें चुनाव में कितनी महिला उम्मीदवार – INA NEWS

पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश में पहली बार 12 फरवरी को आम चुनाव है. जुलाई चार्टर पर रेफरेंडम भी उसी दिन होगा. चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों ने प्रचार शुरू कर दिया है. चुनाव के दौरान अल्पसंख्यकों पर हमले और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

इस चुनाव में विभिन्न राजनीतिक पार्टियों और निर्दलीय 1,981 उम्मीवार चुनावी मैदान में हैं, लेकिन, उनमें से सिर्फ 78 महिलाएं हैं. यदि प्रतिशत के हिसाब से देखें तो कुल महिला उम्मीदवार का प्रतिशत सिर्फ 3.93 हैं. इन 78 महिलाओं में से 61 महिलाओं को 30 राजनीतिक पार्टियों उतारा है, बाकी निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रही हैं.

लेकिन, उनमें से कई महिलाएं राजनीतिक परिवारों से हैं. कुछ के परिवार राजनीति में हैं, लेकिन चुनाव इतनी कम महिला उम्मीदवार होने पर सवाल उठ रहे हैं. सिर्फ महिलाएं ही नहीं, बल्कि अल्पसंख्यक महिलाओं की संख्या भी बहुत ज्यादा नहीं है.

बांग्लादेश चुनाव में कम महिला उम्मीदवार

बांग्लादेश की लगभग आधी आबादी महिलाओं की है. इस हिसाब से, चुनाव लड़ने वालों की संख्या बहुत कम है. कई लोगों के मुताबिक, डेढ़ साल पहले भी, जिस देश में एक महिला प्रधानमंत्री (शेख हसीना) थीं, वहां राजनीति या चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चुनाव में जेंडर भेदभाव की तस्वीर साफ है.

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राजनीतिक विश्लेषकों का दावा है कि यह न केवल पुरुष-प्रधान है, बल्कि बांग्लादेशी राजनीति में परिवारवाद का असर भी काफी है. 61 महिला उम्मीदवारों में से एक-तिहाई राजनीतिक परिवारों से हैं. कई लोगों के मुताबिक, उनमें से कई महिला उम्मीदवार चुनावों में अच्छा कर सकती हैं.

डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार बांग्लादेश के चुनाव आयोग की पूर्व सदस्य जैस्मीन टुली ने कहा, “राजनीतिक क्षेत्र में जमीनी स्तर से लेकर शीर्ष तक लड़ने वाली महिलाओं की संख्या कम है. बांग्लादेश में मध्यम-वर्गीय परिवार महिलाओं को राजनीति में आने के लिए प्रोत्साहित नहीं करते हैं.

इन पार्टियों ने एक भी महिला को नहीं बनाया उम्मीदवार

बांग्लादेश में जमात-ए-इस्लामी, इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश, बांग्लादेश खिलाफत मजलिस, बांग्लादेश इस्लामिक फ्रंट और लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) समेत कई राजनीतिक पार्टियों ने कोई महिला उम्मीदवार नहीं दिया है.

बीएनपी और बांग्लादेश समाजवादी दल (मार्क्सिस्ट) ने 10-10 महिला उम्मीदवार उतारे हैं. हालांकि, ये सभी 10 किसी बीएनपी नेता के परिवार की सदस्य हैं. जातीय पार्टी ने आने वाले चुनावों में छह महिला उम्मीदवार उतारे हैं.

दूसरी ओर, बांग्लादेश चुनावों में धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यक समुदायों के कुल 80 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं. कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ बांग्लादेश (CPB) ने पॉलिटिकल पार्टियों में सबसे ज्यादा अल्पसंख्यक उम्मीदवार उतारे हैं.

चुनाव से पहले अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा पर चिंता

17 अल्पसंख्यक उम्मीदवार उनके सिंबल पर चुनाव लड़ रहे हैं. 80 अल्पसंख्यक उम्मीदवारोें में से 10 महिलाएं हैं. हाल में बांग्लादेश में यूनुस सरकार के दौरान अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा बढ़ी है.

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अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के मद्देनजर अल्पसंख्यक समुदाय ने आशंका जताई है कि जिस तरह से उनके खिलाफ बयानबाजी किये जा रहे हैं. उससे उनमें भय और डर पैदा हुआ है. ऐसे में वे लोग मतदान केंद्र तक जा पाएंगे या नहीं. इसे लेकर संदेह है.

इसी तरह से अमेरिका ने भी बांग्लादेश में रहने वाले नागरिकों के लिए अलर्ट जारी किया है और आशंका जताई है कि चुनाव के दौरान हिंसा हो सकती है और कट्टरपंथी हमले कर सकते हैं. इस बाबत अमेरिका की ओर से एक गाइडलाइन भी जारी की गयी है.

बांग्लादेश में महिलाओं का क्या हाल? जानें चुनाव में कितनी महिला उम्मीदवार


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