World News: यूक्रेन से रोक देंगे जंग पर क्या है व्लादिमीर पुतिन की पांच बड़ी शर्त? – INA NEWS

World News: यूक्रेन से रोक देंगे जंग पर क्या है व्लादिमीर पुतिन की पांच बड़ी शर्त? – INA NEWS

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अलास्का में मीटिंग की. दोनों ने यूक्रेन जंग को लेकर करीब 3 घंटे तक बंद कमरे में बातचीत की. हालांकि मीटिंग के बाद भी युद्ध विराम की घोषणा नहीं हुई. मीटिंग के बाद दोनों नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें पत्रकारों के किसी सवालों का जवाब नहीं दिया. ट्रम्प ने कहा कि बातचीत सकारात्मक रही. कुछ मुद्दों पर सहमति नहीं बनी है. हालांकि यह नहीं बताया कि उनके बीच किस-किस बात पर सहमति बनी है. पुतिन ने कहा कि उनके लिए रूस की सुरक्षा जरूरी है.

ट्रंप ने कहा कि बातचीत में यूक्रेन युद्ध पर कोई समझौता नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि वह अगली बार नाटो और यूक्रेन से बात करेंगे. पुतिन ने भी बातचीत को सकारात्मक बताया. उन्होंने यूक्रेन और यूरोपीय नेताओं को कूटनीतिक डेवलपमेंट में रुकावट न डालने की चेतावनी दी.

फरवरी 2022 से जारी जंग को पुतिन अपनी शर्तों पर रोकना चाहते हैं. आइए जानते है उनकी 5 बड़ी शर्तें

1. मेरी कंडीशन पर बात होगी

पुतिन चाहते हैं कि यूक्रेन से जंग रोकने के लिए उनकी शर्तों पर बात हो. रूस चाहता है कि जंग खत्म होने के बाद यूक्रेन की विदेश और रक्षा रणनीति उसके मुताबिक हो ताकि यूक्रेन बाद में उसके लिए किसी भी तरह का खतरा न बन सके.

2. कब्जे वाली सारी जमीन चाहिए

रूस ने यूक्रेन के लुहान्सक, जपोरिजिया, खेरसन, क्रीमिया और डोनेट्स्क को कब्जे में ले लिया है. ये सभी इलाके यूक्रेन के कुल क्षेत्रफल का 22%है. अब रूस इन इलाकों को वापस नहीं करना चाहता. पुतिन जंग रोकने के लिए एक इंच भी जमीन छोड़ने को तैयार नहीं हैं.

3. यूक्रेन को नाटो की सदस्यता न मिले

रूस की मांग है कि यूक्रेन नाटो या किसी भी तरह के पश्चिमी सैन्य गठबंधन से दूरी बनाकर रखे. यूक्रेन की जमीन का इस्तेमाल नाटो के बेस के तौर पर नहीं होना चाहिए. रूस पाइपलाइन के जरिए 2021 में में कुल 40% नेचुरल गैस एक्सपोर्ट करता था, जो अब घटकर 11% तक आ गया है.

4. प्रतिबंध हटाए जाएं

रूस की शर्त है कि पश्चिमी देशों की ओर से उस पर लगाए सभी आर्थिक, राजनीतिक प्रतिबंध हटाए जाए. फ्रीज किए गए 25 लाख करोड़ के रूसी सॉवरेन फंड और संपत्तियां लौटाई जाएं. रूसी बैंकों के लिए विदेश से पैसे भेजना और रिसीव करना और भी कठिन हो गया है। जंग शुरू होने के तुरंत बाद ही अमेरिका, यूरोपीय यूनियन, ब्रिटेन और कनाडा ने कुछ रूसी बैंकों को स्विफ्ट मैसेजिंग सर्विस से बैन कर दिया था. यह एक हाई सिक्योरिटी नेटवर्क है, जो दुनिया भर के हजारों वित्तीय संस्थानों को जोड़ता है.

5. नई डील हो

फरवरी 2022 में जंग की शुरुआत के बाद हजार से ज्यादा पश्चिमी कंपनियों ने रूस छोड़ दिया. इनमें एप्पल, गोल्डमैन सैक्स और मास्टरकार्ड जैसी कंपनियां भी शामिल हैं. रूस में बिजनेस करना अब कठिन हो गया है. रूस अमेरिका और पश्चिमी देश के साथ नई डील करना चाहता है, ताकि उसकी इकोनॉमी को बूस्ट मिले. इनमें ट्रेड डील भी शामिल है.

यूक्रेन से रोक देंगे जंग पर क्या है व्लादिमीर पुतिन की पांच बड़ी शर्त?

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