World News: हादी के मर्डर से बेनकाब हुए तो बदल दिया पैंतरा, बांग्लादेश में हिंसा पर यूनुस की नई चाल – INA NEWS

World News: हादी के मर्डर से बेनकाब हुए तो बदल दिया पैंतरा, बांग्लादेश में हिंसा पर यूनुस की नई चाल – INA NEWS

बांग्लादेश के कट्टरपंथी युवा नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश हिंसा की आग में जल रहा है. अल्पसंख्यकों और हिंदुओं पर हमले ने यूनुस सरकार की दुनिया भर में पोल खोल दी है. बांग्लादेश में 12 फरवरी को जातीय संसद के चुनाव हैं. इससे पहले बीएनपी के एक्टिव चेयरमैन तारिक रहमान की वापसी और कार्यकर्ताओं के उत्साह से यूनुस सरकार बैकफुट पर है और रविवार को यूनुस सरकार ने ऐलान किया है कि हादी की हत्या का ट्रायल अंतरिम सरकार के कार्यकाल में पूरा हो जाएगा. इसके साथ ही यूनुस सरकार की ओर से एक बयान जारी कर हिंदुओं के खिलाफ हो रहे हमले को खारिज कर दिया और भारत की चिंता को बकवास करार दिया है.

हादी की हत्या की जांच को लेकर यूनुस सरकार असहज है. बांग्लादेश पुलिस और जांच एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं. हादी का संगठन इंकलाब मंच लगातार यूनुस पर दबाव बना रहा है. ऐसे में अंतरिम सरकार ने नई चाल चली है.

रविवार दोपहर को अंतरिम सरकार के गृह मामलों के सलाहकार जहांगीर आलम चौधरी ने कहा, “हादी की हत्या का ट्रायल इस मौजूदा अंतरिम सरकार के कार्यकाल में पूरा हो जाएगा.” बांग्लादेश में 12 फरवरी को चुनाव हैं. उसके बाद बांग्लादेश का शासन चुनी हुई सरकार के हाथ में चला जाएगा. जहांगीर ने दावा किया कि बांग्लादेश में नई सरकार आने से पहले अंतरिम सरकार हादी की हत्या के ट्रायल की प्रक्रिया पूरी कर लेगी.

10 दिनों में दाखिल कर देंगे चार्जशीट, यूनुस सरकार का दावा

बांग्लादेश के गृह मामलों के सलाहकार के मुताबिक, जांच प्रक्रिया अभी अपने आखिरी दौर में है. उन्होंने कहा कि अगले 10 दिनों में, यानी 7 जनवरी को चार्जशीट जमा कर दी जाएगी. हम सभी से सब्र रखने की रिक्वेस्ट करते हैं. हम बहुत जल्द इस मर्डर की मेन मिस्ट्री से पर्दा उठा देंगे. हम इसमें शामिल लोगों की पूरी लिस्ट भी पब्लिक के सामने लाएंगे, जिसमें उनके नाम और पते होंगे.”

जहांगीर आलम चौधरी ने कहा कि उस्मान हादी की हत्या की जांच में काफी प्रोग्रेस हुई है. जांच के लिए और असली अपराधियों और सपोर्टर्स की पहचान करने के लिए अभी सब कुछ नहीं बताया जा सकता. हालांकि, घटना में शामिल सभी लोगों के नाम पब्लिक किए जाएंगे.

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होम अफेयर्स एडवाइजर ने कहा, अलग-अलग पॉलिटिकल पार्टियों के कुछ नेता और वर्कर बिना अच्छी तरह जाने-समझे अपनी पार्टियों में फासीवादी साथियों, आतंकवादियों और बदमाशों को जगह दे रहे हैं. मैं पॉलिटिकल पार्टियों के नेताओं से रिक्वेस्ट करना चाहूंगा कि वे इन लोगों से सावधान रहें. पार्टी के अंदर छिपे मौकापरस्त, मौकापरस्त और करप्ट लोगों को पहचानें. उनसे दूर रहें.

इकबाल मंच ने 30 दिनों में ट्रायल पूरा करने की मांग की

होम अफेयर्स एडवाइजर ने कहा कि पुलिस, BGB (बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश), RAB और दूसरी इंटेलिजेंस एजेंसियां ​​असली फैक्ट्स सामने लाने के लिए मिलकर काम कर रही हैं. इस केस में 10 दिन में चार्जशीट जमा करना मुमकिन होगा. इसके अलावा, जहांगीर आलम चौधरी ने कहा कि 26 दिसंबर को साउथ केरानीगंज के हसनाबाद हाउसिंग एरिया में मदरसा बिल्डिंग में हुए धमाके में RAB ने मौके से 5-6 कॉकटेल, हाइड्रोजन पेरोक्साइड के 12 ड्रम, दूसरे केमिकल के 7 ड्रम, 3 किताबें और स्प्लिंटर्स बरामद किए.

हालांकि, इंकलाब मंच इस ऐलान से खुश नहीं है. हादी का संगठन चाहता है कि ट्रायल 30 दिनों के अंदर पूरा हो जाए. साथ ही, उन्होंने होम और लीगल एडवाइजर के इस्तीफे की भी मांग की है.

दूसरी ओर, इस हत्याकांड से लोगों को ध्यान भटकाने के लिए यूनुस सरकार भारत को घेरने की कोशिश कर रहा है और दावा किया गया था कि हादी के दो हत्यारे भारत में प्रवेश कर गये हैं, लेकिन मेघालय में सिक्योरिटी एजेंसियों ने रविवार को बांग्लादेश पुलिस के इस दावे को खारिज कर दिया कि इंकलाब मोन्चो के लीडर शरीफ उस्मान हादी के हत्यारे राज्य में घुस आए हैं.

यूनुस सरकार का झूठ हुआ बेनकाब

मेघालय में BSF चीफ, इंस्पेक्टर जनरल ओ पी ओपाध्याय ने कहा कि ये दावे बेबुनियाद और गुमराह करने वाले हैं. ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के एक टॉप ऑफिसर ने दिन में पहले कहा था कि हादी मर्डर केस के दो मुख्य संदिग्ध “लोकल साथियों की मदद से” हलुआघाट बॉर्डर के रास्ते मेघालय में घुस आए हैं.

ओपी उपाध्याय ने पीटीआई से कहा,, “इस बात का कोई सबूत नहीं है कि कोई भी व्यक्ति हलुआघाट सेक्टर से इंटरनेशनल बॉर्डर पार करके मेघालय आया है. BSF को न तो ऐसी किसी घटना का पता चला है और न ही ऐसी कोई रिपोर्ट मिली है.” उन्होंने कहा कि फैलाए जा रहे दावे बेबुनियाद और गुमराह करने वाले हैं.

मेघालय के एक सीनियर पुलिस ऑफिसर ने यह भी कहा कि गारो हिल्स इलाके में संदिग्धों की मौजूदगी के दावे को साबित करने के लिए “कोई इनपुट या इंटेलिजेंस” नहीं थी. अधिकारी ने कहा कि लोकल पुलिस यूनिट्स को ऐसी कोई मूवमेंट नहीं मिली है और सेंट्रल एजेंसियों के साथ कोऑर्डिनेशन जारी है.

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हादी के मर्डर से बेनकाब हुए तो बदल दिया पैंतरा, बांग्लादेश में हिंसा पर यूनुस की नई चाल

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